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27-28 नवंबर को काठमांडो में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेपाल जा रहे हैं। अपने इस यात्रा के दौरान वह जनकपुर, लुंबिनी और मुक्तिनाथ की यात्रा पर भी जाएँगे। इस अवसर पर 13 नवंबर को जी न्यूज ने लगभग 12 मिनट की जो रिपोर्ट जारी की उसकी …
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27-28 नवंबर को काठमांडो में होने वाले सार्क शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेपाल जा रहे हैं। अपने इस यात्रा के दौरान वह जनकपुर, लुंबिनी और मुक्तिनाथ की यात्रा पर भी जाएँगे। इस अवसर पर 13 नवंबर को जी न्यूज ने लगभग 12 मिनट की जो रिपोर्ट जारी की उसकी एक बानगी देखिए।
‘मोदी चले राम के ससुराल’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के साथ स्क्रीन पर राम-सीता के साथ मोदी की तस्वीर दिखाई देती है और पृष्ठभूमि में एक गीत बजता है- ‘पड़न लागी भांवरिया पिया रघुवरजी के संग’। इसके बाद रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ से अग्नि के फेरे लेते हुए राम-सीता के दृश्य और फिर इसे ओवरलैप करता हुआ मोदी की पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा के दृश्य। साथ में लगातार गीत चलता है-‘पड़न लगी भांवरियां’।
(पृष्ठभूमि से कमेंट्री)
यही सुख पाने के लिए प्रधानमंत्री जनकपुर जा रहे हैं।
(स्क्रीन पर राम के रूप में अरुण गोविल का मुस्कान भरा चेहरा, नजरें झुकाए सीता और उदास जनक)
(कमेंट्री जारी)
जी हाँ, वही जनकपुर जो माँ सीता का मायका है, वही जनकपुर जो भगवान श्रीराम की ससुराल है।
फिर मोदी की नेपाली संसद में भाषण की क्लिप- ‘और मैं तो कुछ ही महीनों में वापस आ रहा हूँ- सार्क समिट के समय और मैंने तय किया है कि उस समय जब मैं आऊँगा तो राजा जनक को भी नमन करने जाऊँगा और भगवान बुद्ध को भी नमन करने जाऊँगा।
फिर वही ‘पड़न लगी भांवरिया…’ और जनकपुर के मंदिर में पूजा अर्चना करते लोग।
इसके बाद पशुपतिनाथ का दृश्य। गले में रुद्राक्ष की मोटी माला पहने और माथे पर चंदन का भारी टीका लगाए पीले गेरुए वस्त्र में मोदी।
(कमेंट्री)
जाने कितने सालों से प्रधानमंत्री मोदी इस इच्छा को अपने सीने में लिए घूम रहे थे। पीएम. मोदी की यह ख्वाहिश पूरी होने जा रही है। (राम-सीता का फेरेवाला दृश्य) सीता-राम की होगी शादी, पीएम मोदी बनेंगे बाराती। (स्क्रीन पर प्रफुल्लित पूजा वेश धारी मोदी)
(अब ऐंकर का प्रवेश) –
जी हाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान राम के ससुराल जाने वाले हैं। अयोध्या से भगवान राम की बारात हर पांच साल में एक बार सीता के ससुराल जनकपुर में जाती है। और इस बार पीएम मोदी भी बाराती बनकर जनकपुर पहुँचेंगे। जनकपुर, जो कि नेपाल में है। 25 नवंबर को पीएम वहाँ पहुँचेंगे, पूजा अर्चना करेंगे और रामजी के तिलक समारोह में शामिल होंगे। देखिए हमारी यह खास और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… पिया रघुवर जी के संग…
अब स्क्रीन पर लिखा आता है- ‘पीएम मोदी बनेंगे बाराती’ और गले में ढोल लटकाए कुछ लोग उसे बजाते हुए बढ़ रहे
हैं…
(कमेंट्री)
ये राम के बाराती हैं।
(स्क्रीन पर सबसे आगे गले में ढेर सारी मालाएँ डाले विनय कटियार और उन्हीं के कोई बिरादर आगे-आगे चल रहे हैं…)
(कमेंट्री)
कुछ इसी अंदाज में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी दिखेंगे। (बारात में नाचती हुई महिलाओं का दृश्य) इस बार अयोध्या से जाने वाली बारात में पीएम मोदी भी हिस्सा लेंगे। (पशुपतिनाथ मंदिर से बाहर निकलते हुए मोदी का दृश्य) ये तस्वीरें प्रधानमंत्री मोदी की हैं। काठमांडो के पशुपतिनाथ मंदिर से पूजा करके पीएम मोदी कुछ इसी अंदाज में बाहर निकले थे। नेपाल की संसद में पीएम मोदी ने कुछ इसी अंदाज में जनकपुर जाने की इच्छा जताई थी।
(नेपाली संसद में मोदी के भाषण की क्लिप)
‘हम इतने पास में हैं और हमारे और आपके बीच में कोई ज्यादा दूरी नहीं है तो भी आंते-आंते 17 साल लग गए। मैं आपको वादा करता हूँ अब ऐसा नहीं होगा… और मैं तो कुछ महीनों में वापस आ रहा हूँ-सॉर्क समिट के समय और मैंने उस समय तयं किया है कि उस समय जब आऊँगा तो राजा जनक को भी नमन करने जाऊँगा, भगवान बुद्ध को नमन करने जाऊँगा।’
(कमेंट्री)
