यूपी चुनाव में मुद्दा भाजपा को कैसे हराया जाए

अभिषेक श्रीवास्तव पहले चरण से यह संकेत निकल रहा है कि भाजपा को हराने के लिए वोट डालने की इच्छा पाले मतदाताओं में कनफ्यूज़न बहुत ज़्यादा है। सोचिये, जब एंटी-बीजेपी हिन्दू मतदाता का ये हाल है, तो मुस्लिम मतदाता कितने उहापोह में होगा जहाँ एक से ज्यादा मुस्लिम कैंडिडेट में से किसी एक को उसे …
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अभिषेक श्रीवास्तव

पहले चरण से यह संकेत निकल रहा है कि भाजपा को हराने के लिए वोट डालने की इच्छा पाले मतदाताओं में कनफ्यूज़न बहुत ज़्यादा है। सोचिये, जब एंटी-बीजेपी हिन्दू मतदाता का ये हाल है, तो मुस्लिम मतदाता कितने उहापोह में होगा जहाँ एक से ज्यादा मुस्लिम कैंडिडेट में से किसी एक को उसे चुनना होगा।

अभिषेक श्रीवास्तवफिलहाल कोई मुझसे पूछे कि यूपी चुनाव में मुद्दा क्या है, तो मेरा जवाब होगा भाजपा को कैसे हराया जाए। भाजपा को हराने की कवायद क्या उसे वाकई हरा पाएगी, इस पर मुझे संदेह है। हो सकता है कि इस बार ध्रुवीकरण न होने और नोटबंदी के कारण हिन्दू वोट बिखर जाए, लेकिन उससे दस कदम आगे जाकर मुस्लिम वोट और भाजपा विरोधी सामान्य वोट चौतरफा छितरा जाएगा (क्योंकि बिखरा हुआ तो वो हमेशा से रहा है)।

 

बिखरने और छितराने में बारीक फर्क होता है। यही फर्क तय करेगा कि यूपी का जनादेश कैसा होगा। अब तक के माहौल के आधार पर मैं मान रहा हूँ कि यूपी में चुनाव परिणाम लसरा जाएगा। लसराना तो समझते होंगे?