व्हाइट हाउस में जो बिडेन की आमद, लाएगी जलवायु परिवर्तन की शामत !

Joe Biden’s swearing-in ceremony will take place tonight नई दिल्ली, 20 जनवरी 2021. तमाम ऐतिहासिक उठा-पटक के बाद, अमेरिका में, जो बिडेन (Joe Biden) आज राष्ट्रपति पद की शपथ (Presidential oath) लेंगे। हालाँकि अभी उनका कार्यकाल औपचारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ लेकिन उससे पहले ही उनकी नीतियों और प्राथमिकताओं ने दुनिया भर की …
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व्हाइट हाउस में जो बिडेन की आमद, लाएगी जलवायु परिवर्तन की शामत !

Joe Biden’s swearing-in ceremony will take place tonight

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2021. तमाम ऐतिहासिक उठा-पटक के बाद, अमेरिका में, जो बिडेन (Joe Biden) आज राष्ट्रपति पद की शपथ (Presidential oath) लेंगे। हालाँकि अभी उनका कार्यकाल औपचारिक रूप से शुरू भी नहीं हुआ लेकिन उससे पहले ही उनकी नीतियों और प्राथमिकताओं ने दुनिया भर की नज़रें उनकी और कर दी हैं।

राष्ट्रपति जो बिडेन ने हर लिहाज़ से इतिहास रच दिया है।

ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी देश का चुनाव जलवायु परिवर्तन (Climate change) और पर्यावरण (environment) जैसे गैर-सियासी मुद्दे पर लड़ा गया और जीता भी गया। जीता भी ऐसे कि किसी भी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के मुक़ाबले सबसे ज़्यादा वोट प्राप्त कर। राष्ट्रपति बिडेन ने इतिहास हर लिहाज़ से रच दिया है।

यह तय है कि बिडेन न सिर्फ अमेरिका को पेरिस समझौते में फिर से शामिल कराने के अपने वादे को पूरा करेंगे, बल्कि यह भी साफ़ दिख रहा है कि पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन से लड़ाई का नेतृत्व भी वो करने से चूकेंगे नहीं।

ऐसी उम्मीद है कि पद की शपथ लेने के बाद, जल्द ही, वो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई पर कुछ घोषणाएं करेंगे।

प्रमुख तौर पर 2035 तक बिजली क्षेत्र को कार्बन को शून्य करने के लिए बिडेन की प्रतिज्ञा से संबंधित संभावित शुरुआती बयान अपेक्षित हैं। साथ ही, कार ईंधन दक्षता, बिजली संयंत्र उत्सर्जन, और मीथेन पर ओबामा-युग के मानकों को बहाल करने के लिए कदम; किगली संशोधन में शामिल होने के अमेरिकी इरादे का संकेत और स्पष्ट निर्देश कि जलवायु एक शीर्ष विदेश नीति प्राथमिकता अपेक्षित है।

युक्त राज्य अमेरिका – विदेशी निवेश, व्यापार संबंधों, विकास सहायता, कूटनीति, नियमों और निगमों के माध्यम से – जीवाश्म ईंधन के विस्तार से संबंधित परियोजनाओं की एक श्रृंखला में शामिल है, साथ ही निम्नलिखित महत्वपूर्ण पारिस्थितिक प्रणालियों के संरक्षण या विनाश को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

अर्जेंटीना : वाका मुएर्ता – अमेरिका अंतरराष्ट्रीय विकास वित्तपोषण के माध्यम से अर्जेंटीना में फ्रैकिंग और तेल और गैस उत्पादन को प्रोत्साहित करता है, जो पिछली बार वाका मुएर्ता परियोजनाओं के लिए हुआ। उपराष्ट्रपति-निर्वाचित कमला हैरिस सहित कई अमेरिकी सीनेटरों ने इसके खिलाफ एक याचिका पर हस्ताक्षर किए। बिडेन स्वच्छ ऊर्जा का समर्थन करने के लिए संघीय विकास एजेंसियों को निर्देशित कर सकते हैं।

• कनाडा : टार सैंड्स (Canada tar sands news) – बिडेन ने कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन के खिलाफ बात की है, यह कहते हुए कि “टार सैंड्स की हमें ज़रूरत नहीं है।”

बिडेन के राष्ट्रपति अभियान का एक प्रमुख वादा कीस्टोन एक्सएल को रद्द करने की प्रतिबद्धता थी। वह मिनेसोटा के माध्यम से अमेरिका में कनाडाई टार रेत लाने के लिए एक नई परियोजना, प्रस्तावित लाइन 3 पाइपलाइन जो विपक्ष में बढ़ रही है, को भी रोक सकतें हैं।

ब्राजील : अमेज़ॅन विनाश – बिडेन ने कहा है कि वह वनों की कटाई के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो को जवाबदेह ठहराएंगे। अन्य देशों को रैली करने के माध्यम से अमेज़न सुरक्षा करने के लिए $20 बिलियन के समर्थन से शायद यह हासिल किया जा सकता है। हालांकि स्थानीय ब्राज़ीलियाई समूहों इस बात पर ज़ोर डालते हैं कि यह इस तरह से किया जाना चाहिए जो ब्राजील की अमेज़ॅन के अपने हिस्से पर संप्रभुता को स्वीकार करता है और उसका सम्मान करता है।

इसके साथ, ऐसा संभव है कि ‘क्लीन ग्रोथ फर्स्ट’ के जुमले को तरजीह देते हुए बिडेन विदेशी जीवाश्म ईंधन ऊर्जा के अमेरिकी समर्थन को सीमित कर दें। गौर करने वाली बात है कि 2010-2019 के बीच अमेरिकी निर्यात-आयात बैंक ने विदेशी जीवाश्म ईंधन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 90% से अधिक का वित्त पोषण किया, और हाल ही में मोज़ाम्बिक एलएनजी परियोजना को 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण प्रदान किया।

जो बिडेन पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह विदेशी जीवाश्म ईंधन सब्सिडी को न सिर्फ खत्म कर देंगे बल्कि चीन सहित अन्य G20 देशों को ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

कुल मिलाकर, जो बिडेन की व्हाइट हाउस में आमद जलवायु परिवर्तन के खिलाफ दुनिया की लड़ाई में निर्णायक साबित होगी।