साहित्यकार अनिल सिंह पर हुए सांप्रदायिक हमले की रिहाई मंच ने की निंदा

लखनऊ 12 जनवरी 2013। रिहाई मंच ने हिंदी साहित्य के जाने-माने कवि, सांप्रदायिकता विरोधी अभियानों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता व फैजाबाद के साकेत डिग्री कालेज के प्राध्यापक डा0 अनिल सिंह पर कल 11 जनवरी को एक संघी गुण्डे द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने जारी बयान में …
 | 

लखनऊ 12 जनवरी 2013। रिहाई मंच ने हिंदी साहित्य के जाने-माने कवि, सांप्रदायिकता विरोधी अभियानों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता व फैजाबाद के

साकेत डिग्री कालेज के प्राध्यापक डा0 अनिल सिंह पर कल 11 जनवरी को एक संघी गुण्डे द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की है।

रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने जारी बयान में कहा कि यह घटना साबित करती हे कि सपा सरकार में किस तरह संघी तत्वों के हौसले बुलंद हो
गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर 2012 में फैजाबाद में हुई सांप्रदायिक हिंसा, जिसमें पीडि़तों को न्याय दिलाने की लड़ाई में डा0 अनिल सिंह सक्रिय रहे हैं, में शामिल अपराधी संघी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की गई होती तो वे ऐसी हिम्मत नहीं कर सकते थे। इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि धर्मनिरपेछता के नाम पर सत्ता में आई सरकार किस तरह हिंन्दुत्ववादियों के पक्ष में खड़ी हो गई है।

डॉ. अनिल सिंह  पर कल एक संघी सिरफिरे ने ये कहते हुये हमला किया कि “तुम अपने आपको बहुत बड़े सेकुलर बनते हो…….”