नई दिल्ली, 1 फरवरी 2022. केंद्रीय वित्त निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट 2022-23 पर अपनी नाखुशी जताते हुए भारतीय किसान यूनियन ने कहा है कि, बजट खेती के लिए नकारात्मक है। बजट में केवल अमृत महोत्सव, गतिशक्ति, ई विधा जैसे शव्दों का मायाजाल है। कृषि में पूंजी निवेश के माहौल के लिए कोई योजना नहीं है और देश की वित्त मंत्री को बजट के लिए शून्य नंबर देते हैं।
बता दें बजट में सरकार ने कृषि सेक्टर में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का ऐलान किया है। वहीं वित्त मंत्री ने धान और गेहूं की खरीद के लक्ष्य को बढ़ाने का फैसला किया है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि, किसानों के लिए बजट रूटीन प्रकिया का हिस्सा है। इससे किसानों का कल्याण संभव नहीं है। वहीं सरकार किसानों से बदले की भावना से कार्य कर रही है। तिलहन के उत्पादन को आप इसलिए बढ़ाना चाहते हैं कि ताड़ की खेती आप कॉरपोरेट को सौंपना चाहते हैं। यह खेती भूमिगत जल व पर्यावरणीय दृष्टि से उचित नहीं है।
बजट पर भारतीय किसान यूनियन ने बयान जारी कर कहा है कि, बजट में खेती में वित्तीय
दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि यह अगले 25 साल की बुनियाद का बजट है, आधुनिक बुनियादी ढांचे पर निवेश की योजना है। इस बजट में आम निवेश को बढ़ावा मिलेगा, वहीं अगले 3 सालों के दौरान बेहतर दक्षता वाली 400 नई पीढ़ी की वंदेभारत ट्रेनें लाई जाएंगी। वहीं तकनीक से जुड़े विकास पर सरकार का ध्यान है, हम चुनौती उठाने की मजबूत स्थिति में हैं।