मोदी राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे, भाषण तो रोज देते हैं

‘किसी से न डरने वाला’ प्रश्नों से क्यों भागता है ?

अरुण माहेश्वरी

प्रधानमंत्री फिर 31 दिसंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। भाषण तो रोज देते हैं, इस बार ‘संबोधन’ करेंगे!

कोई पूछे- आप जनता के सवालों का जवाब कब देंगे, जिसे पिछले बावन दिनों से सता रहे हैं ?

न संसद में जवाब देते हैं और न किसी संवाददाता सम्मेलन में । ‘किसी से न डरने वाला’ प्रश्नों से क्यों भागता है ?

उनका यह एकतरफ़ा संवाद कब तक चलेगा ?

मोदीजी की आरती

फिर एक बार स्वपन दासगुप्त, अपने दरबारी कत्‍र्तव्य का पालन करते हुए ! आज के ‘टेलिग्राफ’ में खूब स्तुति की है उन्होंने अपने ईश्वर मोदी जी की। उनके लेख का शीर्षक है – ‘Inspired loner’। कहा जा सकता है, कहीं भी अकेले कूद पड़ने को आतुर आदमी।

दासगुप्त इसीलिये गदगद है क्योंकि मोदी अकेले ही सारे फैसले करते हैं, सलाह मशविरे से दूर रहते हैं। क्या शानदार तरीका ढूंढा है उन्होंने ‘दलालों’ को अपने से दूर रखने का !

लेकिन कोई भी उनसे पूछ सकता है – आखिर अमित शाह किस मर्ज की दवा है ?