वाम दलों की मांग- कन्हैया को रिहा करो, झूठे सबूत गढ़ने वालों पर हो कार्रवाई
वाम दलों की मांग- कन्हैया को रिहा करो, झूठे सबूत गढ़ने वालों पर हो कार्रवाई
कन्हैया को रिहा करो
झूठे सबूत गढ़ने वालों पर हो कार्रवाई
नई दिल्ली, 19 फरवरी। छह वामपंथी दलों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के नेता कन्हैया कुमार की रिहाई की मांग करते हुए उन लोगों को दंडित करने को कहा, जिनके 'झूठे सबूत' के आधार पर कन्हैया को गिरफ्तार किया गया।
वाम दलों ने कहा है कि यह गिरफ्तारी 'देश में सांप्रदायिक धुव्रीकरण तेज करने के प्रयास का एक हिस्सा है।'
इस संबंध में एक संयुक्त बयान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी-लेनिनवादी-लिबरेशन और सोशलिस्ट युनिटी सेंटर ऑफ इंडिया-कम्युनिस्ट की ओर से जारी किया गया है।
बयान में कहा गया है,
"कन्हैया कुमार को तुरंत रिहा किया जाए और छात्रों के खिलाफ दर्ज देशद्रोह के आरोप वापस लिए जाएं। किसी तरह का उत्पीड़न या डराने-धमकाने की कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।"
बयान के मुताबिक,
"अब यह सच सामने आ गया है कि सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए अधिकांश सबूत झूठे और गढ़े हुए थे। जिन्होंने ये झूठे सबूत गढ़े और इन्हें प्रचारित किया, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।"
वामपंथी पार्टियों ने कहा कि वे 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-भारतीय जनता पार्टी द्वारा वाम दलों और दूसरी प्रगतिशील ताकतों के खिलाफ किए गए हमले की निन्दा करते हैं।"
उन्होंने कहा कि जेएनयू के खिलाफ यह कार्रवाई सांप्रदायिक ताकतों द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में अपने एजेंडे को लागू करने की साजिश का एक हिस्सा है।
वामपंथी दलों ने कहा कि वे इस मुद्दे पर 23-25 फरवरी को अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे।


