सौ से अधिक पूर्व आईएएस, आईपीएस, आईएफएस का योगी को पत्र, अंतर-धार्मिक विवाह संबंधी अध्यादेश को वापस लिया जाए

A group of former civil servants has written an open letter to the Chief Minister of Uttar Pradesh demanding the withdrawal of the ordinance on interfaith marriage नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2020. सौ से अधिक भूतपूर्व सिविल सेवकों, जिनमें कई सचिव स्तर के अवकाशप्राप्त अधिकारी हैं, ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक …
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सौ से अधिक पूर्व आईएएस, आईपीएस, आईएफएस का योगी को पत्र, अंतर-धार्मिक विवाह संबंधी अध्यादेश को वापस लिया जाए

A group of former civil servants has written an open letter to the Chief Minister of Uttar Pradesh demanding the withdrawal of the ordinance on interfaith marriage

नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2020. सौ से अधिक भूतपूर्व सिविल सेवकों, जिनमें कई सचिव स्तर के अवकाशप्राप्त अधिकारी हैं, ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक खत लिखकर मांग की है कि यूपी में लागू अंतर-धार्मिक विवाह संबंधी अध्यादेश को वापस लिया जाए।   

खत का मजमून इस प्रकार है –  

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री को सी सी जी का खुला पत्र –

अंतर-धार्मिक विवाह संबंधी अध्यादेश को वापस लिया जाए   

29 दिसम्बर 2020

माननीय मुख्य मन्त्री जी,

भूतपूर्व सिविल सेवकों का हमारा यह समूह आपको अत्यंत चिंता व दुख के साथ देश की एकता, जिस पर हमें गर्व रहा है, को आगे भी बनाए रखने के लिए अति महत्वपूर्ण विषय पर संबोधित कर रहा है।हम प्रारंभ में ही यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारा समूह संविधान में परिकल्पित भारत की धारणा में पूर्ण आस्था रखता है,  परंतु राजनीति में तटस्थ व निष्पक्ष है।

आज हम मुरादाबाद की कुख्यात, और उसके लगभग साथ हुईं वैसी ही कई अनेक, घटनाओं पर अपनी पीड़ा से आपको अवगत कराना चाहते हैं। मुरादाबाद में 22 वर्षीय राशिद, और उसके 25 वर्षीय भाई सलीम, को दो सप्ताह तक जेल में रखने के बाद ही रिहा किया गया, जब कि उसकी पत्नी ने बार-बार पुलिस, मीडिया, और अदालत को बताया कि उसने अपनी मर्ज़ी से शादी की है, और वह अपने पति के घर वालों के साथ ही रहना चाहती है।

राशिद और पिंकी ने जूलाई 2020 में शादी की थी, यानी नए अंतर-धार्मिक विवाह से संबंधित अध्यादेश लागू होने से काफ़ी पहले। 5 दिसम्बर को जब वह अपनी शादी रजिस्टर कराने जा रहे थे, बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने उन्हें घेरा और राशिद पर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगा कर उन्हें पुलिस थाने ले गए। यद्यपि पिंकी ने  अनेक बार बताया कि उसने अपनी स्वेच्छा से शादी की है, राशिद और सलीम को जेल भेज दिया गया, और पिंकी को संरक्षण केंद्र में। बजरंग दल के लोग पिंकी के घर वालों को भी बुला लाए।  यह अक्षम्य है कि पुलिस की मौजूदगी में एक गुट निर्दोष दंपति को डराता धमकाता  रहा, और पुलिस मूक दर्शक बनी देखती रही।

राशिद ने यह कहा कि  “मैंने बजरंग दल के लोगों को बताया था कि मेरी पत्नी गर्भवती है, लेकिन उन्होंने हमें गालियां दीं। वे हमें घसीटते हुए पुलिस स्टेशन ले गए और मेरे ससुराल वालों को बुलाया। फिर हमें बंद कर दिया गया और एक संगरोध केंद्र में भेज दिया गया। मैं अपनी पत्नी से मिल भी नहीं सका। ” (रहमान और सिन्हा, द इंडियन एक्सप्रेस, 2020)। अंततः पिंकी का गर्भपात हो गया, संभवतः इस प्रताड़ना के कारण । माननीय मुख्यमंत्री जी, क्या इसे अजन्मे शिशु को घात पहुंचाने का मामला नहीं मानना चाहिए है, और क्या आपके राज्य की पुलिस इस अपराध के दुष्प्रेरण में भागीदार नहीं है ?

