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राजनीति के भंवर मे एफडीआई

राजीव गुप्ता अपनी जुगाड-राजनीति के लिये प्रसिद्ध यू.पी.ए. – 2 सरकार वर्तमान समय मे अपने कार्यकाल के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के ऐलान के साथ कि एफडीआई मुद्दे पर संसद मे नियम 184 के तहत चर्चा होगी. परिणामत: एफडीआई पर आखिरकार सरकार का रुख नरम पड़ा और संसद [...]

कैंसर से जूझते हुए शावेज़!!! …शावेज़… शावेज़ यहां से वहां तक…शावेज़

मोहन श्रोत्रिय देखें, एक मशाल लगातार जल रही है, वेनेज़ुएला में, जो लातिनी अमरीका को ही नहीं पूरी दुनिया को प्रेरित कर रही है. विश्व पूंजीवाद को झन्नाटेदार तमाचा मार सकता है एक छोटा-सा देश, यह साक्ष्य क्यूबा के बाद इतने प्रचंड रूप में यहां ही प्रस्तुत हुआ है. जिगर में जोश जगाओ, भारतीय वामपंथियो, [...]

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मुलायम बचा रहे हैं एसटीऍफ़ और आईबी अधिकारियों को !

निमेष आयोग की रिपोर्ट को न जारी कर मुलायम एसटीएफ और आईबी के अधिकारियों को बचाने की फिराक में – रिहाई मंच संविधान के खिलाफ सांप्रदायिक टिप्पणी करने वाले खुफिया अधिकारियों को तत्काल निलंबित करे सरकार बेगुनाहों की रिहाई के वादे पर स्थिति स्पष्ट करें अखिलेश – रिहाई मंच लखनऊ 6 अक्टूबर 2012/ आतंकवाद के [...]

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सरकारी तम्बू में विचारों की टकराहट के लिए कोई जगह नहीं होती

भाषा में असत्य प्रेम फासिज्म की कला है। मनमोहन सरकार के हिन्दी विद्वेष के कारण हिन्दी के 6 प्रोफेसर पद खत्म कर दिए गए जगदीश्वर चतुर्वेदी जोहांनसबर्ग में 9वां विश्व हिन्दी सम्मेलन, एक औपचारिक प्रस्ताव पास करके कि हिन्दी को यूएनओ की भाषा बनाया जाय, समाप्त हो गया है। सवाल यह है कि इस तरह [...]

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बाटला हाउस फर्जी मुठभेड पर संसद में चुप्पी से अपने साम्प्रदायिक चेहरे को उजागर किया है सपा ने

आतंकवाद के नाम पर कैद निर्दोषों का रिहाई मंच सम्पर्क- लाटूश रोड लखनऊ लखनऊ 16 सितम्बर/ आतंकवाद के नाम पर कैद निर्दोषों का रिहाई मंच 19 सितम्बर को बाटला हाउस फर्जी मुठभेड के चाथी बरसी पर कांग्रेस, सपा और खुफिया एंजेसियों की साम्प्रदायिकता के खिलाफ सम्मेलन करेगा। रिहाई मंच के मोहम्मद शुएब, शाहनवाज आलम और [...]

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घटिया कार्टून बना कर भगत सिंह हो गया असीम त्रिवेदी?

तेजवानी गिरधर कैसी विडंबना है कि देशभक्ति की मौजूदा लहर में एक कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश के राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के साथ अपमानजनक छेड़छाड़ करता है और इस कृत्य की बिना पर महान क्रांतिकारी व देशभक्त भगत सिंह से अपनी तुलना करता है। और उससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण है [...]

