हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्यपाठ

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Sahityik Kalrav section of hastakshep.com ‘s YouTube channel) में इस रविवार वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्य पाठ होगा। यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्ला व डॉ. कविता अरोरा ने …
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हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव में इस रविवार डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्यपाठ

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2020. हस्तक्षेप डॉट कॉम के यूट्यूब चैनल के साहित्यिक कलरव अनुभाग (Sahityik Kalrav section of hastakshep.com ‘s YouTube channel) में इस रविवार वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्य पाठ होगा।

यह जानकारी देते हुए हस्तक्षेप साहित्यिक कलरव के संयोजक डॉ. अशोक विष्णु शुक्लाडॉ. कविता अरोरा ने बताया कि सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ. धनञ्जय सिंह की रचनाएं ठहरकर सुननी पड़ती हैं, क्योंकि उनमें जीवन के लिए एक संदेश छिपा होता है।

उन्होंने बताया कि डॉ. धनञ्जय सिंह की कविता, कहानी, समीक्षा, लेख, भेंट वार्ताएं, संस्मरण, अनुवाद आदि सभी विधाओं में पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन सन 1960 से प्रारम्भ हुआ। सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं यथा डॉ. हरिवंश राय ‘बच्चन’ द्वारा सम्पादित संकलन ‘1978 की सर्वश्रेष्ठ कवितायें‘, डॉ. शंभूनाथ सिंह द्वारा संपादित ‘नवगीत अर्द्धशती‘, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा सम्पादित ‘नवगीत संकलन‘, तथा डॉ. कन्हैया लाल नंदन द्वारा संपादित ‘श्रेष्ठ हिंदी गीत संचयन‘ डॉ. बलदेव वंशी द्वारा संपादित ‘काला इतिहास‘ तथा लगभग तीन दर्जन अन्य संकलनों में रचनाएं प्रकाशित।

डॉ. धनञ्जय सिंह ने फिल्म ‘अंतहीन‘ के लिए गीत लेखन भी किया जिसके निर्देशक दिनेश लखनपाल थे तथा प्रमुख भूमिकाएं रोहिणी हटंगड़ी तथा ओमपुरी ने निभाई थीं। डॉक्यूमेंटरी फिल्म ‘चलो गाँव की ओर‘ तथा ‘back to village’ के लिए पटकथा लेखन के साथ-साथ अनेक फिल्मों के गीतकार एवं पटकथा लेखक के रूप में अनुबंधित रहे|

उन्होंने पत्रकारिता में अपना कैरियर ‘आर्योदय‘ साप्ताहिक के उप सम्पादक के रूप में 1967 में शुरू किया, बाद में बाद में ‘सिताभा‘ मासिक, ‘निषंग‘ मासिक, ‘अन्या‘ (मासिक), ‘परिवेश‘ अनियतकालिक, ‘साहित्य आजकल‘ (त्रैमासिक) ‘सरस्वती सुमन‘ (त्रैमासिक) आदि साहित्यिक पत्रिकाओं का सम्पादन किया। साहित्यिक पत्रकारिता में लंबा अनुभव रखने वाले डॉ. धनञ्जय सिंह 1980 से लेकर 2007 तक कादम्बिनी के सम्पादकीय विभाग से संबद्ध रह कर मुख्य कॉपी सम्पादक के पद से सेवा निवृत्त हुए।

डॉ. धनञ्जय सिंह के मिले पुरस्कार एवं सम्मान  :   उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित, श्रेष्ठ गीतकार के रूप में साहित्य संगम पुरस्कार, भवानी प्रसाद मिश्र पुरस्कार, गौरव साहित्य सम्मान, पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी सम्मान (शिलोंग,मेघालय ), सृजन श्री सम्मान ( अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन-ताशकंद,दुबई ), डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान, काया कल्प साहित्य सम्मान, कला भारती सम्मान,  सुमंगलम सम्मान, अभ्युदय साहित्य सम्मान, साहित्य कला भारती सम्मान,साहित्य श्री सम्मान, साहित्य भास्कर सम्मान, साहित्य ज्योत्सना सम्मान, सारस्वत सम्मान ( अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सांस्कृतिक विकास संस्थान ), पत्रकार श्री ( साहित्यलोक, अखिल भारतीय मानव कल्याण संघ ), प्रशस्ति -पत्र ( हरियाणा लघु समाचार पत्र एसोसिएशन ), नवोदित साहित्य मंच सम्मान, बालावन्दना जुगरान स्मृति सम्मान ( श्री नगर गढ़वाल, तथा विशिष्ट साहित्यकार सम्मान ( कादम्बिनी क्लब, डाल्टन गंज ), अदबी संगम, गाज़ियाबाद द्वारा विशिष्ट साहित्यकार सम्मान आदि से सम्मानित | मार्च २०१४ में ‘ बंशी और मादल ‘ पुरस्कार से सम्मानित | साहित्य, लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए अनेक सम्मानों एवं पुरस्कारों से समादृत |

तो इस रविवार 23 अगस्त 2020 को सायं 4 बजे सुनना न भूलें डॉ. धनञ्जय सिंह का काव्यपाठ। नीचे दिए लिंक पर रिमाइंडर सेट करें

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