अफ़सोस है कि यह घटनाऐं उत्तर प्रदेश में उन युवाओं के खिलाफ अत्याचारों की श्रृंखला की नई कड़ी है, जिनका अपराध केवल यह है कि वह एक स्वतंत्र देश के स्वतंत्र नागरिक के रूप में जीना चाहते हैं। विधि-नियम व्यवस्था (rule of law) में विश्वास रखने वाले सभी भारतीयों के आक्रोश के बावजूद यह सिलसिला बेरोकटोक जारी है। धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश,  अपनी इच्छा से अपना चुनाव करने की हिम्मत रखने वाले भारत के मुस्लिमों और महिलाओं के विरुद्ध,  हथियार के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों के अनेक स्पष्ट निर्णय हैं कि अपना जीवनसाथी अपनी मर्ज़ी से चुनना संविधान के तहत प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है,  परंतु उत्तर प्रदेश को यह संविधान मान्य नहीं प्रतीत होता है। स्वघोषित रक्षा दल स्वच्छन्दता से निर्दोष नागरिकों को आतंकित कर रहे हैं। यह दुखद सत्य सर्व विदित है कि उत्तर प्रदेश जो कभी मिली-जुली गंगा-जमुनी तहज़ीब का देश के लिए उदाहरण था, विगत कुछ वर्षों में घृणा, विभाजन और कट्टरपन की राजनीति का केंद्र बिन्दु बन गया है और प्रदेश के शासन तंत्र में भी सांप्रदायिक ज़हर घुल चुका है। यही नहीं, प्रदेश की कानून-प्रवर्तन मशीनरी की भूमिका तानाशाही शासनतंत्र की खुफ़िया पुलिस की याद दिलाती है। नागरिकों में आपसी वैमनस्य बढ़ाने से बड़ा खतरा देश के लिए आप खड़ा नहीं कर सकते, जिससे देश के दुश्मनों को ही सहायता मिलेगी। जहां चाणक्य ने हमें अपने प्रतिद्वंदियों के अंदर फूट डालने की शिक्षा दी है, वहाँ आप अपने ही लोगों के बीच नफ़रत के बीज बो रहे हैं।          

इसलिए हम आपसे आग्रह करते हैं कि इस असंवैधानिक अध्यादेश को वापस लिया जाए और जो नागरिक इसके अवैध प्रवर्तन से प्रताड़ित हुए हैं, उनकी समुचित क्षतिपूर्ति की जाए। जिन पुलिसकर्मियों ने अपने सामने यह होने दिया, उन पर विधिवत उत्तरदायित्व निर्धारित होना चाहिए। मामले की जांच वरिष्ठ मजिस्ट्रेट से कराके, यदि किसी की अजन्मे शिशु की मृत्यु में सहभागिता पाई जाए, तो उसके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत मुकदमा चलाया जाए।

प्रदेश के सम्पूर्ण पुलिस फ़ोर्स को नागरिकों के अधिकारों को सम्मान देने की ट्रेनिंग की तत्काल वश्यकता है, तथा प्रदेश के सभी राजनीतिज्ञों को भारत के संविधान की व्यवस्था से अपने को पुनः शिक्षित करना चाहिए, जिस संविधान के पालन व रक्षा करने की वह शपथ लेते रहें हैं।यद्यपि पूर्व के पत्राचार से यह उम्मीद तो नहीं जगती है कि आपकी सरकार कानून की शासन व्यवस्था लागू करने के लिए कोई ठोस क़दम उठाएगी, परंतु हम यह आशा ज़रूर  करते हैं कि सामान्य नागरिक इन परिस्थितियों पर सही नजरिए से चिंतन कर सकेंगे और जागरूक जनमत व न्यायालय इस अवनति को रोकने के लिए हस्तक्षेप करेंगे।

