वेनेज़ुएला के लोगों की आवाज़ सुनी जानी चाहिए : अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर UN मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क की चेतावनी

  • अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने सम्प्रभुता और यूएन चार्टर को कमज़ोर किया
  • “दुनिया भर के देश कम सुरक्षित हुए” – वोल्कर टर्क
  • मानवाधिकार उल्लंघनों का जवाब सैन्य हस्तक्षेप नहीं
  • OHCHR को वेनेज़ुएला से निष्कासित किए जाने की पृष्ठभूमि
  • राष्ट्रीय आपातकाल और नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध
  • वेनेज़ुएला में मानवाधिकार रिकॉर्ड और UN की जाँच रिपोर्ट
  • मानवीय संकट: 80 लाख लोगों को सहायता की ज़रूरत

देश छोड़ने को मजबूर लाखों वेनेज़ुएलावासी

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से वैश्विक सुरक्षा कमजोर हुई। UN मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क की लोगों की आवाज़ सुनने की अपील। पढ़िए संयुक्त राष्ट्र समाचार की यह खबर...

वेनेज़ुएला के लोगों की आवाज़ सुनी जानी होगी, वोल्कर टर्क

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने वेनेज़ुएला घटनाक्रम पर इन गहरी चिन्ताओं को दोहराया है कि देश की राजधानी कराकस पर संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ने, सम्प्रभु देशों के बुनियादी संरक्षणों को कमज़ोर किया है. उन्होंने ज़ोर देकर यह भी कहा है कि वेनेज़ुएला के लोगों की आवाज़ को सुना जाना ज़रूरी है.

वोल्कर टर्क ने अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई और देश के राष्ट्रपति निकोलस मदूरो को हिरासत में लिए जाने के घटनाक्रम पर मंगलवार को कहा है, “अमेरिकी कार्रवाई ने “दुनिया भर में तमाम देशों को कम सुरक्षित” बना दिया है.

यूएन मानवाधिकार कार्यालय – OHCHR की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने मंगलवार को जिनीवा में पत्रकारों से बातचीत में, संयुक्त राज्य अमेरिका की उस दलील को रद्द कर दिया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, वेनेज़ुएला की सरकार के “लम्बे समय से चले आ रहे बहुत ख़राब” मानवाधिकार रिकॉर्ड के कारण की गई.

रवीना शमदासानी ने ज़ोर देकर कहा, “अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन करके एकतरफ़ा सैन्य हस्तक्षेप करके, मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेही हासिल नहीं की जा सकती है.”

उन्होंने कहा, “वेनेज़ुएला की सम्प्रभुता और यूएन चार्टर का उल्लंघन करके किया गया यह सैन्य हस्तक्षेप, मानवाधिकारों के लिए कोई जीत होने के बजाय, अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा के ढाँचे को कमज़ोर करता है... और यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख भी उठा चुके हैं.”

रवीना शमदासानी ने मानवाधिकार उच्चायुक्त के रुख़ को स्पष्ट किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, “अन्तरराष्ट्रीय क़ानून (और) यूएन चार्टर के बुनियादी सिद्धान्तों का उल्लंघन करती है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी देश, किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखंडता और राजनैतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध ना तो कोई धमकी दें और ना ही कोई बल प्रयोग करें”.

इस सन्दर्भ में यह याद दिलाना भी उपयुक्त होगा कि वेनेज़ुएला में मानवाधिकार स्थिति के बारे में लगातार रिपोर्टिंग करने के बाद, यूएन मानवाधिकार कार्यालय – OHCHR को, वेनेज़ुएला से, फ़रवरी 2024 को निष्काषित कर दिया गया था.

वेनेज़ुएला का मानवाधिकार रिकॉर्ड

वेनेज़ुएला में मानवाधिकार उल्लंघनों की जाँच-पड़ताल के लिए यूएन मानवाधिकार परिषद द्वारा स्थापित स्वतंत्र जाँच आयोग ने भी, देश में सत्तारूढ़ पार्टी के विरोधियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकार के गम्भीर उल्लंघनों का विस्तृत विवरण दर्ज किया है.

रवीना शमदासानी ने कहा कि वेनेज़ुएला के लोगों के मानवाधिकारों का लम्बे समय से उल्लंघन होता रहा है और उन्हें एक ऐसी क़ानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही निर्धारित किए जाने का अधिकार है जिसमें पीड़ितों के पक्ष को उपयुक्त महत्व दिया जाए.

उन्होंने चिन्ता व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि वेनेज़ुएला में अस्थिरता और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में सैन्य मुस्तैदी बढ़ाने से, स्थिति दीगर बिगड़ सकती है.

यूएन मानवाधिकार प्रवक्ता ने ध्यान दिलाया कि वेनेज़ुएला में गत शनिवार को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद, राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई जिसके तहत लोगों के मुक्त आवागमन को प्रतिबन्धित किया गया. इसके तहत साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा की ख़ातिर किसी सम्पत्ति को ज़ब्त किए जाने का प्रावधान किया गया है और लोगों को सभाएँ और प्रदर्शन करने के अधिकार को स्थगित भी किया गया है.

उन्होंने कहा, “उच्चायुक्त ने संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेज़ुएला के अधिकारियों व अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का आहवान किया है कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए, जिसमें मानवाधिकार भी शामिल हैं.”

रवीना शमदासानी ने कहा कि वेनेज़ुएला का भविष्य “केवल देश के लोगों द्वारा ही निर्धारित होना चाहिए, जिसमें मानवाधिकारों के लिए पूर्ण सम्मान हो. साथ ही, उन्हें आत्मनिर्णय का अधिकार और अपनी ज़िन्दगियों व संसाधनों पर सम्प्रभुता हासिल हो.”

सहायता के ज़रूरतमन्द

वेनेज़ुएला में इस राजनैतिक संकट से इतर देखा जाए तो वहाँ कई वर्षों से जारी आर्थिक पतन, दमन और अस्थिरता के हालात में लगभग 80 लाख लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है. यानि चार में से एक व्यक्ति मदद के ज़रूरतमन्द हैं.

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत समन्वय कार्यालय – OCHA ने कहा है कि वेनेज़ुएला के लिए सहायता योजना तो मौजूद है मगर उसके लिए लगभग 60 करोड़ डॉलर की राशि की आवश्यकता है.

यूएन शरणार्थी एजेंसी – UNHCR का कहना है कि देश में अस्थिरता और कमज़ोर आर्थिक परिस्थितियों के कारण, और बेहतर जीवन हालात की तलाश में, लगभग 79 लाख लोग, देश से बाहर चले गए हैं.