अब वो वक्त आ गया है जब वो भी राम बारात का हिस्सा बनकर नेपाल पहुँचेंगे… दरअसल हर पाँच साल के अंतराल में अयोध्या से राम बारात निकल कर नेपाल के जनकपुर जाती है जिसमें साधु-संतों के अलावा कई लोग शामिल होते हैं। 16 नवंबर को जनकपुर से आमंत्रण की हल्दी लगी पीली चिट्ठी आई थी, और फिर 17 नवंबर को धूमधाम से राम बारात जनकपुर के लिए निकलेगी। अयोध्या से जनकपुर पहुँचने में 8 दिन लगेंगे। बारात 17 नवंबर को अयोध्या से निकलकर आजमगढ़ जाएगी। रात्रि विश्राम के बाद 18 नवंबर को मऊ होते हुए बक्सर पहुँचेगी। वहाँ से 19 नवंबर को आरा होते हुए पटना फिर 21 नवंबर को मुजफ्फरपुर होते हुए सीतामढ़ी पहुँचेगी। यहाँ बारात विश्राम करेगी। 22 को अहिल्या स्थान होते हुए 23 को मधवापुर नेपाल में प्रवेश करेगी। 24 को जनकपुर की परिक्रमा करते हुए जनवासे में जाकर रुक जाएगी।
(विश्व हिन्दू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा की बाइट) –
अयोध्या से यात्रा 17 को प्रारंभ होगी और 24 तारीख को जनकपुर नेपाल में पहुँचकर 25, 26, 27, 28 और 29 तक वहाँ पर रहेगी और पुनः 30 नवंबर को अयोध्या के लिए वापस हो जाएगी।
(कमेंट्री) –
अब हम आपको बताते हैं कि राम विवाह के दौरान जनकपुर में क्या-क्या कार्यक्रम होंगे। (फिर बताया जाता है कि कब समधी मिलन होगा, कब मटकोर की रस्म होगी, कब राम जानकी विवाह होगा और कब राम कलेवा) अब आपको पीएम मोदी का कार्यक्रम बताते हैं। प्रधानमंत्री मोदी 25 तारीख को तिलक कार्यक्रम के दौरान सुबह 10 बजे जनकपुर जनवासे में पहुँचेंगे जहाँ वो करीब ढाई घंटा बिताएँगे। हालांकि नेपाल में 27-28 नवंबर को होने वाले दक्षेस सम्मेलन में हिस्सा लेने की वजह से प्रधानमंत्री 27 तारीख को विवाह में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसलिए 25 नवंबर को आयोजित तिलक कार्यक्रम में उनका आना तय हुआ है। इस दौरान मोदी विवाह कार्यक्रम को संबोधित करने के अलावा इसी रामजानकी मंदिर में पूजा अर्चना भी करेंगे… रवीन्द्र कुमार के साथ ब्यूरो रिपोर्ट जी-मीडिया।
(ऐंकर) –
मोदी चले राम के ससुराल। जी हाँ, जनकपुर जाएँगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। और वहाँ पर उनका कार्यक्रम क्या रहेगा यह यह हम आपको ब्रेक से पहले बता ही चुके हैं। अब हम आपको जनकपुर धाम ले चलते हैं और सीता माता की इस नगरी के दर्शन करवाते हैं।
(इसके बाद चित्रों के साथ जनकपुर धाम का महिमा वर्णन। फिर बताया जाता है कि इसी मंदिर में राम-सीता के विवाह समारोह में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे)
(ऐंकर) –
प्रधानमंत्री मोदी को मंदिरों से खासा लगाव है। काशी विश्वनाथ की धरती वाराणसी तो पीएम मोदी का लोकसभा क्षेत्र है ही, मोदी अपने नेपाल दौरे पर पशुपतिनाथ के भी दर्शन कर चुके हैं और अब पीएम राम के बाराती बनकर जनकपुर जा रहे हैं। (इसके बाद मोदी का पशुपतिनाथ के मंदिर में आँख बंदकर पूजा करने का दृश्य)
(कमेंट्री) –
मंदिर, पूजा अर्चना, गंगा-बस इन्हीं में प्रधानमंत्री मोदी को आनंद आता है। (गंगाजल चढ़ाने का दृश्य) पीएम मोदी अब पूजा करने के लिए जनकपुर के राम जानकी के मंदिर जा रहे हैं। हालाँकि वो राम जानकी के विवाह में शामिल तो नहीं हो पाएँगे लेकिन इस मंदिर में 25 नवंबर को जाकर वह पूजा जरूर करेंगे।
(नेपाली संसद में मोदी के भाषण की क्लिप) –
और सोमनाथ की भूमि से चलकर मैं राष्ट्रीय राजनीति का फलक काशी विश्वनाथ की छत्रछाया में मैंने प्रारंभ किया… काशी से किया… और आज पशुपतिनाथ के चरणों में आ करके खड़ा हुआ हूँ।
(कमेंट्री) –
नेपाल के संसद से मोदी ने अपने लिए सोमनाथ, काशी विश्वनाथ और पशुपतिनाथ की महत्ता बताई। काठमांडो के पशुपतिनाथ मंदिर से पीएम मोदी जब पूजा करके बाहर निकले तो अंदाज कुछ ऐसा था। (मंदिर और मोदी के क्लिप) नरेन्द्र मोदी भगवान शिव और मां दुर्गा के भी बड़े भक्त हैं। नवरात्रि में तो मोदी पूरे नौ दिन सिर्फ पानी पीते हैं। अपने अमेरिका दौरे में मोदी ने नवरात्रि में सिर्फ पानी पीकर 9 दिन का व्रत रखा था। (ओबामा से हाथ मिलाने का दृश्य) ब्यूरो रिपोर्ट जी मीडिया।
इसके बाद फिर वही गीत ‘पड़न लगी भांवरिया…’
 o- आनंद स्वरूप वर्मा

About the author

आनंद स्वरूप वर्मा, वरिष्ठ पत्रकर हैं। समकालीन तीसरी दुनिया के संपादक हैं।

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