सीएए विरोधी आंदोलन : मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय भी नजरबंद

Anti-CAA movement: Magsaysay Award winner Sandeep Pandey also under house arrest लखनऊ, 19 दिसंबर 2019. नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शन (Protests against the Citizenship Amendment Bill) के मद्देनजर गांधीवादी कार्यकर्ता व मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय को भी आज सुबह नजरबंद कर दिया गया है। इसके पहले कल शाम रिहाई …
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सीएए विरोधी आंदोलन : मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय भी नजरबंद

Anti-CAA movement: Magsaysay Award winner Sandeep Pandey also under house arrest

लखनऊ, 19 दिसंबर 2019. नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शन (Protests against the Citizenship Amendment Bill) के मद्देनजर गांधीवादी कार्यकर्ता व मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय को भी आज सुबह नजरबंद कर दिया गया है। इसके पहले कल शाम रिहाई मंच के अध्यक्ष  मु. शुऐब को नजरबंद कर दिया गया था।

राम जानकी मंदिर अयोध्या के महंत आचार्य युगल किशोर शरण शास्त्री ने यह सूचना अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर शेयर करते हुए लिखा,

“आज प्रातः 8 बजे मैगसेसे पुरस्कार लब्ध संदीप को हाऊस अरेस्ट कर लिया गया है। आज लखनऊ में एसपी, रिहाई मंच और एसपी के संयुक्त तत्वावधान में विशाल धरना प्रदर्शन था। संदीप का कहना है कि जो जहां हैं वे लोग यदि धरना स्थल पर नहीं पहुंच पाते हैं तो वहीं प्रदर्शन करें। उल्लेखनीय है कि रिहाई मंच के अध्यक्ष शोएब साहब कल से ही हाउस अरेस्ट हैं, जबकि महामंत्री राजीव यादव के नाम वारंट भेज दिया गया है। अभी एसपी के लोग किस हाल में है, यह मालूम नहीं हो सका है।“

शास्त्रीजी ने कहा कि :अब संकल्प लेने की जरूरत है कि एनआर सी और नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में हम कोई दस्तावेज जमा नहीं करेंगे।“

प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के उपाध्यक्ष 72 वर्षीय एडवोकेट मोहम्मद शोएब को आज, 19 दिसम्बर, लखनऊ में नागरिकता संशोधन अधिनियम व राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में होने वाले प्रदर्शन के मद्देनजर उनके घर 110/60 नया गांव पूर्व, लखनऊ-226001 में कल शाम साढ़े पांच बजे से ही अवैध तरीके से नजरबंद कर लिया गया है। मोहम्मद शोएब ने 1972 में लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई पूरी कर उसी वर्ष यहीं बार काउंसिल में वकालत करने के लिए पंजीकरण करा लिया था। वे अपने छात्र जीवन से ही समाजवादी युवजन सभा से जुड़ गए थे। मोहम्मद शोएब ने अभी तक 14 ऐसे नौजवानों को न्यायालय में मुकदमा लड़ कर बरी करवाया है जो फर्जी तरीके से आतंववादी घटनाओं में फंसा दिए गए थे।

मोहम्मद शोएब रिहाई मंच नामक संगठन के भी अध्यक्ष हैं जो ऐसे निर्दोष नवजवानों जिन्हें फर्जी मामलों में फंसाया जाता है की रिहाई के लिए काम करता है।

कल के प्रदर्शन को देखते हुए एडवोकेट मोहम्मद शोएब के अलावा रिहाई मंच के राजीव यादव, सचेन्द्र प्रताप यादव, वीरेन्द्र गुप्ता, आदियोग व मोहम्मद शकील कुरैशी को भी नगर मजिस्ट्रेट ने नोटिस भेज कर 23 दिसम्बर को न्यायालय में पेश होकर रु. 50,000 की जमानत लेने को कहा है।

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