दक्षिण सूडान में युद्ध और जलवायु संकट से गहराया खाद्य संकट: लाखों लोग भुखमरी की कगार पर
दक्षिण सूडान में जारी हिंसा, जलवायु आपदाओं और वैश्विक फंडिंग कटौती के चलते खाद्य संकट गंभीर होता जा रहा है

South Sudan. Airdrops in Nyueny, Upper Nile स्टेट Photo@WFP Peter Louis
दक्षिण सूडान में बढ़ता खाद्य संकट: भुखमरी का नया दौर
- ऊपरी नाइल राज्य में हिंसा और विस्थापन ने बिगाड़ी स्थिति
- WFP की चेतावनी: 27.4 करोड़ डॉलर नहीं मिले तो सहायता रुकेगी
- हैज़ा संक्रमण और कुपोषण ने राहत कार्यों पर डाला दबाव
- सीमित संसाधनों के बीच 20 लाख लोगों तक पहुँची आपात सहायता
- फसल और सुरक्षा की उम्मीद उन इलाक़ों में जहाँ शांति है
सूडान से आए शरणार्थियों ने दक्षिण सूडान की चुनौती को बढ़ाया
दक्षिण सूडान में जारी हिंसा, जलवायु आपदाओं और वैश्विक फंडिंग कटौती के चलते खाद्य संकट गंभीर होता जा रहा है। WFP ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल धन नहीं मिला, तो सितंबर से सहायता और घटेगी। पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की मानवीय संकट पर पूरी रिपोर्ट।
Food crisis worsens in South Sudan due to war and climate shocks
दक्षिण सूडान में युद्ध और जलवायु झटकों के कारण खाद्य संकट गहराया
22 जुलाई 2025 शान्ति और सुरक्षा
दक्षिण सूडान में भुखमरी और मानवीय संकट तेज़ी से गहराता जा रहा है और देश में लाखों लोग, वैश्विक स्तर पर धन कटौती के प्रभावों के कारण, खाद्य सहायता से वंचित हो सकते हैं.
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने आगाह किया कि धन-कटौती के कारण करोड़ों लोगों तक खाद्य सहायता पहुँचाना मुश्किल हो जाएगा.
WFP ने जुलाई की शुरुआत में, ऊपरी नाइल प्रदेश में हवाई मार्ग से आपातकालीन खाद्य सहायता पहुँचानी शुरू की. यहाँ बढ़ती हिंसा की वजह से हज़ारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए और समुदाय भुखमरी के कगार पर पहुँच गए.
IPC प्लेटफ़ॉर्म के मुताबिक़, देशभर में स्थिति चिन्ताजनक है. देश की आधी आबादी यानि 7.7 करोड़ से अधिक लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, जिनमें से 83 हज़ार से ज़्यादा लोग "विनाशकारी" स्तर की भुखमरी झेल रहे हैं.
WFP के उप कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने दक्षिण सूडान दौरे के बाद कहा, "यहाँ की पीड़ा सुर्ख़ियों में नहीं आती, लेकिन लाखों माता-पिता और बच्चे हर दिन भूख से जूझ रहे हैं."
सबसे प्रभावित क्षेत्रों में अपर नाइल राज्य शामिल है, जहाँ हिंसा के के कारण हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं और राहत पहुँचाने में रुकावट आ रही हैं. नासिर और उलांग जैसे दो ज़िले भुखमरी के कगार पर हैं.
दक्षिण सूडान को 2011 में आज़ादी मिली थी. उसके बाद देश में गृह युद्ध भड़क उठा था जोकि 2018 में एक शान्ति समझौते के ज़रिए समाप्त हुआ था.
हालाँकि, हालिया राजनैतिक तनाव और हिंसक हमलों से यह समझौता फिर से टूटने के कगार पर है, ख़ासकर ऊपरी नाइल राज्य में.
पड़ोसी देश सूडान में जारी युद्ध ने संकट को और बढ़ा दिया है. अप्रैल 2023 से अब तक लगभग 12 लाख लोग सीमा पार करके दक्षिण सूडान पहुँचे हैं, जिनमें से बहुत से लोग भूखे, मानसिक आघात से ग्रस्त और बिना किसी सहायता के हैं.
WFP ने बताया कि देशभर में 23 लाख बच्चे अब कुपोषण के ख़तरे में हैं.
हालात नाज़ुक
कठिन परिस्थितियों के बावजूद, WFP ने इस साल अब तक 20 लाख से अधिक लोगों तक आपातकालीन खाद्य सहायता पहुँचाई है.
जिन 10 ज़िलों में युद्ध कम हुआ है, वहाँ लोग अपनी ज़मीनों पर लौटे हैं, जिससे फ़सल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा में सुधार हुआ है.
WFP ने सबसे अधिक प्रभावित और दूर-दराज़ के इलाक़ों तक पहुँचने के लिए, ग्रेटर ऊपरी नाइल क्षेत्र में 40 हज़ार लोगों के लिए 430 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री की हवाई आपूर्ति की है.
सीमित बुनियादी ढाँचे वाले देश में सहायता पहुँचाने के लिए नदी मार्ग सबसे प्रभावी साधन बन गया है. वहीं, WFP की मानवीय हवाई सेवा अब भी ऊपरी नाइल के सात स्थानों तक नियमित उड़ानें संचालित कर रही है.
इसी दौरान, ऊपरी नाइल में फैले हैज़ा संक्रमण ने राहत प्रयासों पर अतिरिक्त दबाव डाला है.
WFP ने कहा है कि वह इस समय सिर्फ़ 25 लाख लोगों को सहायता दे पा रहा है, वो भी कई बार आधे राशन के रूप में. अगर जल्द ही 27.4 करोड़ डॉलर की धन सहायता नहीं मिली, तो सितम्बर से सहायता में और कटौती शुरू हो जाएगी.
निदेशक स्काउ ने कहा, “हमारे पास संसाधन और क्षमता है, लेकिन वित्तीय सहाया और शान्ति के बिना हमारे हाथ बँधे हुए हैं.”


