15 से जायेंगी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

रायपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) सहित चार यूनियनों से बनी संयुक्त संघर्ष समिति ने आंगनबाड़ी का निजीकरण रोकने, 18000 रूपये मासिक वेतन देने, सेवानिवृत्त कार्यकर्ता और सहायिकाओं को 3000 रूपये पेंशन देने या फिर एक लाख रूपये एकमुश्त राशि देने जैसी लंबित मांगों पर फिर से संघर्ष का एलान किया है. तीन मार्च को वे ब्लाक स्तर पर रैलियां निकालकर जनविरोधी बजट का पुतला दहन करेगी और सीडीपीओ को ज्ञापन देगी. 8 मार्च को जिला स्तर पर प्रतिरोध दिवस मनाएंगी तथा सरकार द्वारा आयोजित महिला दिवस के कार्यक्रमों का बहिष्कार करेगी. 9-14 मार्च तक विधायक-मंत्रियों सहित सभी जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर अपनी मांगों से अवगत कराएगी और सरकार पर दबाव डालकर इन मांगों को पूरा करवाने का आग्रह करेंगी. इसके बाद भी सरकार यदि समस्याओं के उचित समाधान के लिए वार्ता नहीं करती, तो 15 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगी.

श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों की यह घोषणा संयुक्त संघर्ष समिति की एक बैठक में की गई. इस बैठक में अ. भा. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका महासंघ की दिल्ली से आई राष्ट्रीय महासचिव अ. आर. सिन्धु भी उपस्थित थी.

यह जानकारी सीटू के आंगनबाड़ी यूनियन के नेता गजेंद्र झा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी. उन्होंने कहा कि बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के लिए मानदेय में जिस वृद्धि की घोषणा की गई है, वह सरकारी न्यूनतम वेतन की भी पूर्ति नहीं करता और मात्र छलावा है. अपने अधिकारों के लिए लड़ने के सिवा अब कोई विकल्प नहीं बचा है.