ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति ने कन्हर घाटी में हुए पुलिस अत्याचार की निंदा की
ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति ने कन्हर घाटी में हुए पुलिस अत्याचार की निंदा की
ग्रीनपीस और महान संघर्ष समिति ने कन्हर घाटी में हुए पुलिस अत्याचार की निंदा की
सिंगरौली। 20 अप्रैल 2015। महान संघर्ष समिति और ग्रीनपीस इंडिया ने सोनभद्र में अवैध रूप से जारी कन्हर डैम निर्माण के खिलाफ धरने पर बैठे सैकड़ों दलित, आदिवासी ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा फायरिंग और लाठी चार्ज की कठोर निंदा की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश का उल्लघंन करते हुए डैम का निर्माण जारी है। अंबेडकर जयंती के दिन इस निर्माण का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा गोली चलायी गयी, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएँ भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी भी स्थिति को नियंत्रित करने या पुलिस के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की है।
ग्रीनपीस इंडिया की सीनियर कैंपेनर और महान संघर्ष समिति के कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई ने कहा, “यह हमला शर्मनाक है। पुलिस लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों को खत्म कर रही है। एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ जिस तरह का सुलूक किया जा रहा है वो निंदनीय है। जहां एक तरफ केन्द्र सरकार एनजीओ पर हमले कर रही है वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार विरोध के सभी आवाजों को दबाने के लिये कठोर नीति अपना रही है”।
14 अप्रैल को पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ निवासी एक आदिवासी गंभीर रुप से घायल है। 17 अप्रैल को भी धरनास्थल पर एक बार फिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग और लाठी चार्ज किया। इसमें महिलाएँ समेत कई ग्रामीण घायल हुए। जब सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक तथ्य आकलन टीम स्थिति को समझने के लिये घटनास्थल पर पहुंची तो उन्हें पुलिस-प्रशासन डराने-धमकाने का प्रयास किया गया है। साथ ही, पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ से प्रदर्शन में शामिल होने आए कार्यकर्ताओं को भी धरनास्थल पर जाने से रोका गया है।