सत्यमेव जयते

104 हस्ताक्षरी निम्नवत

  अनिता अग्निहोत्री IAS (सेवानिवृत्त), पूर्व सचिव, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग, भारत सरकार
  सलाहुद्दीन अहमद IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य सचिव, राजस्थान
  शफ़ी आलम IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व महानिदेशक, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, भारत सरकार
  के सलीम अली IPS (सेवा निवृत्त) पूर्व विशेष निदेशक, सी बी आई, भारत सरकार
  एस.पी. एम्ब्रोज़ IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त सचिव, जहाज़रानी और परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार
  आनंद अर्नि   R&AW (सेवानिवृत्त ) पूर्व विशेष सचिव, कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार
  वप्पला बालचंद्रन IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व विशेष सचिव, कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार
  गोपालन बालगोपाल IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व विशेष सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार
  चंद्रशेखर बालकृष्णन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, कोयला, भारत सरकार
  राणा बनर्जी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व विशेष सचिव, कैबिनेट सचिवालय (आर  & ए डब्लू ), भारत सरकार
  टी के बनर्जी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सदस्य, संघ लोक सेवा आयोग
  शरद बेहार IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य सचिव,  मध्य प्रदेश
  औरोबिंदो बेहेरा IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सदस्य, राजस्व बोर्ड,  ओडिशा
  मधु भादुड़ी IFS (सेवानिवृत्त) पुर्तगाल में पूर्व राजदूत
  प्रदीप भट्टाचार्य IAS (सेवा निवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, विकास , योजना और प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान,  पश्चिम बंगाल
  मीरां सी बोरवांकर IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व पुलिस आयुक्त, पुणे, महाराष्ट्र
  रवि बुधिराजा IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, भारत सरकार
  सुंदर बुर्रा IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव,  महाराष्ट्र सरकार
  राकेल चटर्जी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व विशेष मुख्य सचिव, कृषि,  आंध्र प्रदेश सरकार
  कल्याणी चौधरी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार
  ऐना दानी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, महाराष्ट्र सरकार
  पी आर दासगुप्ता IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, भारतीय खाद्य निगम, भारत सरकार
  नरेश्वर दयाल IFS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार  और यूनाइटेड किंगडम में  पूर्व उच्चायुक्त
  प्रदीप के देब IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव,खेल मंत्रालय, भारत सरकार
  नितिन देसाई IES (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
  केशव देसिराजू IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व स्वास्थ्य सचिव, भारत सरकार
  एम जी देवसहायम IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, हरियाणा सरकार
  सुशील दुबे IFS (सेवानिवृत्त) स्वीडन में पूर्व राजदूत
  ए एस दुलत IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व ओएसडी (कश्मीर) , प्रधान मंत्री कार्यालय, भारत सरकार
  के पी फ़ेबियन IFS (सेवानिवृत्त) इटली में पूर्व राजदूत
  प्रभु घाटे IAS  (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक, पर्यटन विभाग, भारत सरकार
  आरिफ़ घौरी IRS (सेवानिवृत्त) पूर्व सलाहकार प्रशासन, डी एफ़ आई डी, यू. के. सरकार (प्रतिनियुक्ति पर)
  गौरीशंकर घोष IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मिशन निदेशक, राष्ट्रीय पेयजल मिशन, भारत सरकार
  सुरेश के गोयल IFS (सेवानिवृत्त) पूर्व महानिदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, भारत सरकार
  एस के गुहा IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार
  एच एस गुजराल IFoS (सेवानिवृत्त) पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक,  पंजाब सरकार
  मीना गुप्ता IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, पर्यावरण और वन मंत्रालय, भारत सरकार
  रवि वीर गुप्ता IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व डिप्टी गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक
  वजाहत हबीबुल्लाह IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, भारत सरकार और मुख्य सूचना आयुक्त
  दीपा हरि IRS (रिज़ाइंड)  
  सज्जाद हसन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व आयुक्त (योजना), मणिपुर सरकार
  राहुल खुल्लर IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण
  अजय कुमार IFoS(सेवानिवृत्त) पूर्व निदेशक, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार
  अरुण कुमार IAS  (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण, भारत सरकार
  बृजेश कुमार IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार
  सुधीर कुमार IAS  (सेवानिवृत्त) पूर्व सदस्य, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण
  पी के लाहिरी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व ई डी, एशियन डेवलपमेंट बैंक: पूर्व राजस्व सचिव, भारत सरकार
  आलोक बी लाल IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व महानिदेशक (अभियोजन), उत्तराखंड सरकार
  सुबोध लाल IPoS (रिज़ाइन्ड) पूर्व उपमहानिदेशक, संचार मंत्रालय, भारत सरकार
  बी बी महाजन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व खाद्य सचिव, भारत सरकार
