थाईलैंड में शरणार्थियों को मिला रोज़गार का अधिकार : ऐतिहासिक फ़ैसला

Refugees in Thailand get the right to get employment
थाईलैंड सरकार का शरणार्थियों को रोज़गार का अधिकार देने का ऐतिहासिक निर्णय
- 81 हज़ार विस्थापितों के जीवन में बदलाव की उम्मीद
- दशकों से शिविरों में रह रहे शरणार्थियों की स्थिति
- UNHCR और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
- थाईलैंड के लिए रणनीतिक निवेश और विकास
- वैश्विक मानवीय सहायता संकट के बीच नई उम्मीद
नीति लागू करने में चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा
थाईलैंड सरकार ने म्याँमार से आए शरणार्थियों को कानूनी रूप से रोज़गार का अधिकार दिया है। यह ऐतिहासिक फ़ैसला 81 हज़ार विस्थापितों के जीवन बदलने की उम्मीद जगाता है। UNHCR ने इस कदम का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के लिए नया मानक बताया। पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की यह ख़बर...
थाईलैंड में शरणार्थियों को मिला रोज़गार हासिल करने का अधिकार
म्याँमार से थाईलैंड पहुँचे और लम्बे समय से वहाँ रह रहे शरणार्थियों को, अब वहाँ रोज़गार व आमदनी वाला काम करने का क़ानूनी अधिकार मिल गया है. थाईलैंड की राजशाही सरकार के ऐतिहासिक फै़सले के तहत ये अधिकार दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है.
UNHCR के अनुसार, इस नीति बदलाव से, थाई-म्याँमार सीमा पर मौजूद अस्थाई शिविरों में रह रहे लगभग 81 हज़ार विस्थापित लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन आने की आशा है.
इनमें से क़रीब 47 प्रतिशत लोगों का जन्म इन्हीं शिविरों में हुआ है, और ये लोग दशकों से पूरी तरह से मानवीय सहायता पर निर्भर रहे हैं.
एक रणनैतिक निवेश
UNHCR की थाईलैंड प्रतिनिधि टैमी शॉर्प का कहना है, “लम्बे समय से चला आ रहा निर्वासन अब अन्तहीन इन्तज़ार जैसा लगता था. लेकिन आज का दिन एक नई दिशा की शुरुआत है. यह नीति बदलाव, न केवल शरणार्थियों बल्कि मेज़बान समुदायों और पूरे देश के लिए विकास का इंजन साबित होगा.”
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से शरणार्थी न सिर्फ़ अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान देंगे.
“थाईलैंड ने मानवीय सिद्धान्तों को मज़बूती दी है और साथ ही यह अपने भविष्य में एक रणनैतिक निवेश भी कर रहा है.”
रोज़गार के नए अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि क़ानूनी रूप से काम करने का अधिकार मिलने से, दैनिक जीवन में शरणार्थी अधिक वस्तुओं का उपभोग कर सकेंगे, रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में भी योगदान सम्भव होगा.
यह निर्णय ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता के लिए भारी धन-कटौती हुई है और लाखों विस्थापित लोगों के लिए जीवन रक्षक मदद तक पहुँच ख़तरे में है.
UNHCR ने कहा कि यह नीति थाईलैंड की पाँच दशकों से चली आ रही शरणार्थी संरक्षण की परम्परा को और मज़बूत करेगी तथा पूरे क्षेत्र के लिए एक नया मानक स्थापित कर सकती है.
एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस नीति को लागू करने में थाईलैंड सरकार की साझीदार के रूप में मदद करने को तैयार है.
हालाँकि, यह पहल सीमित सँख्या में शरणार्थियों पर लागू होगी, लेकिन UNHCR ने सभी शरणार्थियों को इसमें शामिल करने की वकालत जारी रखने की बात कही है.


