पवार से मिले प्रशांत किशोर, तो जस्टिस काटजू क्यों बोले सांप बिच्छू गोजर की सरकार

सांप बिच्छू गोजर की सरकार इस वीडियो में कहा गया है कि प्रशांत किशोर ने शरद पवार से कहा कि यदि भारत के क्षेत्रीय दल एकजुट हो जाएँ तो 2024 के संसदीय चुनाव में यह संयुक्त मोर्चा 300 सीट अवश्य पायेगा और बीजेपी की पराजय होगीI यदि एक मिनट के लिए मान भी लिया जाय …
 | 
पवार से मिले प्रशांत किशोर, तो जस्टिस काटजू क्यों बोले सांप बिच्छू गोजर की सरकार

सांप बिच्छू गोजर की सरकार

इस वीडियो में कहा गया है कि प्रशांत किशोर ने शरद पवार से कहा कि यदि भारत के क्षेत्रीय दल एकजुट हो जाएँ तो 2024 के संसदीय चुनाव में यह संयुक्त मोर्चा 300 सीट अवश्य पायेगा और बीजेपी की पराजय होगीI

यदि एक मिनट के लिए मान भी लिया जाय कि भविष्य में विपक्षी दलों का एक संयुक्त मोर्चा बनेगा और वह 2024 के लोक सभा चुनाव में बहुमत प्राप्त कर लेगा, तो भी यह विचारने योग्य है कि उसके बाद क्या होगा ?

मेरे विचार में होगा यह कि साझा सरकार के सभी दलों में मलाईदार विभाग, जैसे वित्त, उद्योग, वाणिज्य, गृह आदि पाने के लिए झगड़े शुरू हो जाएंगे, और यह झगड़े आगे भी होते चलेंगेI अनुभव यही बताता है I

जब 1977 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार, जो वास्तव में विपक्षी दलों की साझा सरकार थी, बनी, तो उसके शीघ्र बाद झगड़े शुरू हो गए, और 1979 के अंत आने तक इस साझा सरकार का पतन हुआI

वास्तव में ऐसी मिली जुली साझा सरकार अधिक दिन चल ही नहीं सकती क्योंकि उसके घटक दलों में कोई सामान विचार नहीं होते, और वह केवल सत्ता पाने, और धन उपार्जन, के लिए एकजुट होते हैं I ऐसी सांप बिच्छू गोजर की मिली जुली सरकार कैसे स्थायी हो सकती है ?

मैं कोई बीजेपी समर्थक नहीं हूँ, पर वास्तविकता को भी नज़रअंदाज़ नहीं करता हूँI

जस्टिस मार्कंडेय काटजू

लेखक प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन और सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश हैं।

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription