रिहाई मंच ने जारी की मुजफ्फरनगर के कुटबा-कुटबी गाँव के
दंगाईयों की मोबाइल रिकॉर्ड में दर्ज बातचीत
पीएसी को 10 मिनट देर से आने के लिये तैयार किया था ‘अंकल’ ने
कुटबा-कुटबी के ही हैं मुम्बई एटीएस चीफ केपी रघुवंशी इसलिये पूरे मामले की हो सीबीआई जाँच- रिहाई मंच
शामली/मुजफ्फरनगर/लखनऊ।10 अक्टूबर 2013। मुंबई के एटीएस चीफ केपी रधुवंशी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुये सांप्रदायिक हिंसा में रिहाई मंच के निशान पर आ गये हैं। मंच ने कहा है कि केपी रघुवंशी की भूमिका की जाँच होनी चाहिए और पूरे मामले की जाँच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए।

मुस्लिम विरोधी जनसंहार के शिकार गाँव कुटबा-कुटबी के एक दंगाई के मोबाइल चिप में रिकॉर्ड बात-चीत का विवरण मीडिया में जारी करते हुये मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत में हुये साम्प्रदायिक हिंसा की सीबीआई जाँच की माँग की है। मंच ने जारी बयान में कहा है कि उसके पास ऐसे कई साक्ष्य मौजूद हैं जो साबित करते हैं कि मुस्लिमों का जनसंहार सुनियोजित षडयंत्र के तहत हुआ और अब किस तरह सुबूतों को छुपाने की कोशिश प्रशासनिक अमले द्वारा दंगाईयों को बचाने के लिये किया जा रहा है। मंच ने कहा है कि वह जल्द ही इन तथ्यों को उचित प्लेटफॉर्म पर रखेगा।

यहाँ से जारी बयान में जाँच दल के सदस्यों आवामी काउंसिल फॉर डेमोकेसी एंड पीस के महासचिव असद हयात, राजीव यादव, शाहनवाज आलम और गुफरान सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रशासनिक अमला खुद इस षडयंत्र में शामिल रहा है इसलिये राज्य सरकार की तरफ से कराई जाने वाली जाँच का कोई औचित्य नहीं है।

रिहाई मंच जाँच दल के सदस्यों ने इस हिंसा में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले गांवों में से एक कुटबा-कुटबी जहाँ आठ मुसलमानों की निर्मम हत्या कर दी गयी, के एक दंगाई के मोबाइल चिप में रिकॉर्ड बातचीत के व्यौरे के आधार पर सीबीआई जाँच की माँग की है। मंच के अनुसार फोन रिकॉर्ड में दर्ज बातचीत में दंगाई आपस में मुसलमानों को मारने उनके घरों को जलाने के साथ साथ पीएसी/ सीआरपीएफ के गाँवों में थोड़ी देर से आने का जिक्र करते हुये कह रहे हैं कि किस तरह पीएसी को गाँव में देर से आने के लिये तैयार किया गया ताकि उन्हे मुसलमानों को काटने और जलाने का पर्याप्त समय मिल सके।

रिहाई मंच ने जारी बयान में कहा है कि इन गाँव के हिंसा पीड़ित कई मुसलमानों ने उन्हें बताया कि इसी गाँव के रहने वाले मुंबई एटीएस के चीफ के पी रघुवंशी के परिवार के दो सदस्यों पिन्टू और नीटू खतरनाक और अत्याधुनिक हथियारों जैसा कि फिल्मों में दिखता है (सम्भवतः एके 56 या एके 47) से लैस होकर दहशत फैला रहे थे। रिहाई मंच जाँच दल ने कहा कि दंगाइयों से प्राप्त ऑडियो रिकॉर्ड में भी एक लड़की जिसका नम्बर 9917731428 है ने 8 सितंबर 2013 यानि जनसंहार के दिन मोबाइल इस्तेमाल करने वाले युवक से जिसका नाम अनुज है से बताया कि उसने ‘अंकल’ से बात करके पीएसी को गाँव में देर से जाने के लिये तैयार किया था। रिहाई मंच ने माँग की कि यह लड़की किसे ‘अंकल’ कह रही है इसकी जाँच होनी चाहिए।

