चुनाव लड़ने के बजाय मंत्री-विधायक पैसा कमाने में लगे रहे- मुलायम सिंह यादव
नई दिल्ली ! चुनाव लड़ने के बजाय सपा के मंत्री-विधायक पैसा कमाने में लगे रहे और सपा गूंगों की पार्टी बन कर रह गई है।
यह बात हम नहीं कह रहे, विपक्षी दल भी नहीं कह रहे बल्कि उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव कह रहे हैं।
मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगाई है। मुलायम ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार ने बहुत काम किया है, लेकिन जनता को बताने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा गूंगों की पार्टी बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि नेता व कार्यकर्ता अगर पार्टी मुख्यालय में रहेंगे तो चुनाव कौन जिताएगा? उन्होंने गुस्से में यहां तक चेतावनी दी कि अगर एमएलसी चुनाव हार गए तो इन लोगों को पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा।

प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी और नारद राय पर भी गुस्सा उतारा। उन्होंने कहा, "जब मैं बोल रहा हूं तो दोनों बस मुझसे मिलकर चले गए। ये जनता के बीच रहना ही नहीं चाहते।"
मुलायम सिंह ने कहा कि अंबिका ने युवाओं को गुंडा बदमाश कह डाला, जिसका नतीजा हुआ कि वह विधानसभा चुनाव हार गए।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित खबर के मुताबिक मुलायम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सपा सरकार ने बेहतर काम किया है। ये बात कोई जनता के बीच जाकर बोलता ही नहीं है। लगता है, समाजवादी पार्टी गूंगों की पार्टी हो गई है।
मुलायम सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में इन लोगों ने मेरा नाश कर दिया। परिवार के केवल पांच लोग जीते। अगर 35 से 40 सीटें आती तो दिल्ली में हमारी सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता था।
सपा मुखिया ने कहा कि चुनाव समीक्षा के बाद ये बात सामने आई थी कि मंत्रियों और विधायकों की वजह से हार हुई है। चुनाव लड़ने के बजाय तो मंत्री-विधायक पैसा कमाने में लगे रहे।
उन्होंने पार्टी के लोगों से कहा कि मोदी को जनता ही हटा सकती है, जनता के बीच जाओ, तभी जीत होगी। मुलायम सिंह ने चुनौती देते हुए कहा, "हम जब सीएम थे तो 31 सीटें जीते थे, अब इससे ज्यादा जिताओ तो मानें।"
मुलायम ने कहा, "अगर जनता के बीच रहोगे तो 36 सीटें जीत सकते हो, क्षेत्र में नहीं जाओगे तो चालाक लोग चुनाव हरा देंगे।"
उन्होंने पार्टी के नेताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि एमएलसी चुनाव तक पार्टी कार्यलय में कोई नजर नहीं आना चाहिए। अब सरकार बनाने के लिए मेहनत करना होगा।