टेढ़ा होता जा रहा है सीबीआई प्रकरण संकट में हैं मोदी-शाह

मसीहुद्दीन संजरी

सीबीआई के दो सबसे बडे़ अधिकारी कोर्ट में हैं। दोनों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तीसरा उनसे छोटा अधिकारी जेल में है उस कई आरोपों के अलावा फर्जी गवाही दर्ज करने का आरोप है।

सीबीआई के सबसे बड़े अधिकारी को भी प्रधान सेवक जब चाहे अपनी मर्जी से हटा देता है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों का सबसे बड़ा वाहक है, लोकतंत्र के मंदिर (संसद भवन) के बाहर मत्था टेकता है।

आपकी समझ में नहीं आएगा कि इस पूरे घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया दें। रोएं, हंसें, अपना सिर पटक लें या देश के मीडिया की तरह गर्दन रेत में डालकर चुनाव का गणित समझें समझाएं। अरब और तुर्की पर बहस करें, स्वच्छ भारत पर चर्चा करें या अध्यात्म का पाठ पढा़एं।।

मोदी कृपा से सीबीआई चीफ बने नागेश्वर राव जेम्स बॉन्ड की तरह आधी रात के बाद पहुंचे सीबीआई दफ्तर, आफिसों को सील कर दिया। अब अगर शार्ट सर्किट से आग लग जाए और फाइलें नष्ट हो जाएं तो वह राज्यपाल भी बन सकते हैं। लेकिन अजीत डोवाल प्रधानमंत्री के सलाहकार ही ठीक हैं। बारीक आदमी हैं राज्यपाल बना बिगाड़ सकने की स्थिति में हैं।।

सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के घर की निगरानी आईबी के लोग कर रहे थे और गिरफ्तार हुए, ऐसी खबरें आ रही हैं। आंतरिक सुरक्षा के नाम पर किसी को आतंकवादी या माओवादी बनाने का ठेका भी आईबी के ही पास है भले सामने चेहरा पुलिस वालों का होता है।

मोदी-शाह संकट में हैं। सीबीआई प्रकरण टेढ़ा होता जा रहा है। रफायल विमान पर जांच का मामला भी चर्चा में है। आईबी पर भी उंगलियां उठ रही हैं। पिछले अनुभव बताते हैं कि ऐसे में कुछ खास, कुछ बड़ा होता है। अब यह नज़ला किस पर गिरता है।

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