जयंती नटराजन का राहुल गांधी पर हमला, कांग्रेस के जहाज से चूहों का भागना जारी (Video)
जयंती नटराजन का राहुल गांधी पर हमला, कांग्रेस के जहाज से चूहों का भागना जारी (Video)
UPA GOVT A PRACTITIONER OF SADISTIC ECONOMY: ARUN JAITLEY ON JAYANTHI NATARAJAN’S LETTER
नई दिल्ली। पुरानी कहावत है जब जहाज डूबता है तो सबसे पहले चूहे भागते हैं। क्या कांग्रेस का जहाज डूबने लगा है और चूहों ने भागना शुरू कर दिया है? अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि कांग्रेस का जहाज डूबा कि नहीं, लेकिन फिलहाल चूहों ने भागना शुरू कर दिया है। खबर है कि यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहीं जयंती नटराजन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है और चर्चा है उनकी भाजपा से पींगें बढ़ गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जयंती नटराजन ने आरोप लगाया है कि नटराजन का आरोप है कि जब वे पर्यावरण मंत्री थीं तब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी खास प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण की मंजूरी के लिए कई बार संदेश भेजते थे और मनमोहन कैबिनेट के कई सदस्य भी बड़े प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए उनपर दबाव डालते थे।
नटराजन का दावा है कि इस बारे में उन्होंने सोनिया गांधी को चिट्ठी भी लिखी थी जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। नटराजन का ये भी दावा है कि उनके न चाहने के बावजूद स्नूपगेट मामले में उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने को कहा गया।
जयंती ने चिट्ठी में एक गंभीर आरोप ये भी लगाया है कि एक शख्स ने उनके खिलाफ मीडिया में गलत और प्रायोजित प्रचार किया। याद हो कि जयंती नटराजन को दिसंबर 2013 में सरकार से हटाकर कांग्रेस के संगठन में लाया गया था। तब ये चर्चा थी कि जयंती के कारण कई प्रोजेक्ट्स अटके हुए हैं क्योंकि वे इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी नहीं देती हैं।
जयंती के भाजपा में शामिल होने की खबरें मीडिया में चल रही हैं। हालांकि वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जयंती ने सोनिया को लिखे पत्र में याद कराया है कि खुद उनका कई प्रोजेक्ट को स्वीकृति देने में दबाव होता था और वे उस संबंध में अपनी चिंता उन्हें पत्र के माध्यम से बताती थीं। ऐसे प्रोजेक्ट में हिमाचल प्रदेश में धारी देवी मंदिर के निकट जीवीके पॉवर प्लांट को स्वीकृति देना, महाराष्ट्र में लवासा प्रोजेक्ट, गुजरात में निरमा सीमेंट प्रोजेक्ट सहित कई प्रोजेक्ट शामिल हैं।
जयंती ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि राहुल गांधी के दबाव में उनके द्वारा लिये फैसले पर उन्हें कैबिनेट के अंदर और बाहर घेरा जाता था। उन्होंने पत्र में लिखा है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने उन्हें बुला कर कांग्रेस अध्यक्ष के उस फैसले से अवगत कराया था कि उन्हें अब संगठन में काम करना है और सरकार से इस्तीफा देना है।
उधर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि यूपीए सरकार के समय विकासदर गिर रही थी क्योंकि यूपीए कार्यकाल में प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने में विलंब किया जाता था। लाखों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स मंजूरी के लिए लटकाए जाते थे। यूपीए सरकार परपीड़क अर्थव्यवस्था (Sadistic economy) की व्यवसायी (practitioner) थी।
Who is surprised at #jayanthinatrajan revelation?? RG campaigning in Niyamgiri against Vedanta and no green clearance..sweet coincidence?
— Akhil Handa (@navitweet321) January 30, 2015
y is the letter of jayanthi natrajan written in nov is being leaked to media now ? what is the motive ?
— S.Ranganathan (@rangats) January 30, 2015
Ayyo India is heading which way in Cricket? "@cricketwallah: So which way is Jayanthi Natrajan headed now any idea?"
— 'Vinod' (@imJr19) January 30, 2015
Alright,synopsis of #JayanthiNatrajan presser 1. I was forced to attack #NarendraModi 2. Poor MMS is innocent 3. #RahulGandhi is villian
— sandip sabharwal (@sandipsabharwal) January 30, 2015
Jayanthi Natrajan should also tell what were views of Manmohan Singh and Chidambaram on Adani SEZ and Vedanta in "heated" cabinet meetings.
— Prashant Tandon (@PrashantTandy) January 30, 2015
BREAKING NEWS: Jayanthi Natrajan to join BJP, talks on with Amit Shah. #Forecastle2015 #Politics #India
— Nisarg H Acharya (@NHAcharya) January 30, 2015
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