रिहाई मंच के अध्यक्ष और एडवोकेट मोहम्मद शुऐब और हरे राम मिश्र ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर निर्दोष मुसलमानों को फँसाने के लिये बदनाम और माले गाँव, मक्का मस्जिद और समझौता एक्सप्रेस जैसे विस्फोटों के मास्टर माइंड कर्नल पुरोहित के नजदीकी के पी रघुवंशी के गाँव कुटबा-कुटबी में ही इस मुस्लिम विरोधी हिंसा में अहम भूमिका निभाने वाले हिन्दुत्ववादी संगठन संघ शक्ति का सक्रिय रहना साबित करता है कि इसमें आला अफसरशाही और हिंदुत्व का गठजोड़ अहम था। उन्होंने कहा कि इसमें केपी रघुवंशी की भूमिका की जाँच होनी चाहिए और पूरे मामले की जाँच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए।

रिहाई मंच जाँच दल को प्राप्त हुयी चिप में बात चीत का विवरण जिसमें सबसे पहले मोबाइल नंबर तारीख व समय लिखा है। फिर बात चीत का विवरण। कुछ मोबाइल नंबर की जगह मोबाइल में सेव किये गये नाम भी दिख रहे हैं।

1.

+919917731428_2013-09-08_10.38.112021392617

कॉलर(महिला)- हेलो।

रिसीवर- हैलो।

कॉलर- एक जीच तू मुझे बता दे

रिसीवर- हां बता।

कॉलर- गाँव में उन लोगेां के मरे या नही मरे

रिसीवर- मर लिये

कॉलर- पक्की खबर है बिल्कुल

रिसीवर- बिल्कुल पक्की है आग दे रखी है घरों में

कॉलर- पक्का

रिसीवर- पीएसी आली है, पीएसी लग रही है

कॉलर-पीएसी आली है, वही तो बात हो रही थी अभी- अभी या थोड़ी लेट भी पता है क्यों आयी।

रिसीवर-हां।

कॉलर- रुकवाई थी कहकर कि अंकल थोड़ी देर रुकवा दो। मेरे कहते ही रोक दी। यू कह रहे थे कि बात ऐसी है कि पूरी टीम को पता चल गया है कि वहां पर दंगा हो गया। सिर्फ मुश्किल से मुश्किल 10 मिनट रोको फिर 10 मिनट बोलकर 10 मिनट ही रोका।

रिसीवर-हां हो लिये। 5-6 तो मर लिये।

कॉलर- हां तो चोक्खा(स्थानीय भाषा में बहुत अच्छा)और कुटबा

रिसीवर- कुटबे में ही 5-6 मरे। और तो भाग लिये सब।

कॉलर- हां अच्छा कुटबे में मरे हैं सब

रिसीवर- भाग गये सब।

कॉलर-ठीक है। ठीक

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2.

+919917731428_2013-09-08_09.36

पुरुष- हैलो

महिला- हैलो।

महिला- और गाँव में क्या हाल चाल है।

पुरुष- गाँव में आग लग रही है। तुम बच लो जी।

महिला-आग लग रही हो तभी तो तुम्हे फोन करूं।

पुरुष- आग लगई मै तो सब जाति ............

महिला- एक जीच बता दूं मौ तो।

पुरुष- हां।

महिला- बेज्जती तो करवा न दियो।

पुरुष-आं.........

महिला-बेज्जती न करवाना जी पूरी पुलिस फोर्स दावा करके गयी है कि इस बार कुछ नही किया तो लानत है।और फोर्स कुछ नही कहने को चाहे कितनों को मार दो। फोर्स कुछ नही कहेगी किसी को चाहे जितनो को मार दो। सारी फोर्स कह रही है कि बात ये है कि हिन्दू कुछ नही कर रहे हैं।

पुरुष- हां।

महिला-अब तो तुम समझ गये होगे।

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3.

