राहुल का वार, प्रधानमंत्री बताएं मोदी कैसे देश की बैंकिंग प्रणाली से 22 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया
राहुल का वार, प्रधानमंत्री बताएं मोदी कैसे देश की बैंकिंग प्रणाली से 22 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया
नई दिल्ली, 17 फरवरी। पीएनबी बैंकिंग धोखाधड़ी मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उन्हें(मोदी) बताना चाहिए कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी कैसे देश की बैंकिंग प्रणाली से 22 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया।
श्री गांधी ने कहा कि घोटाले का 90 प्रतिशत हिस्सा राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन(राजग) के कार्यकाल में हुआ। उन्होंने भाजपा से पूछा कि इस पूरे प्रकरण में किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।
राहुल ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा,
"यह आठ नवंबर, 2016 को तब शुरू हुआ, जब मोदीजी ने 500 और 1000 रुपये के नोट को अमान्य घोषित कर दिया था। उन्होंने आम लोगों की जेब से सभी पैसे लेकर बैंकिंग प्रणाली में डाल दिया। आश्चर्य की बात है कि मोदीजी(नीरव मोदी) 22 हजार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गए। प्रधानमंत्री एक घंटा 45 मिनट तक विद्यार्थियों को सिखाते हैं कि परीक्षा कैसे दें, लेकिन यह नहीं बताते कि जो रुपये लेकर नीरव मोदी भागे हैं, उसका जवाबदेह कौन है।"
इस मामले पर प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,
"कई मंत्री सामने आए, सामाजिक न्याय मंत्री, रक्षामंत्री सामने आईं। लेकिन वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्होंने इसपर एक शब्द नहीं बोला।"
एक बैठक में हुई चर्चा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्तर का, 22 हजार करोड़ रुपये का घोटाला, जिसे प्रधानमंत्री मोदी नजरअंदाज कर रहे हैं, वह उच्चस्तरीय संरक्षण के बगैर नहीं हो सकता।
राहुल ने कहा,
"सरकार के लोगों को निश्चित तौर पर इसके बारे में पहले से मालूम होगा। नहीं तो, यह संभव नहीं है, क्योंकि राशि बहुत बड़ी है।"
उन्होंने कहा,
"लेकिन अब प्रधामंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। उन्हें आगे आकर इन सवालों का जवाब देना होगा। यह कब हुआ और कैसे हुआ? हमें पता चला है कि प्रधानमंत्री कार्यालय को नीरव मोदी को पैसा दिए जाने से पहले ही इस बारे में पता चल चुका था। लेकिन इसपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए प्रधानमंत्री को देश को इस बारे में विस्तार से बताना चाहिए।"
उनके नीरव मोदी के साथ संबंध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,
"वे लोग देश को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है। प्रश्न है कि नीरव मोदी 22 हजार करोड़ रुपये लेकर भाग गया है। प्रधानमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसा कैसे और क्यों हुआ और वह इस बारे में अब क्या करने वाले हैं।"
यह पूछे जाने पर कि यह सब 2011 में शुरू हुआ था? राहुल ने कहा,
"नहीं ऐसा नहीं था, अधिकांश घोटाला मई 2015 में शुरू हुआ और 90 प्रतिशत वित्तीय लेन-देन इस सरकार के कार्यकाल में किया गया। यह सरकार लगातार जिम्मेदारी से भाग रही है।"
8 नवम्बर को घोटाले की शुरुआत हुई जब मोदी जी ने 500 और 1000 रुपये का नोट बंद कर दिया। 22000 करोड़ का घोटाला बिना शीर्ष स्तर के संरक्षण के बिना हो ही नहीं सकता। : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी pic.twitter.com/13nXO1ft24
— Congress (@INCIndia) February 17, 2018
Instead of spending an hour and a half explaining to little kids how to take exams he should explain to the people of India what is going to be done to this Mr Nirav Modi and what is he going to do to make sure that the banking system is safe. : Congress President Rahul Gandhi pic.twitter.com/77jDqNrrvf
— Congress (@INCIndia) February 17, 2018
This Govt constantly refuses to accept responsibility: Congress President Rahul Gandhi on the Nirav Modi banking scam. pic.twitter.com/c2NYdTaF3f
— Congress (@INCIndia) February 17, 2018


