चंचल

राहुल गांधी पर जानलेवा हमला अप्रत्यशित नहीं है। यह तो होना ही था।

अगर आपको याद हो तो हमने शुरू में लिख दिया था, गिरोह का यह दूसरा चरण होगा। किसी व्यक्तित्व के उभार से खौफजदा बिरादरी जिस तरह कदम उठाएगी वह तय है।

पहले चरण में उपहास

दुनिया मे सबसे ज्यादा ताकतवर कोई नेता आ रहा है तो वह है राहुल गांधी। यह हम नहीं कह रहे हैं, हम कह दें तो हमे चारण वगैरह बना दिया जाएगा। यह गिरोह बता रहा है।

अंदाज लगाइए और ईमानदारी से बताइये राहुल गांधी को 'पप्पू' साबित करने के लिए कितने जन लगे, कितना धन लगा ? कितना परिश्रम लगा ? अनुमान है ?

हम बता रहे हैं - राहुल गांधी के व्यक्तित्व को गिराने के लिए 7 साल का वक्त अब तक जाया हुआ है। 2010 से अब तक। कुल दो लाख मुँह, समूची मीडिया और सरकार खुद।

मीडिया खरीद फरोख्त खेल में कई हजार करोड़ रुपया लगा मकसद एक - राहुल गांधी। बस राहुल गांधी। वरना तीन साल की मीडिया देख लीजिये। इस सरकार की कोई उपलब्धि ? कोई काम ? एक कोई काम बताई हो मीडिया ने की यह एक काम सरकार ने किया। नहीं। बस भाषण। वह भी राहुल के इर्द गिर्द। नतीजा ? असफल रहे।

राहुल गांधी आगे बढ़ते रहे कम्बख्त ये गिरोही उपहास तक नहीं जमा पाये। इसका सबूत है कल जब राहुल गांधी पर हमला हुआ।

उपहास के बाद आता है - 'विरोध'

राहुल गांधी पर हमला होगा, यह अनुमान में था। इस गिरोह की आदत है यह जिससे खौफ खाता है, उसका उपहास उड़ाएगा, फिर विरोध करेगा और अंत मे शरणम गच्छामि बोल कर घुटने के बल गिर जयगा। झुकने का उतना ही बड़ा इसका इतिहास है जितनी इसकी उम्र है। पटेल से डरा, उनके सामने झुका, माफिना मा लिखा, लोग उस माफीनामे को भूल जांय इसलिए पटेल पूजक हो गया है। श्रीमती इंदिरा गांधी का उपहास किया, फिर विरोध किया और अंत मे माफीनामा लिखा। अब राहुल गांधी से लड़ रहा है उसी हथियार से। हमला करना शुरू कर दिया है। क्यों ? अगर राहुल गांधी की कोई औकात नही है तो एक इतनी बड़ी (?) पार्टी, इतनी दमदार सरकार, एक तन्हा राहुल गांधी पर इतनी ताकत से क्यों हमला कर रही है। आज राहुल गांधी का खौफ चीन और पाकिस्तान से भी ज्यादा हो गया है ?

कल तुम कहाँ मिलोगे गिरोहियों ?

' शरणम गच्छामि '

घुटने के बल बैठ कर चौथा माफीनामा लिख रहे होंगे।

चंचल जी की फेसबुक टाइमलाइन से साभार