खुली समाजवादी ढोल की पोल, लखनऊ में सीवर का पानी घुसा घरों में
खुली समाजवादी ढोल की पोल, लखनऊ में सीवर का पानी घुसा घरों में
आफत ने डाला डेरा, जिम्मेदार अफसर ग़ायब
लखनऊ। एक तरफ उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार "पूरे हुए वादे-अब हैं नए इरादे" के साथ विकास का ढोल पीट रही है तो उस ढोल की पोल राजधानी लखनऊ में ही मुख्यमंत्री की नाक के नीचे खुल रही है कि सीवर का पानी घरों में घुस रहा है।
लखनऊ निवासी वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया, "कल रात मौसम साफ रहा, लेकिन परसों पूरी रात जम कर बारिश हुई, मतलब कि गरीब बस्तियों में पूरी रात आफत ने डेरा डाला।"
वह कहते हैं, "गाजीपुर (सी ब्लाक, इंदिरा नगर, लखनऊ) से सटी आवास विकास कालोनी में भी यही हुआ। सीवर पहले से सड़क पर बह रहा था। बारिश ने उसे निचान पर बने घरों में ढकेल दिया। फर्श पानी से भर गया और नीचे रखा सामान पानी में उतराने लगा। नींद हराम हो गयी। बच्चे जैसे-तैसे सो सके। लोग रात भर जागे और कल का दिन गंदगी में लिपटे घर और सामान की सफाई में निकल गया। लोग काम पर नहीं निकल सके। उनकी दिहाड़ी मारी गयी। मेहनत-मजदूरी के सहारे चल रहे परिवारों के लिए रात की बारिश के बाद यह दूसरी आफत थी।"
वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी बताते हैं, "हम कुछ पीड़ित लोग कल जल संस्थान के स्थानीय कार्यालय पहुंचे। समस्या बतायी तो जेई ने अपनी समस्या बतायी कि उनके पास इस काम के लिए लोग कम हैं। हालांकि पिछली 4 जून को जल संस्थान को सीवर जाम की समस्या को लेकर अर्जी दी गयी थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बहरहाल, हमारी सुपरवाइजर साहब से बात करायी गयी। उन्होंने बताया कि वे अभी व्यस्त हैं लेकिन आज शाम तक इलाके में जरूर पहुंचेंगे। हम लोग देर शाम तक उनका इंतज़ार करते रहे लेकिन साहब ने दर्शन नहीं दिये।"
वह बताते हैं, "बहरहाल, गुजरी रात आसमान साफ रहा लेकिन यह चिंता नींद को तोड़ती रही कि क्या पता मौसम कब बिगड़ जाये और आफत को दोबारा बुला लाये।"


