मृत्यु का जश्न मनाते गिद्ध

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गोरी लंकेश जिन गोलियों से मरी

उसी विचार फेक्ट्री का ठप्पा था

जहाँ से लेते हैं तालिबान आईएस

जिस सहारे खड़ी थी गौरी

चिथड़े हवा में बिखरे उस सँविधान के

रक्तरंजित फ़ाख्ता जमीन पर पडी थी

गिद्ध मृत्यु का जश्न मना रहे थे

जसबीर चावला