आडवाणी ग्रुप को नायडू की नसीहत-वरिष्ठ नेताओं को अपने विचार सार्वजनिक तौर पर नहीं रखने चाहिए थे
आडवाणी ग्रुप को नायडू की नसीहत-वरिष्ठ नेताओं को अपने विचार सार्वजनिक तौर पर नहीं रखने चाहिए थे
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्तके बाद भारतीय जनता पार्टी में मोदी बनाम भागवत और मोदी बनाम आडवाणी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। बिहार चुनाव में हार के बाद नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने नसीहत दी है कि उन्हें अपने विचार सार्वजनिक तौर पर व्यक्त करने के बजाए पार्टी के मंच पर रखना चाहिये था।
केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अपने विचार सार्वजनिक तौर पर व्यक्त करने के बजाए पार्टी के मंच पर रखना चाहिये था।
संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि देश और पार्टी को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की आवश्यकता है, लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भाजपा ‘इन विचारों और चिंताओं पर ध्यान देगी।’
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा ने बिहार चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा था। इन वरिष्ठ नेताओं ने एक बयान में कहा था कि पार्टी पिछले एक साल में ‘शक्तिहीन’ हुई है और पार्टी को ‘मुठ्ठीभर लोगों के के अनुसार चलने को मजबूर’ किया जा रहा है।
वेंकैया नायडू ने कहा, ‘हमारे कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कुछ मुद्दे उठाए हैं। यदि ये मुद्दे सार्वजनिक तौर पर उठाने के बजाए पार्टी में उठाए गए होते, तो बेहतर होता लेकिन इसके बावजूद हम उनके विचारों और चिंताओं पर ध्यान देंगे।’
उन्होंने कहा, ‘हम सभी संबंधित लोगों से चर्चा करेंगे। संसदीय बोर्ड ने बिहार में हार का कारण बनी कमियों पर चर्चा करने और सभी संबंधित लोगों के साथ विचार करने का निर्णय पहले ही ले लिया है। यही परंपरा रही है।’
नायडू ने कहा कि वर्ष 2009 के बाद जब भाजपा अपना प्रदर्शन सुधारने की कोशिश कर रही थी, तब मोदी पार्टी और देश दोनों के हित में उभर कर सामने आए।
श्री नायडू ने कहा, ‘मोदी ने प्रचार का नेतृत्व किया और पार्टी ने लोकसभा में अभूतपूर्व संख्या में सीटें जीतीं। जनता ने 30 साल के अंतराल के बाद किसी एक दल को पूर्ण बहुमत दिया।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी भारत और विश्व के लोगों के बीच देश का गौरव बढ़ाने में अहम रहे हैं।
मोदी को महाराष्ट्र, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में पार्टी के प्रदर्शन का श्रेय देते हुए उन्होंने केंद्र में पार्टी के सत्ता में आने के बाद विभिन्न नगर निकाय चुनावों में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन का भी उल्लेख किया, लेकिन दिल्ली और बिहार में हार का ठीकरा मोदी के सिर फोड़ने से बचाव किया।
नायडू ने कहा, ‘भले ही वह असम, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश हो या बेंगलूरू, अंडमान और लद्दाख। हमने पड़ोसी केरल राज्य में भी शानदार प्रदर्शन किया है जहां हम बहुत कमजोर हुआ करते थे।’
उन्होंने भाजपा के अध्यक्ष शाह का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी की रणनीति बनाने और चुनाव के दौरान प्रचार मुहिम में अहम भूमिका निभाई।
नायडू परोक्षतः आडवाणी को उनके कमजोर नेतृत्व की याददिलाते हुए कहा, ‘भाजपा 2004 में हुए संसदीय चुनावों में हार गई थी। उस समय मैं अध्यक्ष था और अटलजी का नेतृत्व था। हम 2009 में भी यूपाए-2 के हाथों चुनाव हार गए थे। उस समय आडवाणी जी का नेतृत्व था। हम कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हारे।’
नायडू ने कहा, ‘हार और जीत लगी रहती है। हमने इन हार के लिए कभी किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को जिम्मेदार नहीं ठहराया।’
उन्होंने कहा, ‘यह पार्टी की संस्कृति नहीं रही है कि उसके हालात के लिए किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जाए। चुनाव सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप हारे या जीते जाते हैं।।’’
उन्होंने कहा कि पार्टी के विकास और विस्तार में आडवाणी ने बड़ा योगदान दिया है।
नायडू ने कहा, ‘उन्होंने भारत में कांग्रेस के नेतृत्व वाली एकाधिकार की राजनीति को कांग्रेस और भाजपा के बीच की दो ध्रुवीय राजनीति में बदलने में अहम भूमिका निभाई।’
उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा पार्टी के भीतरी लोकतंत्र में भरोसा किया है और यह ‘‘कहना अनुचित है कि उसकी सर्वसम्मति से बनी परंपरा की अवज्ञा की गई है।’
नायडू ने मोदी को देश का ‘सबसे लोकप्रिय नेता’ बताते हुए कहा कि भाजपा और देश को उनके नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘हम सभी को हमारे प्रधानमंत्री पर गर्व है, देश आगे बढ रहा है। भाजपा के हर सहयोगी या कार्यकर्ता को पार्टी के हाथ मजबूत करना चाहिए और देश को आगे ले जाने की मुहिम में अपना योगदान भी देना चाहिए।’
नायडू ने कहा, ‘हमें उनके हाथ मजबूत करने और उनके शासन के जरिए देश को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।’
पार्टी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की गतिविधियों समेत पार्टी की भीतरी राजनीति के बारे में बात करने पर अनिच्छा व्यक्त करते हुए नायडू ने कहा, ‘मैं पार्टी के भीतरी मामलों की मीडिया में चर्चा नहीं करता। मैं पार्टी का अध्यक्ष रहा हूं और मुझे पार्टी की व्यवस्था के बारे में पता है। हमें नेताओं ने इतने संस्कार दिए हैं। पार्टी इस बात पर ध्यान रख रही है कि किसने क्या कहा।’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आडवाणी जी और अटल जी के नेतृत्व में प्रगति की। हमें इस पर गर्व है। इस बारे में कोई दो राय नहीं है।’
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