विपक्ष का सांप्रदायिक शक्तियों से मिलकर लड़ने का शंखनाद

चेन्नई, 3 जून। भाजपामुक्त भारत बनाने की दिशा में विपक्ष की गोलबंदी तेज हो गई है। विपक्षी पार्टियों ने आज चेन्नई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर बरसते हुए देश को विभाजित करने वाले संप्रदायवाद तथा फासीवाद का एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान किया।

विपक्षी नेता यहां द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम.करुणानिधि की 94वें जन्मदिन तथा तमिलनाडु विधानसभा का सदस्य बनने की रजत जयंती के मौके पर एक सार्वजनिक सभा करने के लिए इकट्ठा हुए थे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में एक विचारधारा है, जो यह सोचता है कि उसके पास सभी सवालों के जवाब हैं और लोगों द्वारा झेले जा रहे विभिन्न मुद्दों पर दूसरों से बात नहीं करता।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब पूरी दुनिया कह रही है कि अर्थव्यवस्था में गिरावट नोटबंदी की वजह से है, वहीं इस बारे में केंद्रीय वित्त मंत्री की अलग राय है।

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि करुणानिधि का कद बेहद बड़ा है, जिन्होंने दबे-कुचलों तथा पिछड़ी जातियों के लिए लड़ाई लड़ी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय सचिव डी.राजा ने कहा कि अगर करुणानिधि मंच पर मौजूद होते, तो वह देश में सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ बोलते।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के माजिद मेमन ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल से मुकाबले के लिए करुणानिधि की उपस्थिति की जरूरत है, जब फासीवाद तथा संप्रदायवाद की हवा देश को तोड़ने का प्रयास कर रही है।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार के कारण जो चुनौतियां सामने आई हैं, उसका समाधान साथ आकर ही किया जा सकता है।