बयान पर कायम मुलायम, बोले-बलात्कार के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा हो, लेकिन फांसी नहीं

बयान को गलत ढंग से पेश किया-मुलायम बबराला (संभल), 11 अप्रैल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने स्पष्ट किया है कि बलात्कार के मामलों में वह हमेशा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने के पक्षधर रहे हैं, लेकिन फांसी की सजा दिए जाने के खिलाफ हैं। बलात्कार के मामलों में …
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बयान को गलत ढंग से पेश किया-मुलायम
बबराला (संभल), 11 अप्रैल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने स्पष्ट किया है कि बलात्कार के मामलों में वह हमेशा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने के पक्षधर रहे हैं, लेकिन फांसी की सजा दिए जाने के खिलाफ हैं। बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा नहीं दी जानी चाहिए। बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा होने पर कानून का बहुत दुरुपयोग होगा। किसी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बलात्कार की झूठी रिपोर्ट लिखवाने वालों को भी सजा मिलनी चाहिए।
बदायूं लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार और निवर्तमान सांसद धर्मेंद्र यादव के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि बलात्कार के मामलों में हमने फांसी की सजा के प्रावधान पर जो कहा, मीडिया के एक वर्ग ने उसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया। मीडिया ने हमारी पूरी बात को पेश नहीं किया। उसने हमारे आधे-अधूरे बयान को दिखाया और बताया। जिससे लोगों को ऐसा लगा कि मैं बलात्कारियों का समर्थन कर रहा हूं। मीडिया ने मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की है, लेकिन मैं अपनी बात से पीछे हटने वाला नहीं हूं। मीडिया में हमारी ऐसी तस्वीर पेश की जा रही है जैसे कि हम महिलाओं के सबसे बड़े विरोधी हैं। लेकिन हम बताना चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं को इज्जत दी है और उनके मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखा है।
उन्होंने कहा कि हमने हमेशा कहा है कि बलात्कार के मामलों में अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, लेकिन फांसी नहीं। ऐसी मांग की जा रही है कि बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान होना चाहिए। ऐसा होने पर कानून का बहुत दुरुपयोग होगा। उन्होंने कहा कि हमने जो सवाल उठाया है बहुत सारे लोग उसका समर्थन कर रहे हैं। अच्छा है पूरे देश में इस पर बहस होगी। लोकतंत्र में जब किसी सवाल पर बहस होती है तो उसके बहुत अच्छे नतीजे निकलते हैं। मैं जानता हूं कि हमने जो सवाल उठाया है वह सही है। उसका आज नहीं तो कल सभी लोग समर्थन करेंगे।
सपा प्रमुख ने कहा, हमने कहा था कि जमाना बहुत बदल गया है। लड़कों और लड़कियों में दोस्ती होती है। जब तक दोनों के बीच सब ठीक रहता है तब तक सब कुछ बहुत अच्छे से चलता है। लेकिन जैसे ही दोनों के बीच मतभेद होता है, लड़की थाने चली जाती है और लड़के के खिलाफ बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज करवा देती है। आप बताइए, क्या ऐसे में बलात्कार की सजा फांसी होनी चाहिए। बलात्कार में मामलों फांसी की सजा होने पर कानून का बहुत दुरुपयोग होगा।मुलायम सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने बलात्कार के मामलों में नए कानून बनाने के लिए जब सर्वदलीय बैठक बुलाई थी तब भी समाजवादी पार्टी ने फांसी की सजा के प्रावधान का विरोध किया था।जनादेश न्यूज़ नेटवर्क