नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने नौकरशाह से भगवा जम्हूरे बने पूर्व गृह सचिव आरके सिंह के जनरल वीके सिंह के पदचिन्हों पर चलने पर करारा प्रहार करते हुए कहा है कि वह, उनके (आरके सिंह के) अवसरवादी व्यवहार से चकित हैं।
अब भगवा फौज के कमांडो बन चुके पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्‍कार में गृह मंत्री शिंदे के बारे में खुलासा किया था कि शिंदे ने दिल्‍ली पुलिस को अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले मुंबई के उद्योगपति से पूछताछ करने से रोक दिया था। आरके ने शिंदे पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने अपने करीबियों की नियुक्तियों के लिये सिफारिश की थी। याद हो कि ईमानदारी का पुतला बनने वाले पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने भी इसी प्रकार की शोशेबाजियां की थीं बाद में वे भी भगवा फौज के कमांडो बनने निकल पड़े थे, अब आर के सिंह भी उसी रास्ते पर चल दिए हैं।
भाजपा में शामिल हो चुके पूर्व केन्द्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने कहा था कि गृहमंत्री सुशील शिंदे का यह दावा कि भारतीय पुलिस एफबीआई की मदद से जल्द ही माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम को भारत लायेगी, सरासर झूठ है। उन्होंने कहा था कि एफबीआई को दाऊद के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
नए-नए भगवा नेता बने आरके सिंह ने यह भी कहा कि शिंदे ने दाऊद इब्राहिम के एक करीबी पर हाथ डालने से दिल्ली पुलिस को रोका था।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इस वक्तव्य पर तगड़ा प्रहार करते हुए कहा कि “पूर्व गृह सचिव आर. के. सिंह के अवसरवादी व्यवहार से मैं चकित हूँ। क्यों वह अपने कार्यकाल में यह बात कैबिनेट सचिव या प्रधानमंत्री के ध्यान में यह नहीं लाए?”
कांग्रेस नेता ने सवाल किया है, “क्या यह सच नहीं कि आर के सिंह ने यूपीए सरकार से रिटायरमेंट के बाद पोज़िशन पाने की कोशिश की थी? क्या यह सच नहीं कि उन्होंने पद पाने के लिए नीतीश कुमार का भी दरवाज़ा खटखटाया था?” उन्होंने कहा कि आर के सिंह के आरोप बेहद गम्भीर हैं और क्योंकि वह इस पर चुप रहे तो इसका मतलब है कि वह अपनी जिम्मेदारी को पूरा न करने के दोषी हैं।
श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि श्री शिंदे एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और उन्होंने राज्य और केन्द्र सरकार में जिम्मेदार पदों पर कार्य किया है। एक पूर्व गृह सचिव द्वारा, श्री शिंदे पर, इस तरह के झूठे आरोप लगाना निन्दनीय हैं।