संस्थागत हत्या है फादर स्टेन स्वामी की मौत - सिटीजन फोरम

Institutional murder is the death of Father Stan Swamy - Citizen Forum नागरिक सरोकारों व जनतांत्रिक अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध संगठन 'सिटीजन्स फोरम' की ओर से फादर स्टेन स्वामी की संस्थागत हत्या के खिलाफ प्रतिवाद मार्च सह श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया।
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Institutional murder is the death of Father Stan Swamy - Citizen Forum

 Institutional murder is the death of Father Stan Swamy - Citizen Forum

सिटीजन्स फोरमपटना ने प्रतिवाद मार्च सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया

Citizens Forum, Patna organized protest march cum tribute meeting

पटना 06 जुलाई।  नागरिक सरोकारों व जनतांत्रिक अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध संगठन 'सिटीजन्स फोरम' की ओर से फादर स्टेन स्वामी की संस्थागत हत्या के खिलाफ प्रतिवाद मार्च सह श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया।  

जीपीओ गोलंबर से निकलकर नागरिकों का मार्च बुद्धा  स्मृति पार्क पहुंचा। सबसे पहले फादर स्टेन स्वामी की याद में कैंडल जलाये गए। जब तक कैंडल जलता रहा सभा चलती रही। इस मार्च में पटना शहर के बुद्धजीवी, साहित्यकाररंगकर्मी सहित सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। 

फादर स्टेन स्वामी के निधन की सूचना मिलते ही देश में शोक लहर फैल गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए समाजिक कार्यकर्ता अनीश अंकुर ने कहा कि केंद्र सरकार 84 वर्षीय एक सामाजिक कार्यकर्ता से डर गई। स्टेन स्वामी अपनी खराब तबीयत की दुहाई देते रहे लेकिन इस फासीवादी सरकार ने उनकी संस्थागत हत्या करा दी।

सुप्रसिद्ध डॉक्टर सत्यजीत ने कहा "फादर स्टेन स्वामी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आजीवन लड़ाई लड़ी।"

छात्र नेता विश्वजीत ने कहा कि "स्टेन स्वामी ने आजीवन समाज के दबे कुचले के लिए काम किया। उनकी मौत संस्थागत हैं। सरकार समाजिक कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमे के तहत  गिरफ्तार कर रही हैं।"

'फिलहाल ' की सम्पादक प्रीति सिन्हा ने कहा "स्टेन स्वामी की हत्या सरकार और जांच एजेंसियों की मिलीभगत से हुई हैं। हम इनकी हत्या की न्यायिक जांच की मांग करते हैं।"

सिस्टर फ्लोरी ने कहा कि "फादर स्टेन स्वामी मानवाधिकार के लिए कार्य करते थे। फादर स्वामी ने मौत को स्वीकार किया लेकिन इस जुल्मी सरकार के दबाव में नही टूटे।"

आरटीआई कार्यकर्ता महेंद्र यादव ने कहा "जो लोग नागरिक अधिकारों की बात करते हैं उनकी हत्या कर दी जाती। हमारी मांग है कि केंद्र सरकार यू.ए.पी.ए जैसे काले कानून को वापस ले।"

ज्ञातव्य हो कि सिटीजन्स फोरम, पटना देश के उन कुछ संगठनों में है जिसने यू.ए.पी.ए और एन.आई.ए में हुए कानूनी संशोधनों का पटना की सड़कों पर विरोध किया था।

तारकेश्वर ओझा ने संबोधन में कहा "आजाद भारत में ऐसी नृशंस घटना देखने-सुनने को नहीं मिली थी। इसका जोरदार विरोध होना चाहिए।"

श्रद्धाजंलि सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मणिकांत पाठक ने किया।

'सिटीजन फोरम', पटना  के द्वारा  प्रतिवाद मार्च सह श्रद्धाजलि सभा में नन्दकिशोर जी, महेंद्र यादव, एन के पाठक, अजय कुमार, इरफान अहमद, तारकेश्वर ओझा, गोपाल शर्मा,साधना मिश्रा, अनिल कुमार राय, निकोलाई, आकांक्षा, प्रीति सिन्हा, रामजी यादव, सुनील जी, सुरेकर जितेंद्र, कौशलेन्द्र कुमार वर्मा, इंद्रजीत सहित कई लोग मौजूद थे।

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