गिरिडीह से विशद कुमार

बोल्शेविक क्रांति के सौवें बर्षगांठ पर आयोजित महान बोल्शेविक क्रांति की शताब्दी समारोह समिति (झारखंड) द्वारा 7 नवंबर से शुरू हुआ पहला समारोह गिरिडीह के टुंडी रोड, चतरो स्थित मजदूर संगठन समिति के कार्यालय मैदान में शानदार रूप से मनाया गया। समारोह कार्यक्रम के पूर्व एक विशाल रैली निकाली गई जिसमें 5 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रही।

बताते चलें कि ​गिरिडीह जिला प्रशासन द्वारा इस कार्यक्रम को विफल करने की काफी कोशिश की गई थी और कार्यक्रम शुरू होने तक उनका प्रयास बना रहा, मगर विशाल भीड़ को देख प्रशासन मूकदर्शक की तरह केवल शान्ति बनाए रखने एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में ही लगा रहा।

उल्लेखनीय है कि 'महान बोल्शेविक क्रांति की शताब्दी समारोह समिति (झारखंड)' द्वारा पूरे राज्य में 7 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक बोल्शेविक क्रांति का सौवां वर्षगांठ मनाने की तैयारी के तहत 7 नवंबर को गिरिडीह से शुरू करते हुए 30 नवंबर को राजधानी रांची में समापन करना था। इसी संदर्भ में समारोह समिति के आयोजनकर्ताओं द्वारा अक्टूबर में ही गिरिडीह के बरवाडीह करबला मैदान मैनेजिंग कमिटी, गिरिडीह को एक पत्र देकर कार्यक्रम के लिए करबला मैदान को बुक करवा लिया गया था। मगर जब जिला प्रशासन के पास कार्यक्रम करने की अनुमति पत्र के लिए संपर्क किया गया, तब जिला प्रशासन द्वारा अनुमति पत्र को स्वीकृति देने के बजाय करबला मैदान मैनेजिंग कमिटी को ही कारण बताओ नोटिस भेज दिया कि वह बिना प्रशासन की अनुमति पत्र के मैदान आवंटित कैसे कर दिया ? परिणामत: जैसा होना लाजिमी था करबला मैदान मैनेजिंग कमिटी प्रशासन की घुड़की से डर कर आवंटित मैदान को रद्द कर दिया।

प्रशासन की अनापेक्षित हरकत से आक्रोशित 'महान बोल्शेविक क्रांति की शताब्दी समारोह समिति' के आयोजकों ने तय किया कि कार्यक्रम जिले के चतरो अवस्थित मजदूर संगठन समिति के शाखा कार्यालय के मैदान में ही मनाया जायगा और इसी तयशुदा कार्यक्रम के तहत समिति ने 7 नवंबर को कार्यक्रम मनाया जिसमें 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए।

समारोह समिति के संयोजक बच्चा सिंह ने कहा कि झारखंड की रघुवर सरकार के दिशा-निर्देश पर गिरिडीह प्रशासन ने इस आयोजन को रोकने की भरपूर कोशिश की मगर जनता के सामने उनकी एक नहीं चली, अंतत: जनता की जीत हुई और प्रशासन अपने लाव—लस्कर के साथ देखता रह गया।

मौके पर मजदूर संगठन समिति का केन्द्रीय मासिक मुखपत्र 'मजदूरों का आह्वान' का विमोचन ​भी किया गया।

दिल्ली से आए हुए 'भोर' पत्रिका के संपादक अंजनी कुमार एवं पश्चिम बंगाल बंदी रिहाई समिति के अध्यक्ष गौर चक्रवर्ती सहित मसंस के केन्द्रीय महासचिव व विविजविआं के नेता दामोदर तुरी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के पूर्व एक रैली निकाली गई जो लगभग 7 कि0मी0 की दूरी तय करते हुए अजीडीह के चक्रव्यूह मैदान से वापस कार्यक्रम स्थल तक आई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप दिल्ली से आए हुए 'भोर' पत्रिका के संपादक अंजनी कुमार एवं पश्चिम बंगाल बंदी रिहाई समिति के अध्यक्ष गौर चक्रवर्ती शामिल रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बोल्शेविक क्रांति महत्व पर प्रकाश डाला एवं उसकी प्रासंगिकता को उपस्थित जनसमूह के बीच रखा। कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम नहीं होने देने की लाख कोशिश के बाद भी कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।