राहुल ने तत्ववाद की बात कह के क्या गुनाह किया ? संबित पात्रा क्यों झूठों चीख रहा है ?
राहुल ने तत्ववाद की बात कह के क्या गुनाह किया ? संबित पात्रा क्यों झूठों चीख रहा है ?
राहुल ने तत्ववाद की बात कह के क्या गुनाह किया ? संबित पात्रा क्यों झूठों चीख रहा है ?
राहुल ने सीरिया में आइसिस के उत्थान को इराक में अमेरिकी साम्राज्यवाद के हमले और उसकी शासन की नीतियों से जोड़ कर दुनिया की समस्याओं के बारे में एक गहरी अन्तर्दृष्टि का परिचय दिया है। साधुवाद !
सारी दुनिया में आतंकवाद के फैलाव के मूल में आर्थिक वंचनाओं के कारणों की चर्चा करके राहुल गांधी ने इस समस्या को बिल्कुल सही पहचाना है। इसके लिये वे तहे दिल से साधुवाद के पात्र हैं।
चैनलों पर राहुल को बचकाना (naive) कहने की होड़ रहती है। जो खुद ऐसे पशु हैं कि अपनी नाक के आगे नहीं देख पाते हैं, सोचते हैं ओसामा बिन लादेन आया और अल कायदा या आइसिस बन गया, वे कैसे अमेरिकी साम्राज्यवाद और सामाजिक विषमताओं को दुनिया में आतंकवाद के उत्स के रूप में देखने की राहुल की बात को समझेंगे ! चैनलों की बहसें पशुओं के बाड़ों के निरर्थक शोर से अधिक कोई मायने नहीं रखती हैं।
यह सच है कि आधुनिकता के प्रकल्प की विफलताएं ही तत्ववाद की जमीन तैयार करती हैं। हैम्बर्ग में राहुल ने इस बात को कह के क्या गुनाह किया ? जब कोई राष्ट्र को सही दिशा नहीं देगा तो गलत लोग राष्ट्र की रास थाम लेंगे। संबित पात्र क्यों झूठों चीख रहा है ?
राहुल ने भारत में भीड़ के द्वारा बढ़ रही हत्याओं के मूल में नोटबंदी और जीएसटी की बदइंतजामियों से पैदा हुई व्यापक बेरोजगारी की बिल्कुल सही शिनाख्त की है । इस पर भाजपा का चिल्लाना उसकी बदहवासी का सबूत है ।


