यह भारतीय पत्रकारिता का वो कालखंड है जिसमें लिखा सच और बोला झूठ जा रहा है !

प्रतिष्ठित पत्रिका इंडिया टुडे की कवर स्टोरी (India Today cover story) के लिए पत्रिका लोगों के निशाने पर आ गई है। दरअसल इंडिया टुडे ने कवर स्टोरी प्रकाशित की है जिसके मुताबिक 30 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं की आजीविका पर संकट आ गया है। यह कवर स्टोरी, मोदी सरकार के आधिकारिक माउथपीस बने समाचार चैनलों …
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यह भारतीय पत्रकारिता का वो कालखंड है जिसमें लिखा सच और बोला झूठ जा रहा है !

प्रतिष्ठित पत्रिका इंडिया टुडे की कवर स्टोरी (India Today cover story) के लिए पत्रिका लोगों के निशाने पर आ गई है। दरअसल इंडिया टुडे ने कवर स्टोरी प्रकाशित की है जिसके मुताबिक 30 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं की आजीविका पर संकट आ गया है। यह कवर स्टोरी, मोदी सरकार के आधिकारिक माउथपीस बने समाचार चैनलों के मुंह पर तमाचा भी है। पत्रिका कवर पृष्ठ पर ही सवाल ही पूछती है कि 2019 के चुनाव नतीजे को ये मतदाता बदल सकते हैं।

टीवी9 भारत वर्ष के एंकर अजित अंजुम ने अपने एफबी पेज पर लिखा,

“इंडिया टुडे पर तुरंत देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए .ऐसी कवर स्टोरी कोई पाकिस्तानी ही छाप सकता है कि करोड़ से ज्यादा नौकरियां चली गईं और लाखों श्रमिक बेरोजगार हो गए.

लेखक, संपादक और प्रकाशक सबको वीजा दिलवाकर पहली फ्लाइट से पाकिस्तान भेजना चहिए..

इन देशद्रोहियों को पता ही नहीं कि भारत माता की जय बोलने से बेरोजगार को रोजगार मिल जाता है..”

अजित अंजुम की पोस्ट को शेयर करते हुए मैथिली पत्रिका ई समाद की संपादिका कुमुद सिंह ने टिप्पणी की –

“अरुण पुरी लिखते सच और बोलते झूठ हैं

समाचार चैनलों और अखबार-पत्रिका में यही अंतर है। आजतक चैनल भी इसी ग्रुप का है। अरूण पुरी ही उसके भी मालिक हैं। इंडिया टूडे के इस अंक को कोई पढ़े न पढ़े लेकिन अंजना ओम मोदी को जरूर पढ़ना चाहिए..स्‍वेता सिंह को भी और उनको भी जो इन चिल्‍लानेवाली, मोदी विरोधियों को ऑन कैमरा बेइज्‍जत करनेवाली पत्रकारिता को संरक्षण देते हैं…यह भारतीय पत्रकारिता का वो कालखंड है जिसमें लिखा सच और बोला झूठ जा रहा है।“

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