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कॉलर-हैलो।

रिसीवर- हैलो

कॉलर-उम्मेर बोल रहा हूं जी। मैं ......... खेडा़ में रह गया. काट मार हो गया।

रिसीवर- हां हिन्दू मुस्लिम हो रही।

कॉलर-हो रही। चोट चाट लगी।

रिसीवर- हां सब फिट..........आप बेफिकर रहिए.

कॉलर-और कहां हैं?

रिसीवर- 6 वहीं हैं घेर रखे हैं

कॉलर-अच्छा मेरी मां।

रिसीवर- तेरी मां एक जगह ही है।

कॉलर-अच्छा।

कॉलर-और मरद भाग गये?

रिसीवर- नही नही पीछा कर रहे हैं मर्दों का

कॉलर-अच्छा।

बाकी आवाजें अस्पष्ट है ....................................

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4.

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कॉलर- हलो।

रिसीवर- क्यों भाई सो गये क्या।

कॉलर- नहीं

कॉलर- सोना नहीं भाई

कुछ बातें अस्पष्ट...........................

कॉलर- सोने का क्या मतलब।

रिसीवर- ये नंबर कहां से आया? अच्छा..... उससे लिया होगा..............

........फिर कुछ बातें अस्पष्ट..................

कॉलर- कुछ खबर आयीं

रिसीवर- हां भाई गयूर का घर फूंक दिये........

........................फिर काफी बातें अस्पष्ट.................

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5. ़

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महिला-हम कुटबी में हैं जी। कुटबी में क्या हो रहा है?

पुरुष- कुटबे में जी बज रही है (स्थानीय भाषा में बजने का मतलब पिटाई है)

महिला- आं....... बज रही है.

पुरुष- हां।

महिला- किसे।

पुरुष- कुछ तो भाग गये थे थोड़ी से रह गये थे घर-घुर जला दिये उनके। मार काट चल रही है पूरी।

महिला- अच्छा।

पुरुष- हां।

महिला-...........बाकी आवाज अस्पष्ट...................... मै साची फोन करके पूंछूं क्या चल रहा है?

पुरुष- हां यही चल रहा है.

महिला- यही चल रहा है न.

पुरुष- पीएसी आली है (स्थानीय भाषा में आली को आ रही है बोलते हैं) बहुत सारी।

महिला- हिन्दू को तो नुकसान नही पहुंचा।

पुरुष- नहीं हिन्दू को तो नही पहुंचा। पर दो गाँव हैं हमारी जद में घड़सोली है और बसी है दोनों गाँव का पता कर रहे हैं चढ़ाई कर रहे है। सिसोली और.......बाकी आवाज अस्पष्ट............

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6.

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कॉलर-क्या हाल है वहां का

रिसीवर-सब फिट है सब तैयार खड़े हैं

कॉलर-हथियार भी लिये हैं

रिसीवर- हां जो दे रहा है सब ले रहे हैं.

कॉलर- तेरे घर में भी है कुछ।

रिसीवर- हां है एक तमंचा दो गोली।

कॉलर- बस

रिसीवर- हां।

कॉलर- एक तमंचा दो गोली से क्या होगा तेरा?

रिसीवर-हां भाई फरसा भी है हाथ में

कॉलर- फरसा भी है तो गोली क्यों मार रहे थे क्यों

रिसीवर- कहां मार रहे थे।

कॉलर- वहां नही मारी थी गोली कल

रिसीवर- कल तो लाई थी लाओ गोली ला के दो

कॉलर-ठीक है

रिसीवर-गोलियों का जुगाड़ करवाओ

कॉलर- हां होगा गोली का जुगाड़। जी

रिसीवर- कहीं से .........अस्पष्ट आवाज.......... करवाओ दो चार पेट्टी...........तैयार मिलेंगे.

