सीरिया में बर्फ़ीले तूफ़ान से तबाही, नाइजीरिया में स्कूलों पर हमले और लेबनान में बढ़ता तनाव
भीषण बर्फ़ीले तूफ़ान से सीरिया में विस्थापितों की मुसीबत बढ़ी, नाइजीरिया में स्कूलों की सुरक्षा पर UN की चेतावनी और लेबनान में हवाई हमले।
सीरिया में बर्फ़ीले तूफ़ान ने विस्थापन शिविरों को झकझोरा
- नवजात शिशुओं की मौत, हाइपोथर्मिया का बढ़ता ख़तरा
- ईंधन संकट और मानवीय सहायता की भारी कमी
- नाइजीरिया में हिंसा, स्कूल और शिक्षा पर सीधा हमला
- सुरक्षित स्कूल घोषणापत्र लागू करने की संयुक्त राष्ट्र की अपील
लेबनान में इसराइली हवाई हमले, UNIFIL सतर्क
Devastation caused by snowstorms in Syria, attacks on schools in Nigeria, and rising tensions in Lebanon.
नई दिल्ली, 7 जनवरी 2025. युद्धग्रस्त सीरिया के विस्थापितों पर सर्दियों की मार एक बार फिर भारी पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, उत्तरी सीरिया में आए भीषण बर्फ़ीले तूफ़ान ने पहले से बदतर हालात को और भी अधिक कठिन बना दिया है। अलेप्पो, इदलिब और अल-हसाकेह गवर्नरेट में लगभग 90 विस्थापन स्थल इस भीषण तूफ़ान की चपेट में आ गए, जिससे अनुमानतः डेढ़ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
कड़ाके की ठंड ने जानलेवा रूप ले लिया है। उत्तरी इदलिब के हरीम क्षेत्र में ठंड के कारण दो नवजात शिशुओं की जान जाने ने मानवीय संकट की भयावह तस्वीर पेश की है। ख़बर है कि पाँच हज़ार से अधिक अस्थायी आश्रय स्थल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे हाइपोथर्मिया और श्वसन रोगों का ख़तरा तेज़ी से बढ़ रहा है।
ईंधन संकट स्थिति को और भी अधिक गंभीर बना रहा है । अल-हसाकेह और अल-राक्का के कई शिविरों में ईंधन पूरी तरह समाप्त हो चुका है। वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते दिसंबर में सहायता रोक दी गई थी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, मार्च 2026 तक जीवनरक्षक शीतकालीन सहायता के लिए 11.2 करोड़ डॉलर की ज़रूरत है, लेकिन अब तक केवल एक चौथाई धनराशि ही जुट सकी है।
इधर, अफ्रीका के नाइजीरिया में शिक्षा पर हिंसा का साया मंडरा रहा है। नाइजर प्रान्त में हुए हमलों में दर्जनों लोगों की जान जाने और अपहरण की घटनाओं ने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट कहा है कि स्कूलों और छात्रों को निशाना बनाना मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।
मानवीय समन्वयक मोहम्मद मलिक फ़ॉल ने सुरक्षित स्कूल घोषणापत्र को सख़्ती से लागू करने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा के दौरान किसी भी बच्चे की जान जोखिम में नहीं होनी चाहिए।
मध्य-पूर्व में तनाव की एक और कड़ी लेबनान से सामने आई है, जहाँ UNIFIL ने इसराइली हवाई हमलों और ब्लू लाइन के पास गोलाबारी की पुष्टि की है। हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र दोनों पक्षों के संपर्क में बना हुआ है।
तीन अलग-अलग क्षेत्रों से आई ये भयावह ख़बरें एक ही सच्चाई की ओर इशारा करती हैं कि संघर्ष, हिंसा और जलवायु संकट का सबसे बड़ा बोझ आम नागरिकों, बच्चों और विस्थापितों को उठाना पड़ रहा है।
पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की यह ख़बर
सीरिया में बर्फ़ीले तूफ़ान से बढ़ी मुसीबत, नाइजीरिया में स्कूलों की सुरक्षा का आग्रह
मानवीय सहायता मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र समन्वय कार्यालय (OCHA) ने मंगलवार को बताया कि सीरिया के उत्तरी हिस्से में, हज़ारों विस्थापित लोग कड़ाके की ठंड से जूझ रहे हैं, जहाँ भारी बर्फ़ीले तूफ़ान ने अनेक विस्थापन शिविरों को प्रभावित किया है. 31 दिसम्बर को सीरिया के अलेप्पो, इदलिब और अल-हसाकेह गवर्नरेट में क़रीब 90 स्थल इस तूफ़ान की चपेट में आए, जिससे 1.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
मानवीय सहायता साझेदार संगठनों के अनुसार, उत्तरी इदलिब के हरीम इलाक़े में भीषण ठंड के कारण दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई.
इसके अलावा, लगभग 5 हज़ार आश्रय स्थल पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे परिवारों को कठोर सर्दी का सामना करना पड़ रहा है.
