राज्य मुख्यालय लखनऊ, 05 नवंबर 2019। कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘‘मोना’’ ने कहा है कि हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी श्रीमती प्रियंका गांधी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिनके तर्क पूर्ण प्रबल विरोध के कारण क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (‘आरसेप’- रीज़नल कंप्रेहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (Regional Comprehensive Economic Partnership Agreement)) का भारत वर्ष में लागू होना रुक सका, अन्यथा मोदी सरकार किसानों, मछुआरों, छोटे व्यापारियों, सूक्ष्म उद्यमियों, दुग्ध उत्पादकों आदि के हित को नजरअंदाज कर भारत की बाजार को चीन, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैण्ड, आस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देशों के हवाले कर रही थी।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि यह अत्यंत विनाशकारी, और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी और कई अन्य राजनैतिक दलों के ज़बर्दस्त विरोध के कारण ‘‘मोदी सरकार’’ को अपने पैर पीछे खींचने पड़े। कांग्रेस पार्टी छोटे व्यापारियों, दुग्ध उत्पादकों, किसानों, मछुआरों और रेड़ी पटरी वालों सहित सूक्ष्म उद्यमियों के साथ खड़ी है, और कांग्रेस पार्टी हमेशा इनके हितों की लड़ती रही है और भविष्य में भी लड़ती रहेगी।
श्रीमती मिश्रा ने कहा कि वर्ष 1947 में देश को राजनैतिक आजादी तो मिली, परन्तु आर्थिक आजादी नहीं मिली। जब देश आजाद हुआ था तो उस समय देश में छोटी से छोटी वस्तु अर्थात ‘‘सुई’’ तक का निर्माण नहीं होता था किन्तु पं. जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे दूरदृष्टि राजनीतिज्ञों के
श्रीमती मिश्रा ने कहा है कि आर्थिक तंगी, बेरोजगारी, बदहाल अर्थ व्यवस्था और कृषि संकट सहित तमाम जन विरोधी कार्यो के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के आह्वान पर 5 नवम्बर से 15 नवम्बर, 2019 तक एक ‘‘राष्ट्रव्यापी आन्दोलन’’ किया जा रहा है जो भारतीय जनता पार्टी की गलत आर्थिक नीतियों, राष्ट्रीय संस्थाओं के निजीकरण और बदहाल अर्थ व्यवस्था के खिलाफ होगा। उत्तर प्रदेश में इसका नेतृत्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी श्रीमती प्रियंका गांधी द्वारा किया जायेगा, जिसका विश्वस्तरीय कार्यक्रम और आंकड़े भी साथ में भेजा जा रहा है।