कॉलर-कहां मिल रही....................अस्पष्ट....................किसी के पास स्टाॅक हो तो दे सके

रिसीवर- प्रधान..........अस्पष्ट...................फोन करे

कॉलर- हां देख ले ...... अस्पष्ट

रिसीवर- दंगे में कहीं आग नहीं लगा रखे हैं।

कॉलर- मस्जिद में लगा रखे हैं लेकिन सूअरी (इस क्षेत्र में कटुतावश मुसलमानों के लिये इस्तेमाल किये जाने वाला जुमला) भाग गए। इनको डालेंगे बाद में।

रिसीवर-फेर डालेंगे, बाद-बूद दूसरी होती है

....................बाकी अस्पष्ट...........................

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7.

+919719290691_2013-09-08_17.19.021396270438

कॉलर- हैलो

रिसीवर-हैलो

कॉलर- हैलो

रिसीवर-हैलो हां जी.

कॉलर- पप्पू बोल रहा है क्या?

रिसीवर- नही पप्पू तो नही बोल रहा अनुज बोल रहा हूं बताइये का बात है.

कॉलर- अनुज

रिसीवर- हां

कॉलर- कौन सा वाला.

रिसीवर- भाई मै तो कौन सा वाला बताउं.

कॉलर- तो.

कॉलर- तू कौन सा वाला बोल रहा है?

रिसीवर-कौन सा वाला बताऊं मै तो एक ही अनुज हूं.

कॉलर-कुटबी से

रिसीवर- हां कुटबी से, बता तो

कॉलर- पप्पू बोल रहा मै.

रिसीवर- दिल्ली से

कॉलर- अच्छा हां क्या बात थी बताओ?

रिसीवर-झगड़ा तो नही हुआ था.

रिसीवर- हां झगड़ा हुआ, झगड़ा होके खतम हो लिया. फोर्स आयी थी.

कॉलर- ......आवाज अस्पष्ट............

रिसीवर-हां 6-7 मार रखे हैं.

कॉलर- अच्छा

रिसीवर-..........आवाज अस्पष्ट................ 6-7 मार रखे हैं और और को ले गयी है मिलेटरी बैठा के. और जो है कुल मिलाकर दोनों गांवों में कोई मुसलमान नही है और न काकड़े में न हड़ोली में. सब जा लिये हैं।

कॉलर- शान्ति हो गयी होगी अब तो

रिसीवर- शान्ति तो है फोर्स लग रही है

कॉलर- हां फोर्स लग गयी होगी.

रिसीवर- ..............................

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8.

RASE..babuu _2013-09-08_20.49.471708753978

कॉलर- हेलो.

रिसीवर(महिला)- हैलो. क्या हो रहा है.............

कॉलर-काट दिये मुसलमान

रिसीवर- आं

कॉलर- काट दिये मुसलमान

रिसीवर- काट दिये

कॉलर- हां आठ.

रिसीवर-अच्छा

कॉलर- गाँव में................

कॉलर- कुटबे वालों ने उन्हे भगा भगा कर काटे............ बावली वालों ने बजा रखा है...........बड़ौत में, जितने बड़ौत के गाँव हैं दाहा, नेरपड़ा...........(अस्पष्ट)................सब में बजा रखी है.

रिसीवर-पता नही क्या होगा.

कॉलर- कुछ नही होने का इन मुसलमानों का नाश होगा. ये जायेंगे दस बीस सौ पचास हजार अब मरेंगे. बस इतना हो सके।

रिसीवर- मरेंगे तो हिन्दू भी

कॉलर- हिन्दू क्यों मरेंगे जी। फोर्स आयेगी जी तो हिन्दू मरते दिखेंगे तो फोर्स अपने आप गोली मारेगी इनको..................(अस्पष्ट) ने कहा है।

रिसीवर- अच्छा

कॉलर- और फोर्स में हिन्दू ने हमें खुद कहा मुसलमानों को हमें पकड़ कर दियो। फोर्स ने हमें कहा कि तुम्हे क्या जरूरत थी हमें पकड़ने की मार क्यों नही दिये?

रिसीवर-......अस्पष्ट.........

कॉलर- उन्हें तो आदेश है ही नहीं मारने का।