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सोनभद्र : स्थानीय स्तर पर पत्रकार भी शामिल हैं अवैध खनन के कारोबार में

27 फरवरी, 2012 खनन हादसा बिल्ली मारकुण्डी, सोनभद्र जांच दल की रिपोर्ट (जांच टीम सदस्य- संदीप पांडेय सामाजिक कार्यकर्ता- लखनऊ, रोमा एवं शांता भट्टाचार्य राष्ट्रीय वनजन श्रमजीवी मंच, विजय विनीत पत्रकार, रमाशंकर सदस्य कैमूर क्षेत्र मजदूर महिला किसान संघर्ष समिति, जय शंकर पाण्डेय, सामाजिक कार्यकर्ता- चंदौली ) जांच दल द्वारा 5 अप्रैल 2012 को उत्तरप्रदेश [...]

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सियासत का असली अखाडा बन गया है टी.वी का पर्दा

आनंद प्रधान साउंडबाईट पत्रकारिता की सीमाएं कोयला खदानों के आवंटन में धांधली पर सी.ए.जी की रिपोर्ट और उसपर संसद में मचे हंगामे के बाद से देश भर में कोयला घोटाला न्यूज मीडिया की सुर्ख़ियों में है. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष ने संसद के मॉनसून सत्र को ठप्प कर [...]

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मेरा काम हरामखोर सरकारी नौकरों के लिये लड़ना तो नहीं ?

शमशाद इलाही “शम्स”   क्या बात है, सत्ता के खेल देखो, एक बार फ़िर पूरा देश आरक्षण के पक्ष अथवा विपक्ष में उलझा जा रहा है, पद्दोन्नतियों में कोटा को लेकर सत्ताबाज़ों ने फ़िर सुर्रा छोड़ दिया.. एक आध गोस्वामी नाम का अफ़सर खुद में आग लगाने ही वाला होगा, फ़िर मीडिया उसका खेल घर [...]

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मनमोहन के आर्थिक उदारीकरण का जो चाबुक प्रणव मुखर्जी ने चलाया है, कैसे मान लें कि वह एक अच्छे राष्ट्रपति भी साबित होंगे?

दयानंद पांडेय कभी अध्यापक और फिर पत्रकार भी रहे प्रणव मुखर्जी अपनी सारी विद्वता और विनम्रता के बावजूद जिस तरह इन दिनों लगातार झुकने का रिकार्ड बनाए जा रहे हैं, वह एक निष्पक्ष राष्ट्रपति भी बन कर दिखाएंगे, मन में संदेह खड़ा करता है। क्यों कि आज कल जिस तरह वह लगातार झुक रहे हैं, [...]

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संघ को आखिर तकलीफ क्या है वसुंधरा मेडम से?

तेजवानी गिरधर प्रदेश भाजपा में मचा ताजा घमासान कोई नया नहीं है। इससे पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने व फिर मजबूरी में बनाने के दौरान भी विवाद यही था कि भाजपा का मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन्हें नापसंद करता है और वह उन्हें दुबारा मुख्यमंत्री बनने [...]

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बेकाबू सोशल मीडिया चाहता है भड़ास निकालने की स्वच्छंदता

गिरधर तेजवानी जानकारी है कि केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर सख्ती करने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने संकेत दिए हैं कि इस पर विचार-विमर्श चल रहा है और इसके तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में ज्यादातर सोशल नेटवर्किंग साइट्स [...]

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आंतरिक लोकतंत्र की ख़ूबसूरती और बीजेपी

अभिरंजन कुमार बड़ी-बड़ी पार्टियों में जब तक छोटी-छोटी घटनाएं होती न रहें, तब तक मज़ा नहीं आता। इस लिहाज से बीजेपी बड़ी हैपनिंग पार्टी है। झारखंड राज्यसभा चुनाव में पार्टी की फजीहत हुए तीन-चार दिन बीत चुके थे, इसलिए ज़रूरी हो गया था कि बिना किसी देरी के एक और किरकरी हो ही जाए। इस [...]

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भाकपा द्वारा पूर्व ऊर्जामंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग

लखनऊ 5 मई। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि वे लोकायुक्त की सिफारिश पर प्रदेश के पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय की अकूत सम्पत्तियों और गत दस सालों के भीतर उनके द्वारा किये गये घपले-घोटालों की जांच सीबीआई तथा प्रवर्तन निदेशालय से कराने के लिए [...]

