कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी चालू वर्ष में
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी चालू वर्ष में
नई दिल्ली। निर्भया कांड के के बाद उठे तूफान का असर देखना हो तो तेजपाल प्रकरण, गाँगुली प्रकरण और साहेब प्रकरण को नजीर हैं ही इसके अतिरिक्त सरकारी आँकड़े बताते हैं कि वर्ष 2010, 2011 और 2012 के मुकाबले वर्ष 2013 में कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ गये हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) में पिछले दो वर्ष के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की कई शिकायतें दर्ज की गईं। चालू वर्ष में यौन उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं।
36 सर्वाधिक मामलों के साथ 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न में अव्वल रही है। जबकि 34 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है।
वर्ष 2010 में देश भर से ऐसी कुल 104 शिकायतें दर्ज की गई थीं जबकि 2011 में 100 और 2012 में 103 शिकायतें दर्ज की गई थीं लेकिन 2013 में यह कड़ा पिछली सीमाएं तोड़ता हुआ 150 पर जा पहुँचा। महिला तथा बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में जो जानकारी दी उसके मुताबिक ऐसे मामलों की फेहरिस्त निम्न है-
क्रम संख्या
राज्य
2010
2011
2012
2013 (10/12/2013तक)
कुल
1
आंडमान-निकोबार
0
1
0
0
1
2
आंध्र प्रदेश
1
3
0
1
5
3
अरुणाचल प्रदेश
0
0
0
0
0
4
असाम
0
2
0
0
2
5
बिहार
4
3
3
5
15
6
चंडीगढ़
0
0
0
4
4
7
छत्तीस गढ़
1
0
1
1
3
8
दादरा-नागर हवेली
0
0
0
0
0
9
दमन-दीयु
0
0
0
0
0
10
दिल्ली
25
23
15
36
99
11
गोवा
1
1
1
0
3
12
गुजरात
4
1
0
8
13
13
हरियाणा
5
3
2
13
23
14
हिमाचल प्रदेश
0
0
0
0
0
15
जम्मू-कश्मीर
1
1
0
1
3
16
झारखंड
4
5
2
2
13
17
कर्नाटका
2
3
1
3
9
18
केरला
0
0
1
1
2
19
लक्ष्यदीप
0
0
0
0
0
20
मध्य प्रदेश्
10
10
9
9
38
21
महाराष्ट्र
7
4
4
7
22
22
मीरपुर
0
0
0
0
0
23
मेघालय
0
0
0
0
0
24
मिजोरम
0
0
0
0
0
25
नगालैंड
0
0
0
0
0
26
ओडिशा
2
1
4
4
11
27
पुद्दुचेरी
0
0
1
0
1
28
पंजाब
6
2
1
6
15
29
राजस्थान
5
14
13
10
42
30
सिक्किम
0
0
0
0
0
31
तमिलनाडु
0
1
1
1
3
32
त्रिपुरा
0
0
0
0
0
33
उत्तर प्रदेश
23
20
41
34
118
34
उत्तराखंड
0
1
3
0
4
35
पश्चिम बंगाल
3
1
0
4
8
कुल
104
100
103
150
457
एक अन्य लिखित प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ ने आज जानकारी देते हुए कहा कि कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन शोषण (रोकथाम, निषेधिकरण और निवारण) कानून 9 दिसंबर, 2013 से लागू हो गया है। इसके साथ ही कार्य स्थल पर महिलाओं के यौन शोषण (रोकथाम, निषेधिकरण और निवारण) के लिये बने इस कानून के नियम भी 9 दिसंबर, 2013 को प्रकाशित किये गये हैं। संगठित और असंगठित या निजि और सरकारी कार्य स्थल पर काम करने वाली सभी आयु वर्ग की महिलाएं उनके पद में भेदभाव किये बिना इस कानून कानून से लाभान्वित होंगी।
इस कानून में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) और स्थानीय शिकायत समिति (एलसीसी) के गठन के तंत्र का उल्लेख किया गया है। इस कानून के अंतर्गत सभी ऐसे कार्य स्थल जहां पर 10 या 10 से ज्यादा काम करने वाले हैं, वहाँ आईसीसी बनाना अनिवार्य है। जिन स्थानों पर कर्मचारियों की संख्या 10 से कम है वहाँ पर रोजगार दाता के खिलाफ शिकायत का निवारण एलसीसी में किया जायेगा। इस कानून में प्रावधान किया गया है कि रोजगार दाता कार्य स्थल पर यौन शोषण मुक्त माहौल बनाये और समय-समय पर कर्मचारियों को इस कानून के प्रावधानों के बारे में जानकारी देने के लिये कार्यक्रमों और कार्यशालाओं को आयोजन करेंगे।


