गुजरात मांगे जवाब, राहुल के ट्वीट बम से मोदी परेशान
गुजरात मांगे जवाब, राहुल के ट्वीट बम से मोदी परेशान
राहुल गांधी का मोदी पर तंज
राहुल ने उठाया महिलाओं का मुद्दा
गुजरात की बहनों से सिर्फ वादा किया
पीएम का पूरा करने का कोई इरादा नहीं
गुजरात का गढ़ जीतने के लिए राहुल गांधी ट्वीट के जरिए ऐसे तीर छोड़ रहे हैं, जो सीधा बीजेपी के विकास की पोल खेलते हैं।पिछले चार दिन से लगातार सवालों की तोप दागने वाले राहुल गांधी ने रविवार को भी पीएम मोदी पर ट्वीट वार किया...लेकिन इस बार उन्होंने एक ट्वीट से तीन निशाने लगाए। राहुल ने महिलाओं की सुरक्षा, महिलाओं की शिक्षा, महिलाओं की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आंकडों के जरिए पीएम मोदी को विकास का आईना दिखाया।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल ने ट्वीट में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पीएम मोदी को जमकर घेरा।
राहुल ने ट्वीट में लिखा कि..
'न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ़ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा, गुजरात की बहनों से किया सिर्फ़ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा'। .
इस सवाल के साथ राहुल ने हैशटैग गुजरात मांगे जवाब भी लिखा है। .इस ट्वीट के साथ-साथ राहुल गांधी ने एक फोटो भी शेयर की...जिसके जरिए राहुल ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर आंकड़े पेश किए। फोटो में दावा किया गया है कि गुजरात में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलो में सिर्फ 3 फीसद आरोपियों पर ही केस किया जाता है...जबकि बाकी महिलाएं इंसान के लिए इधर से उधर चक्कर ही लगाती रह जाती है।
साथ ही पूछा गया कि...पीएम मोदी विकास की बात करते हैं लेकिन फिर सूरत और अहमदाबाद जैसे बड़े शहर महिलाओं के खिलाफ अपराध की लिस्ट में टॉप पर क्यों आते हैं।
महिला समस्या के साथ-साथ राहुल ने शिक्षा व्यवस्था पर भी वार किया। राहुल ने ट्वीट के जरिए पूछा कि...लड़कियों की शिक्षा के मामले में गुजरात टॉप-20 से भी बाहर क्यों है. महिला साक्षरता में 2001-11 के बीच 13 फीसद की गिरावट क्यों आई है। .
राहुल ने अपने ट्वीट में एक तीर से तीन निशाने लगाए हैं....जहां शुरुआत में उन्होंने महिला और शिक्षा का मुद्दा उठाया...तो वहीं महिला स्वास्थ्य पर भी राहुल ने पीएम को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
राहुल ने पीएम से पूछा कि... नवजात को जन्म देने वाली 67 फीसद महिलाओं को सरकारी एंबुलेंस की सुविधा क्यों नहीं दी जाती है. साथ ही राहुल गांधी ने पूछा है कि राज्य की 55 फीसद महिलाएं एनीमिया की शिकार क्यों हैं।
22 सालों का हिसाब,#गुजरात_मांगे_जवाब
प्रधानमंत्रीजी- 5वाँ सवाल:
न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण,
महिलाओं को मिला तो सिर्फ़ शोषण,
आंगनवाड़ी वर्कर और आशा,
सबको दी बस निराशा।गुजरात की बहनों से किया सिर्फ़ वादा,
पूरा करने का कभी नहीं था इरादा। pic.twitter.com/yXvCRbxsXW— Office of RG (@OfficeOfRG) December 3, 2017


