लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार गिरने के साथ ही अखिलेश का गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को पूरा करने का ड्रीम भी अधूरा ही रह गया, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सपने को साकार करने के लिए अधिकारियों को रडार पर लेना शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार सुबह ही अपने दल-बल के साथ गोमती किनारे पहुंच गए और अफसरों से रिवर फ्रंट परियोजना की पूरी डिटेल मांगी। उन्होंने अफसरों से कहा कि वो प्रोजेक्ट के एक-एक पैसे का पूरा हिसाब दें।

योगी ने अफसरों के साथ करीब 40 मिनट तक बैठक की।

अफसरों के जवाब से मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने गंदगी के लिए अफसरों को जमकर लताड़ा। इतना ही नहीं उन्होंने रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के बजट पर सवाल उठाया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से नए सिरे से बजट का एस्टिमेट तैयार करने को कहा। गोमती नदी में एक भी नाला न गिरे, इसके लिए अफसरों को निर्देश दिए।

क्या है गोमती रिवर फ्रंट परियोजना

What is Gomti river front project

आपको बता दें कि गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का लोकार्पण 16 नवंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। परियोजना अभी भी अधूरी है।

अखिलेश ने अपने इस ड्रीम प्रॉजेक्ट के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट बनाया था। अब तक इस पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।