तुर्की ने इजरायल को चेताया: “क्षेत्र को अस्थिर करने की रणनीति तुरंत छोड़े”
तुर्की ने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि इजरायल को क्षेत्र को अस्थिर करने की रणनीति छोड़नी चाहिए। वार्ता को बताया समाधान।

ईरान पर इजरायल हमले के बाद तुर्की की कड़ी प्रतिक्रिया, क्षेत्रीय शांति के लिए वार्ता को समाधान बताया
तुर्की ने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि इजरायल को क्षेत्र को अस्थिर करने की रणनीति छोड़नी चाहिए। वार्ता को बताया समाधान।
नई दिल्ली, 13 जून 2025: ईरान पर इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद तुर्की ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने कहा है कि इजरायल को "क्षेत्र को अस्थिर करने की अपनी रणनीति" को तुरंत समाप्त करना चाहिए।
फिदान ने यह बयान तुर्की के रक्षा मंत्री और खुफिया प्रमुख के साथ चार घंटे चली सुरक्षा बैठक के बाद दिया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में बताया कि अंकारा अमेरिका, ईरान, इराक और जॉर्डन के साथ घनिष्ठ संपर्क में है।
विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केवल कूटनीतिक मार्ग ही इस संकट का समाधान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि “ट्रंप के कार्यकाल में शुरू की गई परमाणु वार्ता ही इस टकराव को हल करने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।”
इस बयान को क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक समाधान की ओर एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, वहीं इजरायल के खिलाफ बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आलोचना को भी यह दर्शाता है।
तुर्किये गणराज्य के विदेश मंत्री हकान फ़िदान (Hakan Fidan) ने एक्स पर लिखा -
“आज हमने अपने राष्ट्रीय रक्षा मंत्री श्री यासर गुलर, हमारे चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल श्री मेटिन गुराक, हमारे एमआईटी निदेशक श्री इब्राहिम कलिन और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की, ताकि ईरान पर इजरायल के हवाई हमलों से शुरू हुई प्रक्रिया और इसके संभावित नतीजों का मूल्यांकन किया जा सके।
हमारे राष्ट्रपति शुरू से ही घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और उन्हें इसकी जानकारी दी गई है। हमारे संबंधित संस्थान हमारे राष्ट्रपति के निर्देशों के अनुरूप हमारे देश से संबंधित संभावित परिदृश्यों के अनुसार सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं।
हम घटनाक्रम की शुरुआत से ही ईरान, इराक, जॉर्डन और अमेरिका जैसे कई देशों के साथ निकट संपर्क में हैं।
इज़राइल, जिसने गाजा में मानवीय त्रासदी पैदा की है, लेबनान को अस्थिरता में धकेल दिया है, सीरिया पर कब्ज़ा करने का लक्ष्य बना रहा है और अब ईरान को निशाना बना रहा है, उसे जल्द से जल्द इस क्षेत्र को अस्थिर करने की अपनी रणनीति को छोड़ देना चाहिए।
हमें अपने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को गाजा में हो रहे नरसंहार से ध्यान हटाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। परमाणु वार्ता के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति श्री ट्रम्प द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया को आगे बढ़ाना ही परमाणु विवाद के कारण उत्पन्न संघर्ष को हल करने का एकमात्र तरीका है।
युद्ध का एकमात्र विकल्प कूटनीति है।“


