लाइलाज नहीं है कैंसर, जरूरी है उसे सही समय पर पकड़ना : डॉ अभिषेक यादव

कैंसर से डरने की जरूरत नहीं, कैंसर से लड़ने की जरूरत है : डॉ अभिषेक यादव गाजियाबाद, 26 जनवरी 2020. यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी गाजियाबाद में रविवार को एक निशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग एवं जांच शिविर लगाया गया. इस शिविर का उद्घाटन हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पीएन अरोड़ा ने किया। इस शिविर में कैंसर …
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लाइलाज नहीं है कैंसर, जरूरी है उसे सही समय पर पकड़ना : डॉ अभिषेक यादव

कैंसर से डरने की जरूरत नहीं, कैंसर से लड़ने की जरूरत है : डॉ अभिषेक यादव

गाजियाबाद, 26 जनवरी 2020. यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी गाजियाबाद में रविवार को एक निशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग एवं जांच शिविर लगाया गया. इस शिविर का उद्घाटन हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पीएन अरोड़ा ने किया।

इस शिविर में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक यादव (Oncologist Dr. Abhishek Yadav) ने लोगों की जांच करते हुए लक्षणों के पाए जाने पर उन्हें कैंसर से संबंधित जांचों के लिए निर्देशित किया एवं परामर्श देकर उन्हें उनकी बीमारी के बारे में जानकारी दी।

अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिविर में ऐसे भी लोग आए जिन्हें कैंसर नहीं था किंतु वे यह देख लेना चाहते थे कि कहीं कैंसर की शुरूआत तो नहीं हो रही। ऐसे में हॉस्पिटल द्वारा बहुत ही रियायती दरों पर मरीजों की जांच कराई जिसमें महिलाओं के लिए स्तन में गांठ की जांच हेतु मैमोग्राफी (Mammography for the examination of breast lumps for women,) जननांग में कैंसर की जांच (Genital cancer test) हेतु टेस्ट, मल में रक्त की जांच (Blood stool test) पेट में किसी भी प्रकार की गांठ को देखने के लिए पेट का अल्ट्रासाउंड एवं पुरुषों में प्रोस्टेट की कैंसर की जांच के लिए पीएसए टेस्ट (PSA Test for Prostate Cancer Detection in Men), छाती का एक्सरे, पेट का अल्ट्रासाउंड, मल में रक्त की जांच प्रमुख थे।

What are the early symptoms of cancer.

डॉक्टर यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि शरीर के किसी भी अंग में गांठ जो लंबे समय से बनी हुई हो, शरीर का वजन अचानक से अत्यधिक कम हो जाने लगना, सिर में तीखा दर्द होना, मुंह में जख्म हो जाने, याद्दाश्त अत्यधिक कमजोर हो जाना, शरीर पर जगह-जगह सफेद दाग होने लगना, भूख कम हो जाना और खाना खाने में दिक्कत होना यह सब कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं। ऐसे में बिना देर किए कैंसर रोग विशेषज्ञ से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।

डॉ अभिषेक यादव ने बताया कि दूषित पानी पीने, फलों एवं सब्जियों में बहुत ज्यादा पेस्टिसाइड के उपयोग से, मिलावटी खाद्य पदार्थों से, वातावरण में बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से, तंबाकू एवं सिगरेट के अत्यधिक प्रयोग,शराब के प्रयोग से कैंसर के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।

डॉ यादव कहते हैं कि राष्ट्रीय स्तर के सांख्यिकी आंकड़े भी इस बात को कि वर्तमान में मृत्यु के बढ़ते कारकों में से कैंसर को मरीजों की मृत्यु का एक बड़ा कारण पाया गया है। कैंसर शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करता है, जिसमें से मुख्यतः मुख का कैंसर, महिलाओं में स्तन का कैंसर एवं गर्भाशय का कैंसर अधिकतम देखा गया है।

Cancer treatment is possible.

डॉक्टर अभिषेक यादव ने कहा कि कैंसर बीमारी का इलाज संभव है। इससे लोगों को डरना नहीं चाहिए, जो ध्यान देने योग्य बात है वह यह है कि सही समय पर कैंसर के प्रारंभिक स्टेज या शुरुआत में ही पकड़े जाने पर उसका इलाज संभव है और लोगों की जीवन रक्षा की जा सकती है।

डॉ अभिषेक यादव ने बताया कि यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी गाजियाबाद में कैंसर के मरीजों के लिए मेडिकल ऑंकोलॉजी, कीमोथेरेपी, कैंसर सर्जरी एवं कैंसर की जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें एवं तकनीकी उपलब्ध है।

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