  पी एम एस मलिक IFS  (सेवानिवृत्त) म्यांमार में पूर्व राजदूत और विशेष सचिव, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार
  हर्ष मंदर IAS (सेवानिवृत्त) मध्य प्रदेश सरकार
  अमिताभ माथुर IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व निदेशक, विमानन अनुसंधान केंद्र और पूर्व विशेष सचिव, कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार
  अदिति मेहता IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार
  शिवशंकर मेनन IFS (सेवानिवृत्त) पूर्व विदेश सचिव व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार , भारत सरकार
  सोनालिनी मीरचंदानी IFS (रिज़ाइन्ड) भारत सरकार
  नूर मोहम्मद IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार
  अविनाश मोहननय IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व पुलिस महानिदेशक, सिक्किम
  देब मुखर्जी IFS (सेवानिवृत्त) बांग्लादेश में पूर्व उच्चायुक्त और नेपाल में पूर्व राजदूत
  शिव शंकर मुखर्जी IFS (सेवानिवृत्त) यूनाइटेड किंगडम में पूर्व उच्चायुक्त
  प्रणब एस मुखोपाध्याय IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ पोर्ट मैनेजमेंट, भारत सरकार
  नागलस्वामी IA&AS (सेवानिवृत्त) पूर्व प्रमुख महालेखाकार , तमिल नाडु व केरल
  टी के ए नायर  IAS  (सेवानिवृत्त) भारत के प्रधान मंत्री के पूर्व सलाहकार
  पी जी जे नम्पूदिरी IPS (सेवानिवृत्त) पूर्व पुलिस महानिदेशक, गुजरात
  पी जॉय ऊम्मेन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ 
  अमिताभ पांडे IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, अंतर-राज्य परिषद, भारत सरकार
  आलोक परती IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार
  आर पूर्णलिंगम IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार
  राजेश प्रसाद IFS  (सेवानिवृत्त) नीदरलैंड में पूर्व राजदूत
  आर एम  प्रेमकुमार IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य सचिव, महाराष्ट्र
  टी आर रघुनन्दन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व संयुक्त सचिव, पंचायती राज, भारत सरकार 
  एन के रघुपति IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, कर्मचारी चयन आयोग, भारत सरकार
  वी पी राजा IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष,  महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग
  सी बाबू राजीव IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, भारत सरकार
  पी वी रमेश IAS  (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुख्य मंत्री, आंध्र प्रदेश
  के सुजाता राव IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व स्वास्थ्य सचिव, भारत सरकार
  एम वाई राव IAS (सेवानिवृत्त)  
  निरुपमा मेनन राव IFS  (सेवानिवृत्त) पूर्व विदेश सचिव, भारत सरकार
  विजय लता रेड्डी IFS (सेवानिवृत्त) पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, भारत सरकार
  जूलियो रिबेरो IPS (सेवानिवृत्त) राज्यपाल पंजाब के पूर्व सलाहकार और रोमानिया में पूर्व राजदूत
  अरुणा रॉय IAS (त्यागपत्र)  
  मानबेंद्र एन रॉय IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल सरकार
  दीपक सानन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व प्रधान सलाहकार (एआर), मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश
  एस सत्यभामा IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन, भारत सरकार
  एन सी सक्सेना IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, योजना आयोग, भारत सरकार
  ए सेलवाराज IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य आयुक्त, आयकर, चेन्नई
  अर्धेंदु सेन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य सचिव, पश्चिम बंगाल
  अभिजीत सेनगुप्ता IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व सचिव, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
  आफ़ताब सेठ IFS (सेवानिवृत्त) जापान में पूर्व राजदूत
  अशोक कुमार शर्मा IFoS (सेवानिवृत्त) पूर्व एमडी, राज्य वन विकास निगम, गुजरात सरकार
  अशोक कुमार शर्मा IFS (सेवानिवृत्) फिनलैंड और एस्टोनिया में पूर्व राजदूत
  नवरेखा शर्मा IFS (सेवानिवृत्त) इंडोनेशिया में पूर्व राजदूत
  प्रवेश शर्मा IAS  (सेवानिवृत्त) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश सरकार
  राजू  शर्मा IAS (सेवानिवृत्) पूर्व सदस्य ,राजस्व परिषद ,उत्तर प्रदेसश
  रश्मि शुक्ला शर्मा IAS  (सेवानिवृत्) पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश सरकार
  रमेश इंदर सिंह IAS  (सेवानिवृत्) पूर्व मुख्य सचिव व मुख्य सूचना आयुक्त, पंजाब
  तिरलोचन सिंह IAS (सेवानिवृत्) पूर्व सचिव, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, भारत सरकार
  जवाहर सरकार IAS (सेवानिवृत्त)   पूर्व सचिव, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और पूर्व सीईओ, प्रसार भारती
  ए के श्रीवास्तव IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व प्रशासनिक सदस्य, मध्य प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण
  पी एस एस थॉमस IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व महासचिव, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
  गीता थूपल IRAS (सेवानिवृत्त) पूर्व महाप्रबंधक, मेट्रो रेलवे, कोलकाता
  हिंदल तैयबजी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व मुख्य सचिव स्तर, जम्मू और कश्मीर सरकार
  अशोक वाजपेयी IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व अध्यक्ष, ललित कला अकादमी
  रमणी वेंकटेशन IAS (सेवानिवृत्त) पूर्व महानिदेशक, याशदा, महाराष्ट्र सरकार

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