नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय पर पड़े केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छापे ने राजनीतिक बयानबाजी गरमा दी है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि यह कार्रवाई निंदनीय है और यह राजनीतिक दुर्भावना से किया गया कृत्य है।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु की एक खबर के मुताबिक माकपा ने एक बयान में कहा, "ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी नौकरशाह के खिलाफ जांच के नाम पर मुख्यमंत्री के कार्यालय को सील कर दिया जाए और उनकी फाइलें खंगाली जाएं।"
माकपा ने कहा, "अगर सीबीआई सचमुच किसी नौकरशाह की ही जांच कर रही थी, जिसका कार्यालय मुख्यमंत्री कार्यालय के तल पर ही था तो इसके लिए मुख्यमंत्री की सलाह क्यों नहीं ली गई?"
माकपा ने कहा, "यह घटना मोदी सरकार द्वारा सत्तारूढ़ गैर भाजपाई सरकारों के अधिकारों और गरिमा पर अतिक्रमण के निम्न स्तर को दर्शाती है।"