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बीती ताहिं बिसार दे?

डाॅ. असगर अली इंजीनियर गुजरात को दस वर्ष गुजर गए हैं परंतु वहां के दंगा पीडि़तों को आज तक न्याय नहीं मिल सका है। इस सिलसिले में पिछले कुछ समय से एक नई बहस प्रारंभ हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि गुजरात के मुसलमानों को वह सब भूल जाना चाहिए जो उन पर [...]

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उस ने मरना भी चाहा तो आहट सुनाई दी

दयानंद पांडेय हम आप को हीरो कैसे मानें राजेश शर्मा? ‘उस ने मरना भी चाहा तो आहट सुनाई दी।‘ सरीखी कविताएँ लिखने वाले राजेश शर्मा आज अपनी मौत नहीं मरे, तकलीफ इस बात की भी है। मरना सभी का तकलीफदेह होता है पर राजेश शर्मा अपने लिए ऐसी शर्मनाक मौत चुनेंगे किसी को यह मालूम नहीं [...]

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कांग्रेस मुद्दों से ध्यान भटकाना जानती है

सिद्धार्थ शंकर गौतम कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी से मुलाक़ात के बाद जिस तरह से अचानक क्रिकेट की दुनिया के भगवान सचिन तेंदुलकर को उच्च सदन भेजने बाबत राष्ट्रपति ने अधिसूचना जारी की और सचिन ने भी इस पर अपनी मूक सहमति दी; उससे राजनीति का सियासी पारा गर्मा गया है| अब सचिन भी सांसद पद पर आरूढ़ हो [...]

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‘टाइम’ से नहीं लगाया जा सकता राजनेता की लोकप्रियता का अंदाजा

विजय प्रताप सत्ता के उन्माद में ममता रोज-ब-रोज अलोकतांत्रिक फैसले कर रही हैं, जिनका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ‘टाइम’ जैसी पत्रिकाओं से किसी राजनेता की लोकप्रियता का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। राजनीति में नेताओं की लोकप्रियता उनके जनहित में लिए फैसलों से बनती है..दुनिया भर में मशहूर अमेरिकी पत्रिका ‘टाइम’ ने पश्चिम बंगाल की [...]

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कांग्रेसियों के बीच नंबर बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया पर किटकिटाने लगे काटजू !

यशवंत सिंह सच में कांग्रेसी एजेंट लगने लगे हैं मिस्टर काटजू : कारपोरेट मीडिया का कुछ उखाड़ नहीं पाए, अब कांग्रेसियों के आंख का तारा बनने के लिए बेवजह सोशल मीडिया को दुश्मन मान रहे : मिस्टर काटजू, हम आपको उन नब्बे फीसदी भारतीयों में शुमार करते हैं जिन्हें आप मूर्ख कहते हैं : जस्टिस [...]

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महान क्रांतिकारी महावीर सिंह

सुनील दत्ता .लोग भगत सिंह के साथ रहे क्रांतिकारी महावीर सिंह के बारे में शायद कम ही जानते होंगे | महावीर सिंह का जीवन संघर्ष और उसमे उनके पिता का उत्कृष्ट प्रेरणादायक योगदान आज के पिताओं ,पितामहो के लिए भी शिक्षाप्रद है |क्योंकि वर्तमान दौर के पिताओं का लक्ष्य अपने बेटो ,पोतो को धन ,पद [...]

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और एनबीए भी जवाबदेह हैं निर्मल बाबा के धंधे के लिए

  Media Studies Group, India                               Convener: Anil Chamadia       A 4/5, Sector – 18, Rohini, Delhi-110085 Contact – 8010319761, 9015201208  E-mail: msgroup.india@gmail.com    टेलीविजन चैनलों में निर्मल बाबा और टीआरपी घोटाले का एक अध्ययन   निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह नरुला के हालिया घटनाक्रम ने टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। [...]

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