नई दिल्ली। क्या खुर्शीद अनवर ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उनकी हत्या की गयी है ?
जी हाँ, यह शक बौद्धिक जगत में गहराता जा रहा है और जो वाकये अब सिलसिलेवार सामने आ रहे हैं वे भी इशारा कर रहे हैं कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला अधिक है और इसकी गहरी छानबीन की जरूरत है। खुर्शीद अनवर लंबे समय से सांप्रदायिक ताकतों, मोदीवादियों के भी निशाने पर थे और मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हमले के बाद जिस तरह से उन्होंने आगे बढ़कर फिरकापरस्त ताकतों के खिलाफ मोर्चा खोला था उससे यह ताकतें बौखला गई थीं।
वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र कुमार सिंह ने भी कहा है कि खुर्शीद ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गयी।
उधर वरिष्ठ पत्रकार शेषनारायण सिंह ने भी कहा है कि, “खुर्शीद आत्महत्या नहीं कर सकता, कभी नहीं। क़त्ल हुआ है। कातिल सीढ़ियों में छुपे रहे होंगे और उसे ज़बरदस्ती छत पर ले गए होंगे और फेंक दिया होगा। एक दिन फेसबुक पर किसी बदतमीज़ ने धमकी दी थी कि तुम्हें देख लेंगे तो खुर्शीद ने जवाब लिखा था "आ जाओ देखते हैं कितनी हिम्मत है और वसन्त कुंज के अपने घर का पता लिख दिया था। उसने आत्महत्या नहीं की।”
दरअसल खुर्शीद के सिर पर चोट आई हैं और यह संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि चौथे माले से छलांग लगाने वाले के सिर में चोट आना संभव नहीं है जब तक कि उसे ऊपर से फेंका न जाए। बहरहाल यह पुलिस की जांच का विषय है।
वैसे भी अभी तक की जानकारी के मुताबिक खुर्शीद का कोई सुसाइड नोट भी प्राप्त नहीं हुआ है। उनकी डायरी के जो तीन पन्ने मिलना बताये जा रहे हैं, उसमें भी कहीं उनके आत्महत्या करने की मंशा का जिक्र नहीं है। इसलिए यह शक गहरा जाता है कि खुर्शीद की हत्या इस तरीके से की गई कि आत्महत्या मालूम पड़े। हत्या का शक इसलिए और गहरा रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया पर निंदा अभियान चलने के बाद खुर्शीद ने इसके खिलाफ एक मानहानि का मुक़दमा भी दायर किया था।
मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक खुर्शीद की मौत के बाद पुलिस ने उनके घर से एक नोट बरामद किया जिसमें लिखा है कि आरोप लगाने वाली लड़की के साथ उन्होंने बलात्कार नहीं किया था। सूत्रों का कहना है ऐसे में पुलिस ने इस मामले के दूसरे पहलुओं की जाँच भी शुरू कर दी है। पुलिस सीएफएसएल से चिट्ठी की जाँच करा रही है। पुलिस की एक टीम खुर्शीद पर आरोप लगाने वाली लड़की का बयान लेने मणिपुर गई है।
उधर खुर्शीद अनवर के पारिवारिक सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि वह मरहूम अनवर द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे को लड़ेंगे व दूध का दूध और पानी का पानी होने तक लड़ेंगे। खुर्शीद के अंतिम संस्कार में शामिल देश की कई जानी मानी मीडिया व अकादमिक जगत की हस्तियों ने भी कहा कि इस मामले को यहीं छोड़ा नहीं जाएगा और इस आपराधिक षडयंत्र के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।