मोदी को नेपाली मानवाधिकार कार्यकर्ता का कड़ा खुला पत्र- मोदीजी आपकी नाक काटने को बन्दरोँ का हुजूम तैयार
मोदी को नेपाली मानवाधिकार कार्यकर्ता का कड़ा खुला पत्र- मोदीजी आपकी नाक काटने को बन्दरोँ का हुजूम तैयार
मोदी जी आपके मुलाजिम किस मुँह से नेपाल से कहते हैं अपना डिस्कोर्स रोको?- सुबोध प्याकुरेल
नई दिल्ली। नेपाल के वरिष्ठ मानवाधिकारकर्मी और मधेसी मूल के सुबोध प्याकुरेल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि मोदी की नाक काटने को बहुत से बंदरों का हुजूम तैयार है।
सुबोध प्याकुरेल ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर इस पत्र कोपोस्ट भी किया है। बिना व्यवधान के पढ़िए उक्त पत्र -
समादरणीय मोदी जी, कृपया याद करेँ
1: आपकी पहली नेपाल भ्रमण के दौरान आपने हमारी संविधान सभा में क्या कहा था?
2: कृपया अपनी पदीय शपथ को याद करें और पुनः स्मरण करें आपके संविधान की धारा 51 के अनुसार भारत दूसरे देशोँ की सार्वभौमिकता का सम्मान करता है।
3: जेहन मे रखें कि भारत- नेपाल का स्नेह केवल मधेसियोँ से नहीं है, बल्कि उन पहाड़ियों से ज्यादा स्नेह है, जो हर कठिनाई व युद्ध में प्राण न्योछावर करने को तत्पर रहते हैं और हर लड़ाई मे अग्र मोर्चे पर तैनात रहते हैँ।
4: अपने विद्वतजन से सलाह लेँ कि कैसे नेपाल का हाल का संविधान सामाजिक न्याय, समावेशिता और पहचान के मामले में अव्वल है। भारत के संविधान से कई गुणा ज्यादा।
5: अभी आपके मुलाजिम जो हल्ला मचा रहे हैं, वह बिल्कुल झूठ है, फरेब है और आपके भ्रष्ट जासूस व कर्मचारी अपने स्वार्थ के लिए आपको गुमराह कर रहे हैँ। कृपया संविधान विशेषज्ञों की टोली बनाइए। हमारे नेपाल के लोगोँ को भी बुलाइए। और परख कीजिए। और वचन दीजिए कि जिन्होंने भी आपको बरगलाया है, उनको आप वख्शेंगे नहीं।
6: आपको बता दूँ अभी जो मधेसियों के नाम से हल्ला मचा रहे हैं, वो वही लोग हैं, जिनकी असलियत जानने के बाद लोगों ने दूसरी संविधान सभा के चुनाव में बुरी तरह हरा दिया। 116 जगह में से सिर्फ 11 जगह से ये जीते। क्यों? क्यों कि उन्होंने जो समझौता सरकार से किया था, उसमें जब वह लोग दो तिहाई बहुमत से संविधान सभा व सरकार में थे, तो कोई मतलब नहीं रखा। बाबूराम भट्टराई की सरकार के 48 मन्त्रियों में से 29 लोग अभी के सब के सब हल्ला खोर काबीना मंत्री और उप प्रधान मन्त्री बने थे। इसिलिए जनता ने इनको सबक दिया।
7: यह लोग संविधान सभा छोड़के भागे। मगर ईस्तीफा नहीं दिया। अभी तक पैसा खा रहे हैँ।
8: राजेन्द्र महतो ने चुनाव में हारने के बाद मिडिया को बताया कि उसकी हार तो भारत की हार है। ( रेकॉर्ड मौजूद है)।
9: राजेन्द्र महतो, उपेन्द्र यादव और अमरेश सिंह ने कैलाली मे थारु जनजाति को फतवा जारी किया कि लोग हथियार सहित आएँ और पहाड़ी और सुरक्षाबल के जवानोँ को मौत के घाट सुला दें। वही हुवा। एसएसपी सहित 8 लोगोँ को बेदर्दी से जिन्दा जलाया गया। एक डेढ़ साल के बच्चे को इसलिए गोली दाग दी गई कि वह पुलिस का बच्चा था।
10: हर जगह लोगोँ को कहा गया कि वह विद्रोह करेँ, पहाड़ी शासक को मारे, पुलिस और सरकारी मुलाजिम को मारेँ और सार्वजनिक कार्यालय, सम्पत्ति को नष्ट करेँ।
10: अभी आप हमारे ऊपर प्रोक्सी एग्रेसन कर रहे हो। अघोषित नाकाबन्दी लगाया है आपने। तथाकथित आन्दोलनकारी भारतीय भूमि से पथराव करते हैँ। वहाँ भोजन और बसेरा है उनका।
11: कृपया समझ लेँ कि अभी के तथाकथित आन्दोलनकारी सरकार में जाएंगे। फिर देश को लूटेंगे। मगर तब तक नेपाली समाज दो हिस्सोँ मे बँट चुकी होगा, भारतिय दलाल और देशभक्त। हर नेपाली को मजबूरन एक कित्ता मे बँटना होगा। क्या आप भी यहि चाहते हो?
11: यह पापी लोग मधेस को तबाह कर देंगे। मधेस बिहार, यूपी, बंगाल ही नहीं बाकी विश्व व दक्षिण एशिया के आतंकियोँ का स्वर्ग बन जाएगा।
12: आपको याद होगा, जब भारतीय संविधानसभा, संविधान बना रही थी, तब ब्रितानी सरकार कुछ एजेण्डा ले कर आई थी। तब आपने क्या कहा था? नेहरू जी ने कहा था " हम अपना संवैधानिक डिस्कोर्स ले चुके, अब तो जो कुछ करना, होना होगा उसी के तहत होगा।"
मगर अभी आपके मुलाजिम किस मुँह से हमें कहते हैँ कि अपना डिस्कोर्स रोको?
13: मै आपका शुभ चिन्तक, पूरे ईमान से, कभी भी परीक्षित होने को तैयार एक वास्तविक पुशतैनी मधेसी आपको अगाह करता हूँ कि आपकी नाक काटने को बहुत सारे बन्दरोँ का हुजूम तयार है। किसी असल ऋषिमन वाले को भेजिए वा हमें बुलाएं। हम परीक्षित होने को तैयार बैठे हैं।


