ऐरा श्रमिकों पर बर्बर लाठी चार्ज, मजदूरों व इ.म.के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
ऐरा श्रमिकों पर बर्बर लाठी चार्ज, मजदूरों व इ.म.के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा ऐरा श्रमिक संगठन के मजदूरों पर बर्बर लाठी चार्ज एवं इ.म.के अध्यक्ष कैलाश भट्ट व 18 अन्य मजदूरों को फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेजने की कार्रवाई का विभिन्न ट्रेड यूनियनों, श्रमिक व जनपक्षधर संगठनों ने विरोध किया है।
24 जुलाई को उत्तराखण्ड के रूद्रपुर में इंकलाबी मजदूर केन्द्र, सिडकुल ठेका मजदूर कल्याण समिति के प्रतिनिधियों व एक्टू के जिला सचिव के के. के. बोरा ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया जिसमें ऐरा बिल्डसिस के मजदूरों पर बर्बर लाठी चार्ज की निंदा की गई तथा इसके लिए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी। इसके अलावा इ.म.के अध्यक्ष कैलाश भट्ट की गैर कानूनी तरीके से की गई गिरफ्तारी व इ.म.के अध्यक्ष सहित 18 अन्य मजदूरों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई की निन्दा करते हुए इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की मांग रखी।
24 जुलाई को उत्तराखण्ड के लाल कुंआ (नैनीताल) में एक जुलूस निकालकर उत्तराखण्ड पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका गया। उत्तराखण्ड के ही रामनगर में उक्त घटना की निंदा करते हुए नायब तहसीलदार के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को प्रेषित किया गया। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में इंकलाबी मजदूर केन्द्र, उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी, वन निगम स्केलर संगठन, कर्मचारी शिक्षक संगठन, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र व क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के कार्यकर्ता शामिल थे।
सभा में वक्ताओं ने सिडकुल प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा मजदूरों के श्रम अधिकारों को कुचलने की नीति की भर्त्सना की तथा इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट सहित सभी मजदूरों पर दर्ज फर्जी केस वापस लेने व उनकी तत्काल रिहाई की मांग की तथा मजदूरों के दमन के दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखण्ड के काशीपुर में इंकलाबी मजदूर केन्द्र व परिवर्तनकामी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने परगनाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस की इस कार्रवाई की भर्त्सना करते हुए गिरफ्तार मजदूरों व इ.म.के अध्यक्ष की रिहाई की मांग की गयी।
हरियाणा के फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 24 जुलाई को ही इंकलाबी मजदूर केन्द्र के कार्यकर्ताओं ने आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को एक ज्ञापन प्रेषित किया जिसमें ऐरा श्रमिक संगठन के मजदूरों तथा इ.म.के अध्यक्ष की गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तारी की निन्दा करते हुए इसके लिए दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की मांग की गयी।
राजधानी दिल्ली में 25 जुलाई को इंकलाबी मजदूर केन्द्र, मजदूर एकता केन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, प्रतिध्वनि, आॅल वीनस वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने उत्तराखण्ड भवन पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। विभिन्न संगठनों व ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता एक जुलूस की शक्ल में उत्तराखण्ड पुलिस व पूंजीपतियों के गठजोड़ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उत्तराखण्ड भवन पहुंचे। उन्होंने हाथों में प्ले कार्ड लिये थे जिनमें उत्तरखण्ड पुलिस व पूंजीपतियों का गठजोड़ मुर्दाबाद, पूंजीवाद साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, मजदूरों के जनवादी अधिकारों का हनन बंद करो आदि नारे लिखे हुए थे। उत्तराखण्ड भवन पर एक जोरदार सभा की गयी जिसमें विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा इस घटना की भर्त्सना करते हुए सभी मजदूरों व इंकलाबी मजदूर केन्द्र के अध्यक्ष कैलाश भट्ट पर लगाये गये फर्जी मुकदमे वापस लेते हुए गिरफ्तार मजदूरों की अविलम्ब रिहाई की मांग के साथ लाठी चार्ज व दमन के दोषी पुलिस कर्मियों व सिडकुल प्रशासन की निंदा की गयी। इससे पूर्व पुलिस द्वारा उत्तराखण्ड भवन से पहले ही प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की गई लेकिन प्रदर्शनकारियों के जोरदार प्रतिरोध के चलते उन्हें पीछे हटना पड़ा। उत्तराखण्ड भवन पर हुए प्रदर्शन के अंत में रेजीडेन्ट कमश्निर के माध्यम से उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया जिसमें ऐरा श्रमिक संगठन के मजदूरों के जनवादी अधिकारों के दमन का विरोध व उत्तराखण्ड सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों का विरोध करते हुए सभी मजदूरों व इ. म. के अध्यक्ष कैलाश भट्ट की तत्काल रिहाई तथा उन पर लगाये गये सभी फर्जी मुकदमे वापस लेने और मजदूरों पर बर्बर लाठी चार्ज व दमनात्मक कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की मांग की गई।
उत्तराखण्ड के हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में 26 जुलाई को इंकलाबी मजदूर केन्द्र, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन एवं क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के प्रतिनधि मंडल ने स्थानीय उप जिलाधिकारी (A.D. M .) को ज्ञापन सौंपा जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस की कार्रवाई की निन्दा करते हुए मजदूरों व इ.म.के अध्यक्ष पर लगे फर्जी मुकदमे हटाने एवं उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई।
(विज्ञप्ति)


