महोबा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और बर्बर दमन के खिलाफ कांग्रेस लीगल सेल का दौरा

कार्यकर्ताओं का दमन और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : कांग्रेस संगठन सचिव अनिल यादव और प्रदेश सचिव अखिलेश शुक्ला ने घटनास्थल का किया दौरा, कार्यकर्ताओं से की मुलाकात हर दमन और उत्पीड़न के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ा जाएगा : अखिलेश शुक्ला हर नाइंसाफी और उत्पीड़न के खिलाफ कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है पार्टी : लीगल …
 | 
महोबा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और बर्बर दमन के खिलाफ कांग्रेस लीगल सेल का दौरा

कार्यकर्ताओं का दमन और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं : कांग्रेस

संगठन सचिव अनिल यादव और प्रदेश सचिव अखिलेश शुक्ला ने घटनास्थल का किया दौरा, कार्यकर्ताओं से की मुलाकात

हर दमन और उत्पीड़न के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ा जाएगा : अखिलेश शुक्ला

हर नाइंसाफी और उत्पीड़न के खिलाफ  कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है पार्टी : लीगल टीम कांग्रेस

महोबा, 3 जनवरी 2021 गाय बचाओ किसान बचाओ पदयात्रा के दौरान महोबा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ऊपर बर्बर लाठीचार्ज और पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस की लीगल टीम और प्रदेश संगठन सचिव अनिल यादव ने कबरई में मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की। प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश सचिव अखिलेश शुक्ल,  सोमेश त्रिपाठी, अमानुर रहमान और अज़हर फ़ैज़ खान शामिल थे।

गौरतलब है कि 30 दिसम्बर को महोबा के कबरई ब्लॉक में पदयात्रा की शुरुआत होनी थी। करीब 11 बजे सैकड़ो की तादात में गाय बचाओ किसान बचाओ पदयात्रा के कार्यकर्ताओं का जत्था जमा हुआ। अनुशासित तरीके से कार्यकर्ता पदयात्रा करना चाहते थे लेकिन सीओ सिटी और एसडीएम ने पदयात्रा रोक दिया और बर्बर लाठीचार्ज करवाया जिससे दर्जनों कार्यकर्ताओं को गंभीर चोट आई।

पदयात्रा रोकी और बर्बर पुलिसिया दमन जारी

ललितपुर से शुरू हुई किसान बचाओ-गाय बचाओ पदयात्रा 26 दिसम्बर को शुरू हुई थी, लेकिन वहां भी प्रदेश अध्यक्ष समेत सैकड़ो पदयात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। 30 दिसम्बर को पदयात्रा महोबा में निकलनी थी लेकिन कबराई में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज हुआ। लाठीचार्ज के बाद

पूर्व मंत्री प्रदीप आदित्य जैन, उपाध्यक्ष योगेश दीक्षित, महासचिव राहुल राय, प्रदेश सचिव अखिलेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष तुलसीदास लोधी, सागर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग श्रवण कुमार साहू, आफाक सरवर, डॉ संतोष धुरिया को गिरफ्तार करके पुलिस लाइन महोबा ले जाया गया। देर शाम 8 बजे एसडीएम की उपस्थिति में निजी मुचलके पर आंदोलनकारियों को रिहा किया गया।

अगले दिन 90 नामजद कार्यकर्ताओं समेत 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। सिर्फ इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ ने पुलिसिया उत्पीड़न की हदें पार कर दींl  सभास्थल से 9 बाइक और साउंड सिस्टम के साथ एक चारपहिया वाहन पुलिस ने जब्त कर लिया है। सिर्फ इतना ही नहीं वाहनों की तोड़ फोड़ भी पुलिसकर्मियों ने की है।

दौरे पर आए संगठन सचिव अनिल यादव और अखिलेश शुक्ला ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में सरेआम लोकतंत्र की हत्या हो रही है। भाजपा नेता पूरे देश मे घूम घूमकर रैली कर रहे हैं। लेकिन भाजपा शासित राज्यों में राजनैतिक कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र खत्म हो गया है। हिटलरशाही चरम पर है।

सत्ता आती जाती रहती है यह बात अधिकारियों और राजनैतिक दलों को याद रखनी चाहिए : अनिल यादव

संगठन सचिव अनिल यादव ने कहा कि कार्यकर्ताओं के ऊपर दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सत्ता आती जाती रहती है यह बात अधिकारियों और राजनैतिक दलों को याद रखनी चाहिए।

प्रदेश सचिव अखिलेश शुक्ला ने कहा कि महोबा में आज भी पुलिसिया दमन जारी है। पुलिस लगातार कार्यकर्ताओं को धमका रही है। लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता डरेंगे नहीं। हर दमन और उत्पीड़न के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ा जाएगा।

प्रदेश लीगल टीम के सदस्यों सोमेश त्रिपाठी, अमानुर रहमान और अज़हर फ़ैज़ खान ने जारी प्रेसनोट में कहा कि इस कार्यक्रम की सूचना प्रशासन को मुकम्मल तरीके से दिया गया था। शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन पुलिस ने सत्ता के इशारे पर लाठीचार्ज करके लोकतंत्र की हत्या की।

लीगल टीम के सदस्यों ने कहा कि हर नाइंसाफी और उत्पीड़न के खिलाफ पूरी लीगल टीम कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने कहा कि इस बर्बर लाठीचार्ज और उत्पीड़न के खिलाफ पार्टी हर जरूरी कदम उठाएगी।

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription