“फ्राइडेस फॉर फ्यूचर” के अंतर्गत युवाओं द्वारा वाराणसी में “क्लाइमेट स्ट्राइक”

वैश्विक अभियान में बनारस के युवाओं ने अपने शहर में किया नेतृत्व पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चे बड़े सभी हुए एकजुट पोस्टर्स, पर्चे के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का दिया गया सन्देश वाराणसी, 07 मार्च 2020 : कल दिनांक 06 मार्च 2020 को शहीद उद्यान पार्क, वाराणसी में क्लाइमेट एजेंडा (Climate Agenda) द्वारा एक जन …
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“फ्राइडेस फॉर फ्यूचर” के अंतर्गत युवाओं द्वारा वाराणसी में “क्लाइमेट स्ट्राइक”

वैश्विक अभियान में बनारस के युवाओं ने अपने शहर में किया नेतृत्व

पर्यावरण संरक्षण के लिए बच्चे बड़े सभी हुए एकजुट

पोस्टर्स, पर्चे के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का दिया गया सन्देश

वाराणसी, 07 मार्च 2020 : कल दिनांक 06 मार्च 2020 को शहीद उद्यान पार्क, वाराणसी में क्लाइमेट एजेंडा (Climate Agenda) द्वारा एक जन जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया. जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे (Climate Change Rising Dangers) को रोकने एवं पर्यावरण संरक्षण की मांग पर वैश्विक स्तर पर चल रहे अभियान फ्राइडेज फॉर फ्यूचर (Fridays for the Future) की कड़ी में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रत्येक शुक्रवार को पूरी दुनिया के अलग-अलग शहरों में छात्र-छात्राएं एवं युवा यह एक साथ आयोजित करते हैं.

17 वर्षीय स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थंबर्ग जिसने अपनी छोटी सी उम्र में पूरी दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यदि अभी हम जलवायु परिवर्तन के खतरे को नही समझेंगे तो हमारा भविष्य अँधेरे में होगा. और इसके बढ़ते खतरों को ले कर हमे सड़क से सरकार तक अपनी आवाज़ बुलंद करना होगा. तभी हम अपने स्वच्छ और सुन्दर भविष्य की कामना कर सकते हैं. पर्यावरण संरक्षण किसी विशेष समूह/संस्था/ वर्ग/उम्र के लोगों का ही संघर्ष नहीं है बल्कि इन सब सीमाओं से परे हर व्यक्ति की अपनी ज़िम्मेदारी है कि वो अपने पर्यावरण को वैसे ही सुरक्षित रखे जैसे उसको अपने पूर्वजो से प्राप्त हुआ है.

ग्रेटा इन्ही सब मुद्दों पर Fridays For Future नाम एक मुहीम चला रही है जिसके क्रम में आज यह मुहीम बनारस में आयोजित की गई.

कार्यक्रम के सन्दर्भ में बताते हुए क्लाइमेट एजेंडा के सानिया अनवर ने बताया कि

“आज जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए तमाम प्रयास केवल दस्तावेजो तक सीमित रह गये हैं, व्यावाहरिक रूप से सुधार की स्थिति देश में अभी तक नहीं बन पा रही है. ऊर्जा के उत्पादन में हम रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) की तरफ प्रयास तो कर रहे हैं मगर कोयले से बिजली उत्पादन (Power Generation from Coal) को कम भी नही कर रहे है जिससे कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emissions) में कमी नहीं आ पा रही है. आज इन्ही सब मुद्दों पर Fridays For Future की इस मुहीम से जुड़ने का ग्रेटा के आह्वान का हम सब समर्थन करते हैं, और इस मुद्दे पर गहन चर्चा करने के आवश्कता है साथ ही हमे अपने जन प्रतिनिधियों से भी एक स्वच्छ एवं स्वास्थ्य पर्यावरण की मांग रखनी होगी.”

इस मुहीम को युवाओं द्वारा नेतृत्व करते हुए चर्चा की गई साथ ही आम जनता के बीच पर्यावरण संरक्षण वाले सन्देश पोस्टर्स के माध्यम से एवं पर्चा वितरित कर जन जागरूकता की गई.

कार्यक्रम को सुनील सिंह धुरिया ने आयोजित किया जिसमें मुख्य रूप से श्वेता मिश्रा, कोमल, पूनम, सतेन्द्र सिंह , विवेक, अंशिका, रितेश द्विवेदी, बृजेश, आशुतोष, सुनील गुप्ता, अरविंद, रवि शेखर समेत अन्य लोग शामिल हुए।

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