राहुल का मोदी पर प्रहार : नोटबंदी के टॉरपीडो के बाद जीएसटी दूसरा टॉरपीडो, जिसने अर्थव्यवस्था को ध्वस्त किया
राहुल का मोदी पर प्रहार : नोटबंदी के टॉरपीडो के बाद जीएसटी दूसरा टॉरपीडो, जिसने अर्थव्यवस्था को ध्वस्त किया
नई दिल्ली : गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस मोदी सरकार को जीएसटी और नोटबंदी के मुद्दे पर घेरने का लगातार प्रयास कर रही है। कांग्रेस मुख्यालय में चुनाव तैयारियों को लेकर सोमवार को दो अहम बैठकें हुईं जिसमें नोटबंदी और जीएसटी पर सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस की रणनीति पर वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देश की जनता को नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के गलत क्रियान्वयन के कारण जो पीड़ा हुई है, वह उसे समझ नहीं पा रहे हैं।
गांधी ने आज पार्टी मुख्यालय में नोटबंदी को लेकर कांग्रेस महासचिवों की एक बैठक को संबोधित किया और बाद में जीएसटी को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम एवं पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के साथ एक बैठक में भाग लिया।
श्री गांधी ने बाद में संवाददाताओं से कहा,
“प्रधानमंत्री लोगों की फीलिंग समझ नहीं पा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि जो चोट मोदी ने देश की जनता को नोटबंदी और जीएसटी के गलत कार्यान्वयन से पहुंचायी है, प्रधानमंत्री उसे समझ नहीं पा रहे हैं।
एक त्रासदी की तरह थी नोटबंदी
संवाददाताओं से राहुल गांधी ने कहा कि 8 नवंबर 2016 देश के लिए बेहद बुरा दिन था। मुझे नहीं पता कि सरकार कैसे नोटबंदी का जश्न मना सकती है। नोटबंदी एक त्रासदी की तरह थी जिसने आम जनता को बुरी तरह प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पीएम मोदी को अभी तक आम जन की तकलीफों का अहसास नहीं हो पाया है। देश की जनता तकलीफ में हैं लेकिन पीएम मोदी को इसका पता ही नहीं।
जीएसटी के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने एक अच्छे आइडिया को बेहद खराब ढंग से लागू किया। इससे पूरे देश को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के हमारे वित्त मंत्री ने जीएसटी पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया और बताया कि एक अच्छे आइडिया को कितनी खराब ढंग से लागू करने का काम मोदी सरकार ने किया।
राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी के टॉरपीडो के बाद जीएसटी दूसरा टॉरपीडो था, जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने का काम किया।
गौरतलब है कि कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस बैठक में गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा समेत कई बड़े कांग्रेस नेता शामिल हुए, जहां नोटबंदी के एक साल पूरे होने के मौके पर किस तरह मोदी सरकार को घेरा जाए इस पर रणनीति बनी।
यहां उल्लेख कर दें कि आने वाली 8 नवंबर को नोटबंदी को एक साल हो जाएगा। नोटबंदी के कारण जनता को हुई असुविधा को मुद्दा बना कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहती है।
Congress VP Rahul Gandhi briefs the media on the demonetisation and GST shots fired on the economy. November 8 to be observed as #BlackDay. pic.twitter.com/V7563mv7iZ
— Congress (@INCIndia) October 30, 2017