इन हालात में, लोगों में अत्यधिक ठंड यानि हाइपोथर्मिया और श्वसन सम्बन्धी बीमारियों का ख़तरा बढ़ गया है.
ईंधन की कमी
ईंधन की आपूर्ति समाप्त होने के कारण हालात और बिगड़ते जा रहे हैं. अल-हसाकेह शहर के विस्थापन स्थलों और अल-राक्क़ा के सामूहिक आश्रय शिविरों में, ईंधन पूरी तरह समाप्त हो चुका है.
दरअसल, वित्तीय संकट की वजह से दिसम्बर में सहायता रोक दी गई थी.
इस तूफ़ान के बाद से राहतकर्मियों ने 10 हज़ार से अधिक विस्थापित लोगों को हीटर और ईंधन मुहैया कराया है.
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, सीरिया में मार्च 2026 तक, जीवनरक्षक शीतकालीन सहायता के लिए 11.2 करोड़ डॉलर की ज़रूरत है, लेकिन अब तक केवल 2.9 करोड़ डॉलर ही जुट पाए हैं.
इससे 74 प्रतिशत सहायता धनराशि की कमी बनी हुई है.
नाइजीरिया: स्कूल पर हमला, ख़तरे में शिक्षा
नाइजीरिया में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ने देश के उत्तरी-मध्य हिस्से में स्थित नाइजर प्रान्त में हुई हिंसक घटनाओं के बाद, आम नागरिकों और स्कूलों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की अपील की है.
गत शनिवार को, स्थानीय प्रशासनिक क्षेत्र (LGA) बोगुरा के कसुवान दाजी गाँव में एक बाज़ार पर हुए हमले में, 30 से अधिक लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली. इस दौरान, हमलावरों ने अनेक लोगों का अपहरण भी किया और बाज़ार में दुकानों तथा आसपास के घरों में आगजनी की.
बीते वर्ष नवम्बर में, सेंट मैरी कैथोलिक स्कूल पर हुए हमले के बाद, वहाँ सामूहिक रूप से अगवा किए जाने की घटना हुई थी, जिसमें 300 से अधिक लोगों का अपहरण कर लिया गया था, जिसमें अधिकतर छात्र शामिल थे. हालाँकि, इन सभी को बाद में रिहा कर दिया गया था.
संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी समन्वयक मोहम्मद मलिक फ़ॉल ने अपने वक्तव्य में कहा, “ये हमले जीवन के अधिकार और नागरिकों - ख़ासकर महिलाओं और बच्चों - की सुरक्षा सहित मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन हैं, और शिक्षा के अधिकार को कमज़ोर करते हैं.”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, “छात्रों, स्कूल और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को हर तरह के हमलों से सुरक्षित रखा जाना चाहिए. शिक्षा हासिल करते समय किसी भी बच्चे की जान जोखिम में नहीं होनी चाहिए…यह सभी बच्चों का बुनियादी अधिकार है.”
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने नाइजीरिया में सुरक्षित स्कूल घोषणापत्र (Safe Schools Declaration) को लागू किए जाने की ज़रूरत पर बार-बार बल दिया है. वर्ष 2015 में अपनाई गई इस घोषणा को, अब तक 120 से अधिक देशों ने समर्थन दिया है.
इसमें सशस्त्र युद्ध के दौरान शिक्षा संस्थानों को हमलों से बचाने और स्कूलों व विश्वविद्यालयों के सैन्य प्रयोग पर रोक लगाने से जुड़े अहम प्रतिबद्धताओं का ज़िक्र किया गया है.
लेबनान: इसराइली हवाई हमलों और गोलाबारी की रिपोर्ट
लेबनान में यूएन अन्तरिम बल (UNIFIL) शान्तिरक्षा मिशन ने सोमवार को अपने अभियान संचालन क्षेत्र में तीन हवाई हमलों की जानकारी दी.
यूएन मिशन ने इस दौरान लड़ाकू विमानों की गतिविधियों से अवगत कराने के साथ ही बताया कि इसराइली सुरक्षा बलों (IDF) की चौकियों से 'ब्लू लाइन' सीमा रेखा के नज़दीकी इलाक़े में छोटे हथियारों और टैंकों से गोलाबारी की गई है.
ब्लू लाइन, इसराइल और दक्षिणी लेबनान को अलग करने वाली सीमा रेखा है, जहाँ शान्तिरक्षक बलों द्वारा निगरानी की जाती है.
इस स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए, मिशन अपने कार्यों समेत देश में यूएन विशेष समन्वयक (UNSCOL) के माध्यम से दोनों पक्षों के सम्पर्क में बना हुआ है.
यूएन शान्ति अभियानों के प्रमुख, ज्याँ-पिएर लाक्रोआ फ़िलहाल इस क्षेत्र के दौरे पर हैं और UNIFIL मुख्यालय तथा ब्लू लाइन में हालात का जायज़ा ले रहे हैं.


