असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए नौटंकी-येचुरी
सरकार बताए नोटों को बदलने पर कितना खर्च होगा और कितना काला धन बरामद होगा

नई दिल्ली। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव व राज्यसभा सदस्य कामरेड सीताराम येचुरी ने कहा है कि सरकार को बताना चाहिए कि नोटों को बदलने पर कितना खर्च होगा और कितना काला धन बरामद होगा, यदि सरकार के पास ऐसा कोई डाटा नहीं है तो यह हर व्यक्ति के एकाउन्ट में15 लाख रुपए और प्रति वर्ष दो करोड़ रोज़गार की तरह एक अन्य जुमला साबित होगा।
कामरेड सीताराम येचुरी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा -
सरकार के इस कदम से कितना काला धन को रोकने का अनुमान है, सरकार को इन आंकड़ों को सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने कहा -
पुराने नोटों को वापिस लेने और उन्हें नए 2000रुपए के नोटों से बदलने का खर्च है? इसकी आर्थिक और सामाजिक लागत भी सरकार कोसार्वजनिक करनी चाहिए।
कामरेड येचुरी ने कहा -
यदि इसका कोई डाटा नहीं है तो भय है कि यह हर व्यक्ति के एकाउन्ट में15 लाख रुपए और प्रति वर्ष दो करोड़ रोज़गार की तरह एक अन्य जुमला साबित होगा।
उन्होंने कहा -
यह अमुद्रीकरण, पिछले ढाई वर्ष में सरकार की सामाजिक व राजनैतिक असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए एक नौटंकी है।

What are the estimates of black money that will be curbed by this move? Govt should make the figures public
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 9, 2016

What is the cost of withdrawing currency notes and replacing them with ₹2000 notes? Also, its economic and social costs must be made public
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 9, 2016

If no such data exists, as one fears, it only proves that it is another jumla like the 15 lakh in each account or 2 crore jobs per year?
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 9, 2016

This demonetisation is attempted as a gimmick to divert attention from serious social and political failures of this govt in past 2.5 years.
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 9, 2016