बांग्लादेश में हिंदू की नृशंस हत्या निंदनीय : जस्टिस मार्कंडेय काटजू
बांग्लादेश में एक हिंदू की नृशंस लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने कड़ी निंदा की है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सभ्य समाज पर उठाए गंभीर सवाल...

Justice Markandey Katju's open letter to the Supreme Court judges: Serious questions on the working style of judges
बांग्लादेश में हिंदू की लिंचिंग पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू की तीखी टिप्पणी
📍नई दिल्ली, 22 दिसंबर 2025: भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की नृशंस लिंचिंग की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे न केवल बांग्लादेश बल्कि पूरे उपमहाद्वीप के लिए शर्मनाक करार दिया है।
जस्टिस काटजू ने कहा, “मैं बांग्लादेश में एक हिंदू की बर्बर लिंचिंग की निंदा करता हूं, ठीक उसी तरह जैसे मैं दुनिया में कहीं भी अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों की निंदा करता हूं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान यही होती है कि वहां अल्पसंख्यक गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इस कसौटी पर न तो भारत, न पाकिस्तान और न ही बांग्लादेश को सभ्य कहा जा सकता है।
जस्टिस काटजू के अनुसार, उपमहाद्वीप के देशों में अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार लगातार सवालों के घेरे में रहा है और यह लोकतंत्र व मानवाधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने यह भी रेखांकित किया कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा किसी भी समाज को पीछे की ओर धकेलती है और उसे सभ्यता के बजाय भीड़तंत्र की ओर ले जाती है।


