आपदा में अवसर : अच्छे दिन आये, सॉरी सरकार भी अभी वेंटिलेटर पर है

अच्छे दिन आये आपदा में अवसर है हर कारकून बना इन दिनों अफ़सर है लाईन में धक्के खाते कौन हैं ये लोग केमिस्ट शॉप पर पूछते रेमडेसिविर है ‘नमामि गंगे’ हर-हर गंगे कितने शव गिनें गिद्ध कौए कुत्ते सियार सब दावत पर हैं जो मरे वे मुक्त हुए महामना ने फ़रमाया वैसे कहाँ सबको ऑक्सीजन …
 | 
आपदा में अवसर : अच्छे दिन आये, सॉरी सरकार भी अभी वेंटिलेटर पर है

अच्छे दिन आये  आपदा में अवसर है

हर कारकून बना इन दिनों अफ़सर है

लाईन में धक्के खाते कौन हैं ये लोग

केमिस्ट शॉप पर पूछते रेमडेसिविर है

नमामि गंगे’ हर-हर गंगे कितने शव गिनें

गिद्ध कौए कुत्ते सियार सब दावत पर हैं

जो मरे वे मुक्त हुए महामना ने फ़रमाया

वैसे कहाँ सबको ऑक्सीजन मय्यसर है

कोई श्मशान हो या फिर हो क़ब्रिस्तान

बस इंतज़ार करें आप अभी क़तार में है

गंगा ने बुलाया था फिर गंगा बुला रही है

जाकर गंगा से कहो साहब छुट्टी पर हैं

चुप रहें साहब सोये हैं डिस्टर्ब न करें

सॉरी सरकार भी अभी वेंटिलेटर पर है

        जसबीर चावला

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription